Lakhimpur Kheri: वन विभाग पर भड़के विधायक रोमी साहनी, कहा- तेंदुआ पकड़ने वालों पर मुकदमा नहीं होने दूंगा
लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में ग्रामीणों ने हमलावर तेंदुए को पकड़कर वन विभाग के हवाले किया था। वन विभाग अब उन्हीं ग्रामीणों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। इस पर क्षेत्रीय विधायक रोमी साहनी भड़क गए। उन्होंने कहा कि वह किसी भी हाल में ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज नहीं होने देंगे।
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लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र के ग्राम बेलाकलां में तेंदुए को पकड़ने वाले ग्रामीणों पर वन विभाग द्वारा एफआईआर कराने की तैयारी पर भाजपा विधायक रोमी साहनी भड़क गए। उन्होंने बेलाकलां गांव पहुंचकर ग्रामीणों से कहा कि वे न घबराएं। मुकदमा नहीं होने देंगे चाहे उनको जान भी देनी पड़ जाए। ग्रामीणों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। फिलहाल एफआईआर की सुगबुगाहट से क्षेत्रीय राजनीति में उबाल ला दिया है।
दरअसल मंगलवार को 24 मार्च को बेलाकलां गांव में एक तेंदुए ने मजदूरों पर हमला कर दिया था, जिसमें दो लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। उस वक्त ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लाठी-डंडों के सहारे तेंदुए की घेराबंदी की और उसे पकड़कर बांध दिया था। मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक भी हुई थी। ग्रामीणों ने घायलों को तत्काल इलाज के लिए मुआवजे की मांग को लेकर तेंदुए को सौंपने से मना कर दिया था।
ग्रामीणों से मिले विधायक
बाद में वन विभाग की ओर से घायलों को तत्काल दस दस हजार रुपये की मदद देने पर तेंदुए को टीम के हवाले किया गया। इसके बाद खबर फैली कि वन विभाग तेंदुए को पकड़ने वाले ग्रामीणों को चिह्नित कर एफआईआर की तैयारी कर रहा है तो ग्रामीणों में रोष फैल गया। यह खबर विधायक रोमी साहनी तक पहुंची तो वह बृहस्पतिवार को सीधे बेलाकलां गांव पहुंचे। ग्रामीणों के बीच बैठकर विधायक ने उन्हें ढाढ़स बंधाया और साफ लहजे में कहा कि मुझे आप लोगों ने विधायक बनाया है। मैं अपना सब कुछ आपके हवाले कर दूंगा लेकिन आप लोगों पर मुकदमा नहीं होने दूंगा।
उन्होंने आगे कहा कि अगर ग्रामीणों पर आंच आई तो वे लखीमपुर में बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। कहा कि तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला किया था न कि ग्रामीणों ने, फिर यह कैसा इंसाफ है। विधायक ने कहा कि ग्रामीणों की हौसला अफजाई करने की बजाय विभाग मुकदमे की बात कर रहा है। विधायक ने तेंदुए के हमले में घायल हुए ग्रामीण को मौके पर ही नकद आर्थिक सहायता दी।
डीएफओ के वायरल वीडियो ने बढ़ाई तल्खी
मामला तब बिगड़ा जब जिले की डीएफओ कीर्ति चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। बताया गया है कि वीडियो में डीएफओ ने उन ग्रामीणों को चिह्नित करने की बात करते हुए मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। इस खबर ने गांववालों के बीच डर और आक्रोश पैदा कर दिया।