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Lalitpur News: नेफेड के जिला प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गेहूं क्रय केंद्र संचालन और बारदाना उपलब्ध कराने के नाम पर 1.70 लाख रुपये लेने, किसानों के भुगतान और गेहूं उठान में लापरवाही बरतने तथा डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) वापस न करने के आरोप में महरौनी पुलिस ने नेफेड के जिला प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ब्लॉक महरौनी के ग्राम सिंदवाहा स्थित गेहूं क्रय केंद्र के प्रभारी राजेश नायक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2026-27 में नेफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए गांव में क्रय केंद्र संचालित किया गया था। केंद्र पर उन्हें प्रभारी के रूप में तैनात किया गया था।तहरीर के अनुसार, केंद्र संचालन के दौरान नेफेड के जिला प्रभारी सुजान सिंह ने उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किया तथा गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं बरतीं। आरोप है कि बारदाना उपलब्ध कराने और केंद्र संचालन व्यवस्था के नाम पर उनसे करीब 70 हजार रुपये लिए गए, जबकि केवल 1090 बोरियां ही उपलब्ध कराई गईं। इसके एक सप्ताह बाद उनकी डीएससी अपने कब्जे में लेकर वापस नहीं की गई।
राजेश नायक का कहना है कि उन्होंने इसकी जानकारी जिला विपणन अधिकारी और अन्य सक्षम अधिकारियों को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि बाद में बारदाना उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये और लिए गए, लेकिन बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने तहरीर में बताया कि अब तक न तो बारदाना उपलब्ध कराया गया है और न ही डीएससी वापस की गई है। इसके अलावा केंद्र पर खरीदे गए करीब 1090 क्विंटल गेहूं का उठान भी नहीं कराया गया। इससे किसानों का भुगतान लंबित है और उनमें असंतोष व्याप्त है। केंद्र संचालन में भी परेशानी हो रही है। खरीदा गया गेहूं खुले में रखा है, जिसके बारिश में खराब होने की आशंका बनी हुई है।
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राजेश नायक ने तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि उक्त वित्तीय अनियमितताओं में कुछ अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर नेफेड के जिला प्रभारी सुजान सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्षेत्राधिकारी रक्षपाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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नेफेड जिला प्रभारी पर लगाए गए आरोप
-बारदाना उपलब्ध कराने और केंद्र संचालन व्यवस्था के नाम पर 70 हजार रुपये लेने का आरोप।
-डीएससी अपने कब्जे में लेकर वापस न करने का आरोप।
-दोबारा बारदाना उपलब्ध कराने के नाम पर एक लाख रुपये लेने, लेकिन बारदाना न देने का आरोप।
-केंद्र पर खरीदे गए करीब 1090 क्विंटल गेहूं का उठान न कराने का आरोप।
-किसानों के भुगतान लंबित रहने की स्थिति उत्पन्न होने का आरोप।
-बारिश की चेतावनी के बावजूद खरीदे गए गेहूं को खुले में रखने का आरोप।
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ललितपुर। गेहूं क्रय केंद्र संचालन और बारदाना उपलब्ध कराने के नाम पर 1.70 लाख रुपये लेने, किसानों के भुगतान और गेहूं उठान में लापरवाही बरतने तथा डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) वापस न करने के आरोप में महरौनी पुलिस ने नेफेड के जिला प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ब्लॉक महरौनी के ग्राम सिंदवाहा स्थित गेहूं क्रय केंद्र के प्रभारी राजेश नायक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वर्ष 2026-27 में नेफेड की ओर से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए गांव में क्रय केंद्र संचालित किया गया था। केंद्र पर उन्हें प्रभारी के रूप में तैनात किया गया था।तहरीर के अनुसार, केंद्र संचालन के दौरान नेफेड के जिला प्रभारी सुजान सिंह ने उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किया तथा गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं बरतीं। आरोप है कि बारदाना उपलब्ध कराने और केंद्र संचालन व्यवस्था के नाम पर उनसे करीब 70 हजार रुपये लिए गए, जबकि केवल 1090 बोरियां ही उपलब्ध कराई गईं। इसके एक सप्ताह बाद उनकी डीएससी अपने कब्जे में लेकर वापस नहीं की गई।
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राजेश नायक का कहना है कि उन्होंने इसकी जानकारी जिला विपणन अधिकारी और अन्य सक्षम अधिकारियों को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि बाद में बारदाना उपलब्ध कराने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये और लिए गए, लेकिन बारदाना उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने तहरीर में बताया कि अब तक न तो बारदाना उपलब्ध कराया गया है और न ही डीएससी वापस की गई है। इसके अलावा केंद्र पर खरीदे गए करीब 1090 क्विंटल गेहूं का उठान भी नहीं कराया गया। इससे किसानों का भुगतान लंबित है और उनमें असंतोष व्याप्त है। केंद्र संचालन में भी परेशानी हो रही है। खरीदा गया गेहूं खुले में रखा है, जिसके बारिश में खराब होने की आशंका बनी हुई है।
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क्षेत्राधिकारी रक्षपाल सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नेफेड जिला प्रभारी पर लगाए गए आरोप
-बारदाना उपलब्ध कराने और केंद्र संचालन व्यवस्था के नाम पर 70 हजार रुपये लेने का आरोप।
-डीएससी अपने कब्जे में लेकर वापस न करने का आरोप।
-दोबारा बारदाना उपलब्ध कराने के नाम पर एक लाख रुपये लेने, लेकिन बारदाना न देने का आरोप।
-केंद्र पर खरीदे गए करीब 1090 क्विंटल गेहूं का उठान न कराने का आरोप।
-किसानों के भुगतान लंबित रहने की स्थिति उत्पन्न होने का आरोप।
-बारिश की चेतावनी के बावजूद खरीदे गए गेहूं को खुले में रखने का आरोप।