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खरीफ बोआई से पहले गहरी जुताई करें किसान : डीडी कृषि
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 31 May 2026 11:09 PM IST
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लखीमपुर खीरी। उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने खरीफ फसलों की बोआई से पहले किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने किसानों से गर्मी में खेतों की गहरी जुताई करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे मिट्टी की संरचना और जलधारण क्षमता में सुधार होता है।
उन्होंने बताया कि सतही जुताई से जमीन के नीचे सख्त परत बन जाती है, जो पानी को नीचे जाने से रोकती है। इससे पौधों की जड़ें भी गहराई तक नहीं फैल पातीं। गहरी जुताई से खेतों में पानी रोकने की क्षमता 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। साथ ही मिट्टी में वायु संचार बेहतर होने से हानिकारक कीट तेज धूप में नष्ट हो जाते हैं और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च भी कम होता है।
उप कृषि निदेशक ने कहा कि गहरी जुताई भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायक है। खरीफ फसलों की बोआई से पहले भूमि शोधन और बीज शोधन अवश्य करें। किसानों को मृदा परीक्षण कराने तथा उसकी संस्तुतियों के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।
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उन्होंने बताया कि सतही जुताई से जमीन के नीचे सख्त परत बन जाती है, जो पानी को नीचे जाने से रोकती है। इससे पौधों की जड़ें भी गहराई तक नहीं फैल पातीं। गहरी जुताई से खेतों में पानी रोकने की क्षमता 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। साथ ही मिट्टी में वायु संचार बेहतर होने से हानिकारक कीट तेज धूप में नष्ट हो जाते हैं और कीटनाशकों पर होने वाला खर्च भी कम होता है।
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उप कृषि निदेशक ने कहा कि गहरी जुताई भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायक है। खरीफ फसलों की बोआई से पहले भूमि शोधन और बीज शोधन अवश्य करें। किसानों को मृदा परीक्षण कराने तथा उसकी संस्तुतियों के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।