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Lalitpur News: शहर की तंग गलियों में लाखों का कारोबार,अग्निसुरक्षा के नहीं इंतजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के प्रमुख बाजारों में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, लेकिन आग से सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। कटरा बाजार, सुभाष मार्केट, सुभाषपुरा और नझाई बाजार की तंग गलियों में अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण हालात ऐसे हैं कि किसी अग्निकांड की स्थिति में दमकल वाहन मौके तक पहुंच ही नहीं पाएंगे। इससे हजारों दुकानदारों और ग्राहकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घंटाघर से सावरकर चौक के बीच महावीर प्याऊ के पीछे स्थित कटरा बाजार, कालीजी लाइन, सुभाष मार्केट, साड़ी लाइन और चूड़ी लाइन में प्रतिदिन लाखों-करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इन बाजारों की अधिकांश सड़कें 15 से 20 फीट चौड़ी हैं, लेकिन दुकानों का सामान सड़क तक फैला होने और दोनों ओर वाहनों की पार्किंग के कारण रास्ते बेहद संकरे हो गए हैं।
कटरा बाजार की कालीजी लाइन, चूड़ी लाइन, कठरयाई और लोहा-पीतल बाजार में प्रतिदिन हजारों ग्राहक पहुंचते हैं। बाजार सजते ही सड़कें दुकानों और वाहनों से घिर जाती हैं। ऐसे में किसी दुकान, कॉम्प्लेक्स या भवन में आग लगने पर दमकल वाहनों के पहुंचने में भारी कठिनाई हो सकती है। करीब पांच वर्ष पहले कटरा बाजार में लगी आग के दौरान भी दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। तब फायर ब्रिगेड को दूसरे रास्ते से होकर जाना पड़ा था, इसके बावजूद वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके थे।
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फोटो-16 : बाजार और पार्किंग ने घेरा रास्ता
महावीर प्याऊ के पीछे कटरा बाजार और सुभाष मार्केट जाने वाले मार्ग पर सड़क के बीच तक दुकानें सजी रहती हैं। वहीं, खाली स्थानों पर बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इससे राहगीरों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। अधिकांश दुकानों में अग्निशमन उपकरण भी नहीं हैं।
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फोटो-17 : कालीजी लाइन में सड़क पर सजा कारोबार
कटरा बाजार की कालीजी लाइन में कई दुकानदार सड़क की पटरी तक सामान फैलाकर व्यापार करते हैं। ग्राहकों के वाहन भी सड़क पर खड़े रहते हैं। हालत यह है कि बाइक निकालना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दमकल वाहन पहुंचने की कल्पना भी कठिन है।
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फोटो-18 : चूड़ी लाइन में हर समय रहती है भीड़
चूड़ी लाइन की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। यहां सड़क के बीच अस्थायी दुकानें सजती हैं, जबकि दोनों ओर पक्की दुकानें संचालित होती हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण ग्राहक यहां खरीदारी के लिए आते हैं। भीड़भाड़ के कारण दोपहिया वाहन तक नहीं निकल पाते।
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फोटो-19 : मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी खतरा
प्रधान डाकघर के सामने और नगर पालिका के पीछे इलेक्ट्रॉनिक्स व मोबाइल बाजार में सड़क किनारे ही वाहन खड़े रहते हैं। आसपास कोचिंग संस्थान और घनी आबादी भी है। यहां भी अधिकांश प्रतिष्ठानों में अग्निसुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
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मुख्य बाजार की तंग गलियों में भी अग्निशमन वाहन पहुंच सकें, इसके लिए उपाय तलाशे जा रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी को समिति गठित करने के लिए पत्र भेजा जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
तबारक हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
ललितपुर। शहर के प्रमुख बाजारों में करोड़ों रुपये का कारोबार होता है, लेकिन आग से सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। कटरा बाजार, सुभाष मार्केट, सुभाषपुरा और नझाई बाजार की तंग गलियों में अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण हालात ऐसे हैं कि किसी अग्निकांड की स्थिति में दमकल वाहन मौके तक पहुंच ही नहीं पाएंगे। इससे हजारों दुकानदारों और ग्राहकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घंटाघर से सावरकर चौक के बीच महावीर प्याऊ के पीछे स्थित कटरा बाजार, कालीजी लाइन, सुभाष मार्केट, साड़ी लाइन और चूड़ी लाइन में प्रतिदिन लाखों-करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इन बाजारों की अधिकांश सड़कें 15 से 20 फीट चौड़ी हैं, लेकिन दुकानों का सामान सड़क तक फैला होने और दोनों ओर वाहनों की पार्किंग के कारण रास्ते बेहद संकरे हो गए हैं।
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कटरा बाजार की कालीजी लाइन, चूड़ी लाइन, कठरयाई और लोहा-पीतल बाजार में प्रतिदिन हजारों ग्राहक पहुंचते हैं। बाजार सजते ही सड़कें दुकानों और वाहनों से घिर जाती हैं। ऐसे में किसी दुकान, कॉम्प्लेक्स या भवन में आग लगने पर दमकल वाहनों के पहुंचने में भारी कठिनाई हो सकती है। करीब पांच वर्ष पहले कटरा बाजार में लगी आग के दौरान भी दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। तब फायर ब्रिगेड को दूसरे रास्ते से होकर जाना पड़ा था, इसके बावजूद वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके थे।
फोटो-16 : बाजार और पार्किंग ने घेरा रास्ता
महावीर प्याऊ के पीछे कटरा बाजार और सुभाष मार्केट जाने वाले मार्ग पर सड़क के बीच तक दुकानें सजी रहती हैं। वहीं, खाली स्थानों पर बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं। इससे राहगीरों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। अधिकांश दुकानों में अग्निशमन उपकरण भी नहीं हैं।
फोटो-17 : कालीजी लाइन में सड़क पर सजा कारोबार
कटरा बाजार की कालीजी लाइन में कई दुकानदार सड़क की पटरी तक सामान फैलाकर व्यापार करते हैं। ग्राहकों के वाहन भी सड़क पर खड़े रहते हैं। हालत यह है कि बाइक निकालना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दमकल वाहन पहुंचने की कल्पना भी कठिन है।
फोटो-18 : चूड़ी लाइन में हर समय रहती है भीड़
चूड़ी लाइन की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। यहां सड़क के बीच अस्थायी दुकानें सजती हैं, जबकि दोनों ओर पक्की दुकानें संचालित होती हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण ग्राहक यहां खरीदारी के लिए आते हैं। भीड़भाड़ के कारण दोपहिया वाहन तक नहीं निकल पाते।
फोटो-19 : मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी खतरा
प्रधान डाकघर के सामने और नगर पालिका के पीछे इलेक्ट्रॉनिक्स व मोबाइल बाजार में सड़क किनारे ही वाहन खड़े रहते हैं। आसपास कोचिंग संस्थान और घनी आबादी भी है। यहां भी अधिकांश प्रतिष्ठानों में अग्निसुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
मुख्य बाजार की तंग गलियों में भी अग्निशमन वाहन पहुंच सकें, इसके लिए उपाय तलाशे जा रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी को समिति गठित करने के लिए पत्र भेजा जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
तबारक हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी