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Lalitpur News: जिले के चार किलों के जीर्णोद्धार की उम्मीद जगी, विभाग दोबारा प्रस्ताव भेजने की तैयारी में
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ऐतिहासिक महत्व वाले सौरई, मड़ावरा, बालाबेहट और बानपुर किले किए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में कई प्राचीन किले हैं, इन ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने की कवायद एक बार फिर से तेज हो गई है। सौरई, मड़ावरा, बालाबेहट और बानपुर के किलों के जीर्णोद्धार के लिए विभाग ने करीब एक-डेढ साल पहले शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। अब विभाग एक बार फिर से संशोधित प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है।
जिले में कई प्राचीन व ऐतिहासिक स्थल हैं। इनमें जनपद का इतिहास संजोए प्राचीन किले भी हैं, जोकि अपने ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं। समय के साथ और देखरेख के अभाव में इनमें से कुछ किले जर्जर हो चुके हैं। जनपद की ऐतिहासिक महत्वता को बनाए रखने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए करीब एक-डेढ वर्ष पूर्व चार किले मड़ावरा, सौंरई, बानपुर और बालाबेहट के किले का जीर्णोद्धार करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। अब एकबार पुन: जनपद की इन ऐतिहासिक धरोहर चार किलों को संवारने की कवायद शुरू की जा रही है। जिसमें सौरई, मड़ावरा, बालाबेहट और बानपुर के ऐतिहासिक किलों के जीर्णोद्धार के लिए विभाग ने संशोधित प्रस्ताव तैयार करके इसे फिर से शासन को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले की इन ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित करने के साथ साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढेंगा। जिला पर्यटन अधिकारी हेमलता ने बताया कि पूर्व में इन चारों किलो के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। अब पुन: संशोधित प्रस्ताव तैयार करके इसे भेजने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर इसके डीएम के माध्यम से शासन को प्रेषित किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में कई प्राचीन किले हैं, इन ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने की कवायद एक बार फिर से तेज हो गई है। सौरई, मड़ावरा, बालाबेहट और बानपुर के किलों के जीर्णोद्धार के लिए विभाग ने करीब एक-डेढ साल पहले शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। अब विभाग एक बार फिर से संशोधित प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है।
जिले में कई प्राचीन व ऐतिहासिक स्थल हैं। इनमें जनपद का इतिहास संजोए प्राचीन किले भी हैं, जोकि अपने ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं। समय के साथ और देखरेख के अभाव में इनमें से कुछ किले जर्जर हो चुके हैं। जनपद की ऐतिहासिक महत्वता को बनाए रखने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए करीब एक-डेढ वर्ष पूर्व चार किले मड़ावरा, सौंरई, बानपुर और बालाबेहट के किले का जीर्णोद्धार करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। अब एकबार पुन: जनपद की इन ऐतिहासिक धरोहर चार किलों को संवारने की कवायद शुरू की जा रही है। जिसमें सौरई, मड़ावरा, बालाबेहट और बानपुर के ऐतिहासिक किलों के जीर्णोद्धार के लिए विभाग ने संशोधित प्रस्ताव तैयार करके इसे फिर से शासन को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले की इन ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित करने के साथ साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढेंगा। जिला पर्यटन अधिकारी हेमलता ने बताया कि पूर्व में इन चारों किलो के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिली थी। अब पुन: संशोधित प्रस्ताव तैयार करके इसे भेजने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर इसके डीएम के माध्यम से शासन को प्रेषित किया जाएगा।
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