Lakhimpur Kheri: बाघ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में घुसे चोर, खोल गए गए दो बकरियां
लखीमपुर खीरी के मझगईं वन रेंज क्षेत्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया, जिसमें दो बकरियां बांधी। रात में चोर पिंजरे में घुसे और बकरियां खोल ले गए।
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लखीमपुर खीरी के मझगईं वन रेंज क्षेत्र में जहां एक ओर बाघ की दहशत से ग्रामीणों का घरों से निकलना दूभर है तो दूसरी ओर बेखौफ चोरों ने वन विभाग की नाक में दम कर रखा है। वन कर्मियों ने बाघ को पकड़ने के लिए बेलाकलां गांव के पास लगाए पिंजरे में दो बकरियां बांधी थीं। दोनों बकरियों को चोर खोल ले गए। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीण पहुंचे तो पिंजरा खाली देखकर हैरान रह गए। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
करीब एक सप्ताह पहले बेलाकला गांव के पास गन्ने के खेत में काम कर रहे वाजिद अली पर बाघ ने जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और भय का माहौल रहा। आनन-फानन वन विभाग की टीम ने बाघ को पकड़ने के लिए इलाके में एक बड़ा पिंजरा लगाया।
पिंजरे से बकरियां खोल ले गए चोर
बाघ को ललचाने के लिए पिंजरे के भीतर दो बकरियां भी बांध दीं। बाघ तो पिंजरे में नहीं फंसा लेकिन इलाके में सक्रिय चोरों ने पिंजरे से दोनों बकरियां खोल लीं। वन अधिकारियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। बाघ को पकड़ने के लिए जब भी पिंजरे में बकरी बांधी जाती है तो चोर उसे मौका पाकर खोल ले जाते हैं। विभाग की टीम और ग्रामीण अब बाघ के साथ-साथ चोरों पर भी नजर रख रहे हैं।
शावकों के साथ खेतों में घूम रहे चार तेंदुए
धौरहरा में वन रेंज के कफारा और टेकीकुंडा अमेठी गांवों के आसपास खेतों में शावकों के साथ चार तेंदुओं की मौजूदगी से इलाके में दहशत है। इससे किसान खेतों पर जाने से डर रहे हैं। कफारा गांव निवासी किसान रामलखन निगम और पंकज ने बताया कि तेंदुए ने टेकीकुंडा गांव में बकरी सहित अन्य पशुओं का शिकार किया है। उन्होंने मांग की है कि वन विभाग गश्त बढ़ाकर तेंदुओं को पकड़कर जंगल में छोड़े।
दूसरी तरफ मंगरौली गांव निवासी बुजुर्ग को मारने वाला बाघ अब भी निरंतर पशुओं का शिकार कर रहा है। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए नाइट विजन कैमरे और पिंजरा लगाया, पर बाघ उनकी पकड़ से अब भी दूर है। क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि निगरानी के साथ ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत भी दी जा रही है।
