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Lakhimpur Kheri News: बाढ़ आने से पहले ही बह रहे बचाव के दावे
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:58 PM IST
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लखीमपुर खीरी। हर वर्ष बाढ़ की मार झेलने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा के लिए स्वीकृत 12 बाढ़ बचाव परियोजनाओं को लेकर बाढ़ खंड के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों ने इन कार्यों को 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन समयसीमा बीतने के बाद भी कई स्थानों पर कार्य अधूरे हैं। मानसून की दस्तक के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में शारदा, घाघरा, मोहाना, सुहेली समेत कई नदियां हर वर्ष तबाही मचाती हैं। कटान और बाढ़ से बचाव के लिए इस बार 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। शारदानगर बाढ़ खंड के अंतर्गत ऐरा पुल से अम्बरपुर तटबंध के किमी 2.600 पर 3.93 करोड़ रुपये की लागत से 165 मीटर लंबे स्पर का पुनरोद्धार कराया जा रहा है।
विभाग का दावा है कि यह कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, जबकि मौके पर कार्य 70 प्रतिशत भी पूरा नहीं दिख रहा। निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत लालपुर के मजरा चंदनपुरवा में 70 मीटर लंबाई में बंधा मरम्मत कार्य भी कराया जा रहा है।
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डीएम अंजनी कुमार सिंह इन दोनों कार्यों का निरीक्षण कर समय पर पूरा कराने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है।इसके अलावा घाघरा नदी के दाएं किनारे सुजानपुर और उसके मजरों को बचाने के लिए 7.71 करोड़ रुपये की लागत से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य भी करीब 70 प्रतिशत के आसपास बताया जा रहा है।
बल्लूपुरवा सहित अन्य गांवों को बचाने के लिए 3.49 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षात्मक कार्य तथा मोहाना/कौडियाला के दाएं किनारे 4.90 करोड़ रुपये से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है।
घाघरा नदी के दाएं किनारे सरैया कला, चिडियापुरवा और वीरसिंहपुर को बचाने के लिए पूर्व में कराए गए कार्यों का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है। इस पर करीब 3.11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी तरह 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
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बाढ़ बचाव की 12 परियोजनाओं का काम चल रहा है। इनमें पांच परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। शेष परियोजनाओं का काम भी 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिसे जल्द शत-प्रतिशत पूरा करा लिया जाएगा।
- अजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
जिले में शारदा, घाघरा, मोहाना, सुहेली समेत कई नदियां हर वर्ष तबाही मचाती हैं। कटान और बाढ़ से बचाव के लिए इस बार 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। शारदानगर बाढ़ खंड के अंतर्गत ऐरा पुल से अम्बरपुर तटबंध के किमी 2.600 पर 3.93 करोड़ रुपये की लागत से 165 मीटर लंबे स्पर का पुनरोद्धार कराया जा रहा है।
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विभाग का दावा है कि यह कार्य 90 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, जबकि मौके पर कार्य 70 प्रतिशत भी पूरा नहीं दिख रहा। निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत लालपुर के मजरा चंदनपुरवा में 70 मीटर लंबाई में बंधा मरम्मत कार्य भी कराया जा रहा है।
डीएम अंजनी कुमार सिंह इन दोनों कार्यों का निरीक्षण कर समय पर पूरा कराने के निर्देश दे चुके हैं, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है।इसके अलावा घाघरा नदी के दाएं किनारे सुजानपुर और उसके मजरों को बचाने के लिए 7.71 करोड़ रुपये की लागत से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य भी करीब 70 प्रतिशत के आसपास बताया जा रहा है।
बल्लूपुरवा सहित अन्य गांवों को बचाने के लिए 3.49 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षात्मक कार्य तथा मोहाना/कौडियाला के दाएं किनारे 4.90 करोड़ रुपये से कटानरोधी कार्य कराया जा रहा है।
घाघरा नदी के दाएं किनारे सरैया कला, चिडियापुरवा और वीरसिंहपुर को बचाने के लिए पूर्व में कराए गए कार्यों का पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है। इस पर करीब 3.11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी तरह 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
बाढ़ बचाव की 12 परियोजनाओं का काम चल रहा है। इनमें पांच परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। शेष परियोजनाओं का काम भी 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिसे जल्द शत-प्रतिशत पूरा करा लिया जाएगा।
- अजय कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड