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Lakhimpur Kheri News: तेंदुए की दहशत से थमी रात की रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 10 Feb 2026 11:12 PM IST
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निघासन। झंडी चौकी क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मिल रही सूचनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पचपेड़ी गांव में एक मासूम की संदिग्ध मौत के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। हालात यह हैं कि ग्रामीण रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने को मजबूर हैं।
तेंदुए की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने इलाके में निगरानी और तेज कर दी है। सोमवार रात वन विभाग की टीम ने गांव के आसपास संभावित आवाजाही वाले स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए। हालांकि अब तक किसी भी कैमरे में तेंदुए की स्पष्ट तस्वीर कैद नहीं हो सकी है, लेकिन वनकर्मी खेतों, झाड़ियों और झोंपड़ियों के आसपास पैदल गश्त कर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय खेतों की ओर जाना अब जोखिम भरा हो गया है। एहतियात के तौर पर लोग बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। कई परिवारों ने सुरक्षा के मद्देनजर रात में सामूहिक रूप से एक ही स्थान पर रहने का फैसला किया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। कैमरों और गश्त के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को लाउडस्पीकर और व्यक्तिगत रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जंगली जानवर के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
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तेंदुए की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने इलाके में निगरानी और तेज कर दी है। सोमवार रात वन विभाग की टीम ने गांव के आसपास संभावित आवाजाही वाले स्थानों पर ट्रैप कैमरे लगाए। हालांकि अब तक किसी भी कैमरे में तेंदुए की स्पष्ट तस्वीर कैद नहीं हो सकी है, लेकिन वनकर्मी खेतों, झाड़ियों और झोंपड़ियों के आसपास पैदल गश्त कर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय खेतों की ओर जाना अब जोखिम भरा हो गया है। एहतियात के तौर पर लोग बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। कई परिवारों ने सुरक्षा के मद्देनजर रात में सामूहिक रूप से एक ही स्थान पर रहने का फैसला किया है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधि से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। कैमरों और गश्त के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को लाउडस्पीकर और व्यक्तिगत रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जंगली जानवर के दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।