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Lalitpur News: मासूम देवेंद्र का सवाल... पापा क्यों नहीं लौटे, उन्हें ढूंढकर लाओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना बार क्षेत्र के ग्राम पुलवारा में रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। चचेरे भाइयों रानू और राजू की सड़क हादसे में मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है। पिता रानू की मौत के बाद उसके छह वर्षीय पुत्र रविंद्र और चार वर्षीय देवेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन रविंद्र को किसी तरह समझा चुके हैं, लेकिन देवेंद्र अब भी अपने पिता के इंतजार में है।
वह बार-बार अपनी मां, दादा और दादी से पूछ रहा है, पापा घर क्यों नहीं आए, उन्हें ढूंढकर लाओ। इस मासूम सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। जवाब न मिलने पर देवेंद्र कभी घर के कमरे में जाकर पिता को ढूंढता है तो कभी बाहर निकलकर उन्हें तलाशता है। 17 अप्रैल की रात ग्राम पुलवारा निवासी रानू कुशवाहा (35) और उसके चचेरे भाई राजू (23) की बाइक को थाना जखौरा क्षेत्र के कस्बा बांसी के पास हाईवे-44 पर एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
रानू के बड़े बेटे रविंद्र को पिता की मौत का कुछ हद तक एहसास हो गया है, लेकिन छोटा बेटा देवेंद्र अभी इस सच्चाई को समझ नहीं पा रहा है। वह अपनी बेसुध मां गजरा और दादा-दादी के पास जाकर बार-बार पिता के बारे में पूछता है।
दादा बाबूलाल ने बताया कि शनिवार रात देवेंद्र पिता के पास जाने की जिद करने लगा। मां के समझाने पर भी वह नहीं माना तो दादा-दादी ने किसी तरह उसे बहलाकर सुला दिया। रविवार सुबह भी वह फिर से पिता के पास जाने की जिद करने लगा। इसके बाद घर के अन्य लोग उसे गोद में उठाकर दुकान पर ले गए और टॉफी-बिस्कुट देकर बहलाया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद देर शाम दोनों शव गांव पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। सीओ सदर सुनील भारद्वाज ने बताया कि अभी तक कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दो शादियों की खुशियां मातम में बदलीं
राजू के घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। उसकी चचेरी बहन पूनम की शादी 20 अप्रैल को होनी है, जबकि छोटे भाई कल्लू की शादी 25 अप्रैल को तय है। घर में मंगलगीत गूंज रहे थे और खुशियों का माहौल था। लेकिन सड़क हादसे में राजू की मौत के बाद पूरा माहौल मातम में बदल गया। अब परिजन शादियों को सादगी से संपन्न कराने की बात कह रहे हैं।
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ललितपुर। थाना बार क्षेत्र के ग्राम पुलवारा में रविवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। चचेरे भाइयों रानू और राजू की सड़क हादसे में मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है। पिता रानू की मौत के बाद उसके छह वर्षीय पुत्र रविंद्र और चार वर्षीय देवेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन रविंद्र को किसी तरह समझा चुके हैं, लेकिन देवेंद्र अब भी अपने पिता के इंतजार में है।
वह बार-बार अपनी मां, दादा और दादी से पूछ रहा है, पापा घर क्यों नहीं आए, उन्हें ढूंढकर लाओ। इस मासूम सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। जवाब न मिलने पर देवेंद्र कभी घर के कमरे में जाकर पिता को ढूंढता है तो कभी बाहर निकलकर उन्हें तलाशता है। 17 अप्रैल की रात ग्राम पुलवारा निवासी रानू कुशवाहा (35) और उसके चचेरे भाई राजू (23) की बाइक को थाना जखौरा क्षेत्र के कस्बा बांसी के पास हाईवे-44 पर एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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रानू के बड़े बेटे रविंद्र को पिता की मौत का कुछ हद तक एहसास हो गया है, लेकिन छोटा बेटा देवेंद्र अभी इस सच्चाई को समझ नहीं पा रहा है। वह अपनी बेसुध मां गजरा और दादा-दादी के पास जाकर बार-बार पिता के बारे में पूछता है।
दादा बाबूलाल ने बताया कि शनिवार रात देवेंद्र पिता के पास जाने की जिद करने लगा। मां के समझाने पर भी वह नहीं माना तो दादा-दादी ने किसी तरह उसे बहलाकर सुला दिया। रविवार सुबह भी वह फिर से पिता के पास जाने की जिद करने लगा। इसके बाद घर के अन्य लोग उसे गोद में उठाकर दुकान पर ले गए और टॉफी-बिस्कुट देकर बहलाया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद देर शाम दोनों शव गांव पहुंचे, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। सीओ सदर सुनील भारद्वाज ने बताया कि अभी तक कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो शादियों की खुशियां मातम में बदलीं
राजू के घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। उसकी चचेरी बहन पूनम की शादी 20 अप्रैल को होनी है, जबकि छोटे भाई कल्लू की शादी 25 अप्रैल को तय है। घर में मंगलगीत गूंज रहे थे और खुशियों का माहौल था। लेकिन सड़क हादसे में राजू की मौत के बाद पूरा माहौल मातम में बदल गया। अब परिजन शादियों को सादगी से संपन्न कराने की बात कह रहे हैं।
