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Kushinagar News: शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 12 Jun 2026 02:38 AM IST
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कसया। महर्षि अरविंद विद्या मंदिर में आयोजित नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के दसवें दिन का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
मुख्य अतिथि संभाग निरीक्षण आजमगढ़ दिवाकर राम त्रिपाठी ने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार में आचार्य की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। बदलते समय के साथ शिक्षकों को नई तकनीकों को अपनाते हुए शिक्षण कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आचार्य को प्रतिदिन नई पाठ योजना तैयार कर कक्षा में प्रवेश करना चाहिए और शिक्षण के प्रति सदैव अद्यतन रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही आचार्यों का समाज एवं अभिभावकों के साथ सतत संपर्क होना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहयोग मिल सके।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश निरीक्षक जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रदेश, जियालाल और संचालन फणींद्र नाथ झा ने किया। इस दौरान रणजीत उपाध्याय, मनोज श्रीवास्तव, महेंद्र पाण्डेय आदि मौजूद रहे। संवाद
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मुख्य अतिथि संभाग निरीक्षण आजमगढ़ दिवाकर राम त्रिपाठी ने कहा कि शैक्षिक गुणवत्ता के सुधार में आचार्य की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। बदलते समय के साथ शिक्षकों को नई तकनीकों को अपनाते हुए शिक्षण कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आचार्य को प्रतिदिन नई पाठ योजना तैयार कर कक्षा में प्रवेश करना चाहिए और शिक्षण के प्रति सदैव अद्यतन रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही आचार्यों का समाज एवं अभिभावकों के साथ सतत संपर्क होना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहयोग मिल सके।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश निरीक्षक जन शिक्षा समिति गोरक्ष प्रदेश, जियालाल और संचालन फणींद्र नाथ झा ने किया। इस दौरान रणजीत उपाध्याय, मनोज श्रीवास्तव, महेंद्र पाण्डेय आदि मौजूद रहे। संवाद