Lakhimpur Kheri: आरक्षण दिवस पर बामसेफ का क्लस्टर अधिवेशन, संविधान चेतना रैली में गूंजे सामाजिक न्याय के नारे
लखीमपुर खीरी में बामसेफ ने रविवार को 'लोक महोत्सव आरक्षण दिवस' मनाया। इस अवसर पर एक क्लस्टर अधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम से पहले शहर में संविधान चेतना रैली निकाली गई।
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लखीमपुर खीरी में बामसेफ ने रविवार को 'लोक महोत्सव आरक्षण दिवस' मनाया। इस अवसर पर एक क्लस्टर अधिवेशन आयोजित किया गया। भारतीय संविधान के सम्मान में शहीद नसीरुद्दीन मेमोरियल हॉल में यह कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम से पहले संगठन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर संविधान चेतना रैली निकाली। इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने कई नारे लगाए। इनमें 'देश का जिससे है स्वाभिमान, वह है भारत का संविधान' प्रमुख था। 'आर्टिकल-1 की क्या पहचान, इंडिया भारत देश का नाम' का नारा भी गूंजा। कार्यकर्ताओं ने 'चारों ओर एक ही शोर, बीएस-4, बीएस-4' तथा 'मानवतावाद हो आबाद' जैसे नारे भी लगाए। रैली का उद्देश्य संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, सामाजिक न्याय का संदेश भी दिया गया। रैली के बाद विलोबी मेमोरियल हॉल में क्लस्टर अधिवेशन आयोजित हुआ।
वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम का उद्घाटन सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. नंदलाल वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान प्रदान करता है। वर्मा ने सामाजिक समरसता और शिक्षा से समाज को सशक्त बनाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक पॉलीटेक्निक सुरेंद्र प्रसाद ने आरक्षण को सामाजिक न्याय का सांविधानिक माध्यम बताया। उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल्यों को समझकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की।
अधिवेशन में चर्चा
अधिवेशन में सामाजिक न्याय के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। सांविधानिक अधिकारों को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया। आरक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। बामसेफ जिलाध्यक्ष शिवमान मौर्य भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।