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Kushinagar News: खत्म हो रहा सीजन, नहीं खुला स्विमिंग पूल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:15 AM IST
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पडरौना। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में बना स्विमिंग पूल पूरे सीजन तैराकों का इंतजार करता रह गया। सीजन खत्म होने को है, लेकिन न तो लर्निंग स्विमिंग पूल हैंडओवर हो सका है और न ही बड़ा स्विमिंग पूल चालू हो पाया। स्टेडियम प्रशासन की उदासीनता के चलते बच्चों और युवाओं का तैराकी सीखने का सपना अधूरा रह गया है। हर साल एक अप्रैल से 30 सितंबर तक गुलजार रहने वाला स्विमिंग पूल इस बार सूना पड़ा है।
करोड़ों की लागत से बना स्विमिंग पूल पूरे गर्मी में बंद पड़ा रह गया। एक अप्रैल से चालू होने वाला स्विमिंग कैंप इस बार अब तक शुरू नहीं हो सका। स्टेडियम में बच्चों के लिए अलग से लर्निंग स्विमिंग पूल बनाया गया है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से तैराकी सीख सकें। निर्माण कार्य पूरा हुए महीनों बीत गए, लेकिन विभाग ने अब तक इसे हैंडओवर ही नहीं लिया। नतीजा, छोटे बच्चों के लिए बना पूल पानी के अभाव में सूखा पड़ा है। स्टेडियम का मुख्य स्विमिंग पूल भी पिछले इस सीजन की शुरुआत से ही बंद है।
स्वीमिंग पूल में लगी टाइल्स क्षतिग्रस्त होने समेत अन्य मरम्मत के कार्य नहीं होने से उसे भी अब तक चालू नहीं किया गया है। बीते वर्षों में यहां करीब 500 बच्चे और युवा तैराकी सीखने आते थे। खिलाड़ियों का आरोप है कि स्टेडियम के अधिकारियों ने समय रहते पूल चालू कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिला क्रीड़ा अधिकारी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
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तैराक अमित सिंह ने कहा कि गर्मी में तैराकी सबसे अच्छी कसरत है। हम लोग अप्रैल से ही इंतजार कर रहे थे। अब सीजन खत्म हो रहा है। अभिभावक रेनू देवी ने बताया कि बच्चों की गर्मी की छुट्टियां बेकार चली गईं। सरकार करोड़ों खर्च करती है, पर उसका लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है।
वर्जन
लर्निंग पूल के हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है। बड़े पूल की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। मरम्मत कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही मरम्मत कार्य पूरा कर बड़े स्वीमिंग पूल को चालू करा दिया जाएगा। -प्रवेश कुमार रावत, क्रीड़ाधिकारी
करोड़ों की लागत से बना स्विमिंग पूल पूरे गर्मी में बंद पड़ा रह गया। एक अप्रैल से चालू होने वाला स्विमिंग कैंप इस बार अब तक शुरू नहीं हो सका। स्टेडियम में बच्चों के लिए अलग से लर्निंग स्विमिंग पूल बनाया गया है, ताकि वे सुरक्षित तरीके से तैराकी सीख सकें। निर्माण कार्य पूरा हुए महीनों बीत गए, लेकिन विभाग ने अब तक इसे हैंडओवर ही नहीं लिया। नतीजा, छोटे बच्चों के लिए बना पूल पानी के अभाव में सूखा पड़ा है। स्टेडियम का मुख्य स्विमिंग पूल भी पिछले इस सीजन की शुरुआत से ही बंद है।
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स्वीमिंग पूल में लगी टाइल्स क्षतिग्रस्त होने समेत अन्य मरम्मत के कार्य नहीं होने से उसे भी अब तक चालू नहीं किया गया है। बीते वर्षों में यहां करीब 500 बच्चे और युवा तैराकी सीखने आते थे। खिलाड़ियों का आरोप है कि स्टेडियम के अधिकारियों ने समय रहते पूल चालू कराने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिला क्रीड़ा अधिकारी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।
तैराक अमित सिंह ने कहा कि गर्मी में तैराकी सबसे अच्छी कसरत है। हम लोग अप्रैल से ही इंतजार कर रहे थे। अब सीजन खत्म हो रहा है। अभिभावक रेनू देवी ने बताया कि बच्चों की गर्मी की छुट्टियां बेकार चली गईं। सरकार करोड़ों खर्च करती है, पर उसका लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है।
वर्जन
लर्निंग पूल के हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है। बड़े पूल की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत हो गया है। मरम्मत कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही मरम्मत कार्य पूरा कर बड़े स्वीमिंग पूल को चालू करा दिया जाएगा। -प्रवेश कुमार रावत, क्रीड़ाधिकारी