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Lakhimpur Kheri News: मेडिकल कॉलेज में जांचों की व्यवस्था चरमराई
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:46 AM IST
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जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में बंद पड़ी थायराइड मशीन। संवाद
- फोटो : 1
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लखीमपुर/ओयल। मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में जांच व्यवस्था पटरी से उतर गई है। थायराइड जांच की मशीन दो दिन से खराब पड़ी है, जिससे दर्जनों मरीज बिना जांच कराए लौट रहे हैं। बुधवार को बायो केमेस्ट्री मशीन भी कुछ घंटों के लिए ठप रही, जिससे अन्य जरूरी जांचें प्रभावित हुईं।
डॉक्टरों द्वारा जांच लिखे जाने के बावजूद पैथोलॉजी में मशीन खराब होने से मरीजों को मायूस लौटना पड़ रहा है। कई मरीजों ने मजबूरी में निजी लैब का रुख किया, जहां 500-600 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
पैथोलॉजी में रोजाना 25-30 थायराइड जांच होती हैं, जो पिछले दो दिनों से पूरी तरह बंद हैं। जांच कराने पहुंचे परवेश, सुलोचना, अनूप कुमार, गुड्डी बानो, चन्द्रपाली, विमल सिंह, चांदनी देवी और अरुण तिवारी ने बताया कि दूर से आने के बाद भी जांच न होने से परेशानी बढ़ रही है या तो दोबारा चक्कर लगाना पड़ेगा या बाहर पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
बुधवार सुबह बायो केमेस्ट्री मशीन भी अचानक खराब हो गई, जिससे विटामिन बी, बी-12 समेत 15-20 तरह की जांचें रुक गईं। जांच कराने आई इंद्रवती मिश्रा को भी इंतजार करना पड़ा। हालांकि दोपहर करीब दो बजे इंजीनियर ने मशीन ठीक कर दी, जिससे अन्य जांचें शुरू हो सकीं। मरीजों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी अगर ऐसी बुनियादी सुविधाएं ठप रहेंगी तो इलाज प्रभावित होगा।
प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि थायराइड जांच मशीन में तकनीकी खराबी आई है। कंपनी को सूचना दे दी गई है और जल्द ही मशीन को ठीक कराकर जांच शुरू करा दी जाएगी।
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डॉक्टरों द्वारा जांच लिखे जाने के बावजूद पैथोलॉजी में मशीन खराब होने से मरीजों को मायूस लौटना पड़ रहा है। कई मरीजों ने मजबूरी में निजी लैब का रुख किया, जहां 500-600 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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पैथोलॉजी में रोजाना 25-30 थायराइड जांच होती हैं, जो पिछले दो दिनों से पूरी तरह बंद हैं। जांच कराने पहुंचे परवेश, सुलोचना, अनूप कुमार, गुड्डी बानो, चन्द्रपाली, विमल सिंह, चांदनी देवी और अरुण तिवारी ने बताया कि दूर से आने के बाद भी जांच न होने से परेशानी बढ़ रही है या तो दोबारा चक्कर लगाना पड़ेगा या बाहर पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
बुधवार सुबह बायो केमेस्ट्री मशीन भी अचानक खराब हो गई, जिससे विटामिन बी, बी-12 समेत 15-20 तरह की जांचें रुक गईं। जांच कराने आई इंद्रवती मिश्रा को भी इंतजार करना पड़ा। हालांकि दोपहर करीब दो बजे इंजीनियर ने मशीन ठीक कर दी, जिससे अन्य जांचें शुरू हो सकीं। मरीजों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी अगर ऐसी बुनियादी सुविधाएं ठप रहेंगी तो इलाज प्रभावित होगा।
प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि थायराइड जांच मशीन में तकनीकी खराबी आई है। कंपनी को सूचना दे दी गई है और जल्द ही मशीन को ठीक कराकर जांच शुरू करा दी जाएगी।