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Lalitpur News: जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके बेटे पर लगाया मारपीट का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। जाखलौन क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य अमर विश्वकर्मा ने जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन और उनके पुत्र हरिओम निरंजन पर मारपीट व गला दबाने का आरोप लगाते हुए एसपी को शिकायती पत्र सौंपा है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें झूठा करार दिया है।
विश्वकर्मा ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 20 जून की शाम जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र ने उन्हें फोन कर जिला पंचायत कार्यालय स्थित अध्यक्ष कक्ष में बुलाया। आरोप है कि वहां पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद उनके पुत्र ने भी लात-घूंसों से मारपीट की।
शिकायत के अनुसार, वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने उनके हाथ पकड़ लिए, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र ने तौलिया से गला कसकर जान से मारने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान दोनों कह रहे थे कि उन्हें कोई जमीन नहीं दी जाएगी। मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से वह बच सके।
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अमर विश्वकर्मा ने पत्र में कहा है कि घटना के बाद से उनके गले में दर्द है और सांस लेने में परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मुकदमा दर्ज कराकर चिकित्सीय परीक्षण कराने की मांग की है।
बुधवार को शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में भी अमर विश्वकर्मा ने घटना का उल्लेख करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मामले की शिकायत शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही। क्षेत्राधिकारी सदर सुनील भारद्वाज ने बताया कि प्राप्त शिकायत की जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जमीन को लेकर विवाद की चर्चा
जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच विवाद की वजह एक जमीन को बताया जा रहा है। चर्चा है कि ग्राम पनारी में दोनों पक्षों ने एक भूमि में निवेश किया था। बाद में उसी जमीन को लेकर दोनों के बीच मतभेद उत्पन्न हो गए, जिसके चलते विवाद बढ़ गया।
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अध्यक्ष बोले, रुपये वापस न करने पड़ें इसलिए लगाए आरोप
दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि करीब चार वर्ष पहले उन्होंने अमर विश्वकर्मा और उनकी पत्नी के नाम से एक जमीन खरीदी थी, जिसके लिए 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो अमर विश्वकर्मा ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। अध्यक्ष के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई थी, किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि रुपये वापस न करने पड़ें, इसलिए उन पर और उनके पुत्र पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
ललितपुर। जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। जाखलौन क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य अमर विश्वकर्मा ने जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन और उनके पुत्र हरिओम निरंजन पर मारपीट व गला दबाने का आरोप लगाते हुए एसपी को शिकायती पत्र सौंपा है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें झूठा करार दिया है।
विश्वकर्मा ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 20 जून की शाम जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र ने उन्हें फोन कर जिला पंचायत कार्यालय स्थित अध्यक्ष कक्ष में बुलाया। आरोप है कि वहां पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने गाली-गलौज करते हुए उनकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद उनके पुत्र ने भी लात-घूंसों से मारपीट की।
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शिकायत के अनुसार, वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने उनके हाथ पकड़ लिए, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र ने तौलिया से गला कसकर जान से मारने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान दोनों कह रहे थे कि उन्हें कोई जमीन नहीं दी जाएगी। मौके पर मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से वह बच सके।
अमर विश्वकर्मा ने पत्र में कहा है कि घटना के बाद से उनके गले में दर्द है और सांस लेने में परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मुकदमा दर्ज कराकर चिकित्सीय परीक्षण कराने की मांग की है।
बुधवार को शहर के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में भी अमर विश्वकर्मा ने घटना का उल्लेख करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मामले की शिकायत शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने की बात कही। क्षेत्राधिकारी सदर सुनील भारद्वाज ने बताया कि प्राप्त शिकायत की जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन को लेकर विवाद की चर्चा
जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच विवाद की वजह एक जमीन को बताया जा रहा है। चर्चा है कि ग्राम पनारी में दोनों पक्षों ने एक भूमि में निवेश किया था। बाद में उसी जमीन को लेकर दोनों के बीच मतभेद उत्पन्न हो गए, जिसके चलते विवाद बढ़ गया।
अध्यक्ष बोले, रुपये वापस न करने पड़ें इसलिए लगाए आरोप
दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि करीब चार वर्ष पहले उन्होंने अमर विश्वकर्मा और उनकी पत्नी के नाम से एक जमीन खरीदी थी, जिसके लिए 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो अमर विश्वकर्मा ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। अध्यक्ष के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच केवल कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई थी, किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि रुपये वापस न करने पड़ें, इसलिए उन पर और उनके पुत्र पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।