{"_id":"6a6e5b1732ebba77350f98f8","slug":"there-should-be-no-negligence-in-the-redressal-of-complaints-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1019-164921-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: शिकायतों के निस्तारण में न हो लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: शिकायतों के निस्तारण में न हो लापरवाही
Sun, 02 Aug 2026 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 02 Aug 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाटा। तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम और एसपी ने लोगों की फरियाद सुनी। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत का संतोषजनक समाधान होना चाहिए, जिससे शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
संपूर्ण समाधान दिवस में आए 67 मामलों में से मौके पर आठ का निस्तारण हो सका। समाधान की उम्मीद लेकर आए 59 लोगों को मायूसी हाथ लगी। उन्हें आश्वासन लेकर लौटना पड़ा। डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार के समक्ष राजस्व से जुड़े 41 मामले आए। इनमें आठ शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। 33 मामले लंबित रहे। पुलिस के 12, विकास के चार, समाज कल्याण विभाग के एक और अन्य विभागों के नौ मामले आए। इसमें से एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रत्येक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर शिकायत का संतोषजनक समाधान होना चाहिए, जिससे शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
विज्ञापन
संपूर्ण समाधान दिवस में आए 67 मामलों में से मौके पर आठ का निस्तारण हो सका। समाधान की उम्मीद लेकर आए 59 लोगों को मायूसी हाथ लगी। उन्हें आश्वासन लेकर लौटना पड़ा। डीएम महेंद्र सिंह तंवर और एसपी केशव कुमार के समक्ष राजस्व से जुड़े 41 मामले आए। इनमें आठ शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। 33 मामले लंबित रहे। पुलिस के 12, विकास के चार, समाज कल्याण विभाग के एक और अन्य विभागों के नौ मामले आए। इसमें से एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हुआ।
विज्ञापन