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Lakhimpur Kheri News: जनधन योजना की रफ्तार थमी, 1.67 लाख खाते शून्य बैलेंस पर
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 27 Mar 2026 12:11 AM IST
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शहर की कचेहरी रोड स्थित इंडियन बैंक (लीड बैंक)। संवाद
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लखीमपुर खीरी। जिले में प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुले लाखों बैंक खातों में अब सुस्ती साफ नजर आने लगी है। करीब 1.67 लाख खाते शून्य बैलेंस पर चल रहे हैं, जबकि 2.90 लाख खातों में आधार सीडिंग अधूरी है। इससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक सीधे लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिले में वर्ष 2014 से अब तक करीब 20.53 लाख जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें लगभग 89.03 करोड़ रुपये की धनराशि जमा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में खाते निष्क्रिय हो चुके हैं। बैंक अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन्हीं निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि निष्क्रिय खातों के चलते सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी, पेंशन और अन्य लाभों के वितरण में भी दिक्कत आ सकती है। संवाद
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खाता निष्क्रिय होने के ये हैं कारण
एक व्यक्ति के कई बैंकों में खाते होना।
लंबे समय तक लेन-देन न होना।
खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार की उदासीनता।
नौकरी या स्थान परिवर्तन के कारण खाता उपयोग बंद होना।
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दो खाते हैं, एक ही चला रहे
पहले से एक बैंक में खाता था, उसी समय जनधन खाता भी खुलवा लिया। अब पेंशन दूसरे खाते में आ रही है, इसलिए वही सक्रिय है। दूसरा खाता बंद जैसा हो गया है।
-सुनील गुप्ता, खाताधारक
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आर्थिक तंगी में खाता चलाना मुश्किल
परिवार की जिम्मेदारियों के चलते बैंक में पैसे जमा कर पाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में खाता नियमित रूप से संचालित नहीं हो पाता।
-शहनाज, महराजनगर
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योजना की स्थिति
कुल बैंक : 23
कुल शाखाएं : 355
कुल जनधन खाते : 20,53,303
कुल जमा धनराशि : 89.03 करोड़ रुपये
जीरो बैलेंस खाते : 1,67,090
बिना आधार सीडिंग : 2,90,301
-- -- -- -- -- -- -- -- -खातों को सक्रिय बनाए रखने के लिए सभी शाखा प्रबंधकों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लोगों को डिजिटल बैंकिंग और योजनाओं के लाभ के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-अशोक कुमार गुप्ता, एलडीएम
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जिले में वर्ष 2014 से अब तक करीब 20.53 लाख जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें लगभग 89.03 करोड़ रुपये की धनराशि जमा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में खाते निष्क्रिय हो चुके हैं। बैंक अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन्हीं निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करना है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि निष्क्रिय खातों के चलते सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी, पेंशन और अन्य लाभों के वितरण में भी दिक्कत आ सकती है। संवाद
खाता निष्क्रिय होने के ये हैं कारण
एक व्यक्ति के कई बैंकों में खाते होना।
लंबे समय तक लेन-देन न होना।
खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार की उदासीनता।
नौकरी या स्थान परिवर्तन के कारण खाता उपयोग बंद होना।
दो खाते हैं, एक ही चला रहे
पहले से एक बैंक में खाता था, उसी समय जनधन खाता भी खुलवा लिया। अब पेंशन दूसरे खाते में आ रही है, इसलिए वही सक्रिय है। दूसरा खाता बंद जैसा हो गया है।
-सुनील गुप्ता, खाताधारक
आर्थिक तंगी में खाता चलाना मुश्किल
परिवार की जिम्मेदारियों के चलते बैंक में पैसे जमा कर पाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में खाता नियमित रूप से संचालित नहीं हो पाता।
-शहनाज, महराजनगर
योजना की स्थिति
कुल बैंक : 23
कुल शाखाएं : 355
कुल जनधन खाते : 20,53,303
कुल जमा धनराशि : 89.03 करोड़ रुपये
जीरो बैलेंस खाते : 1,67,090
बिना आधार सीडिंग : 2,90,301
-अशोक कुमार गुप्ता, एलडीएम