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Lalitpur News: सर्पदंश के बाद 12 घंटे झाड़-फूंक, वृद्ध किसान की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। झाड़-फूंक के भरोसे इलाज टालने की कीमत एक वृद्ध किसान को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय सांप के डसने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय करीब 12 घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। हालत लगातार बिगड़ने पर जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने किसान को मृत घोषित कर दिया।
घटना थाना नाराहट क्षेत्र के डोगरा खुर्द गांव की है। गांव निवासी रति अहिरवार (62) बुधवार सुबह करीब 11 बजे उड़द की फसल में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान उनके पैर में सांप ने डस लिया। उन्होंने इसकी जानकारी परिजनों को दी, लेकिन तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन उन्हें मध्य प्रदेश स्थित एक धार्मिक स्थल पर झाड़-फूंक के लिए ले गए।
करीब 12 घंटे तक झाड़-फूंक कराई गई, लेकिन रति की हालत में सुधार नहीं हुआ। देर रात करीब 11:30 बजे उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के छोटे भाई कड़ोरी लाल ने बताया कि रति अहिरवार के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे तथा खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।
थानाध्यक्ष नाराहट दयाशंकर सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण की पुष्टि हो सकेगी।
सर्पदंश होने पर क्या करें
- पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
- झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं।
- प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा या चीरा लगाने जैसी कोशिश न करें।
- समय पर एंटी-स्नेक वेनम दिलवाने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
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ललितपुर। झाड़-फूंक के भरोसे इलाज टालने की कीमत एक वृद्ध किसान को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। खेत में कीटनाशक का छिड़काव करते समय सांप के डसने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय करीब 12 घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे। हालत लगातार बिगड़ने पर जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने किसान को मृत घोषित कर दिया।
घटना थाना नाराहट क्षेत्र के डोगरा खुर्द गांव की है। गांव निवासी रति अहिरवार (62) बुधवार सुबह करीब 11 बजे उड़द की फसल में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान उनके पैर में सांप ने डस लिया। उन्होंने इसकी जानकारी परिजनों को दी, लेकिन तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन उन्हें मध्य प्रदेश स्थित एक धार्मिक स्थल पर झाड़-फूंक के लिए ले गए।
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करीब 12 घंटे तक झाड़-फूंक कराई गई, लेकिन रति की हालत में सुधार नहीं हुआ। देर रात करीब 11:30 बजे उन्हें मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
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सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के छोटे भाई कड़ोरी लाल ने बताया कि रति अहिरवार के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे तथा खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।
थानाध्यक्ष नाराहट दयाशंकर सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण की पुष्टि हो सकेगी।
सर्पदंश होने पर क्या करें
- पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
- झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं।
- प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा या चीरा लगाने जैसी कोशिश न करें।
- समय पर एंटी-स्नेक वेनम दिलवाने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।