Lakhimpur Kheri: नेपाल सरकार के नए कर नियम से व्यापारिक संकट, पलिया में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी के पलिया में व्यापारियों ने नेपाल सरकार के कड़े प्रतिबंधों के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। इन प्रतिबंधों के कारण सीमावर्ती व्यापार 50 फीसदी से अधिक गिर गया है।
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भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सरकार द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के कारण व्यापारिक मंडियों में सन्नाटा पसरा है। लखीमपुर खीरी की तहसील पलिया के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। इसके विरोध में व्यापारियों ने बृहस्पतिवार को पलिया में जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विदेश मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
नेपाल की वर्तमान सरकार ने भारत के खिलाफ कई नई नीतियां लागू की हैं। अब सीमा पार से आने वाले नेपाली नागरिक यदि भारत से 100 रुपये से अधिक का घरेलू सामान ले जाते हैं, तो उन पर भारी कर (भंसार) वसूला जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इस नीति के कारण सीमावर्ती बाजारों का व्यापार 50 फीसदी से भी अधिक गिर चुका है।
बनगंवा, सूड़ा, चंदनचौकी, बसही, खजुरिया, संपूर्णानगर और तिकुनिया जैसी प्रमुख मंडियों में लाखों व्यापारियों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। व्यापारियों ने कहा कि भारत हमेशा बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए नेपाल को आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति करता रहा है। इसके बावजूद नेपाल सरकार का यह रुख दोनों देशों के प्राचीन संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
व्यापारियों की मांग
नगर व्यापार मंडल पलिया के कंछल और श्याम बिहारी गुट के नेतृत्व में बनगंवा, संपूर्णानगर और तिकुनिया व्यापार मंडल ने पलिया में जुलूस निकाला। उन्होंने नारेबाजी करते हुए विधायक रोमी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपे। व्यापारियों ने मांग की है कि भारत सरकार नेपाल सरकार से वार्ता कर 100 रुपये वाली सीमा को तत्काल हटवाए। वे पूर्व की तरह कर मुक्त व्यापारिक व्यवस्था बहाल करने की अपील कर रहे हैं।
बनगंवा मंडी पर असर
गौरीफंटा स्थित बनगंवा मंडी नेपाल सरकार के नए कर नियमों से सबसे अधिक प्रभावित हुई है। यह मंडी बृहस्पतिवार को पूरी तरह बंद रही। यहां के दुकानदारों ने विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बंद रखीं। इस मंडी में कारोबार आधे से भी कम हो गया है, जिससे व्यापारियों में भारी निराशा है।