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Lalitpur: बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर न लगने से भड़के किसान, कार्यालय में फंदा लगाकर जान देने का प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 24 Mar 2026 11:10 AM IST
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सार
टोल फ्री नंबर न लगने से परेशान किसान उपकृषि निदेशक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। यहां स्थित बीमा कंपनी के कार्यालय कक्ष में पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान दो किसानों ने तौलिया से फंदे पर लटकने का प्रयास किया जिससे अफरातफरी मच गई।
किसानों को समझाता कर्मचारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल का बीमा लाभ लेने के लिए किसान बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर लगा रहे हैं लेकिन नंबर नहीं लगने से वे परेशान हो गए। किसान सोमवार को उपकृषि निदेशक कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए पहुंच गए। यहां स्थित बीमा कंपनी के कार्यालय कक्ष में पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। वहीं, फसल नष्ट होने से परेशान देवरान गांव के दो किसानों ने तौलिया से फंदे पर लटकने का प्रयास किया जिससे अफरातफरी मच गई।
ग्राम देवरान के किसान दोपहर बाद करीब पौने दो बजे कलक्ट्रेट चौराहे से नारेबाजी करते हुए उपकृषि निदेशक कार्यालय पहुंचे। किसानों का आरोप था कि फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना जरूरी होता है, लेकिन टोल फ्री नंबर ही नहीं लग रहा, जिससे उन्हें क्लेम मिलने में परेशानी हो रही है। कार्यालय में अधिकारी न मिलने पर किसान कुछ देर तक प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद वे कार्यालय परिसर में स्थित बीमा कंपनी के कक्ष में पहुंच गए और कर्मचारियों से बहस करने लगे।
इसी दौरान देवरान निवासी किसान जगभान लोधी फसल बर्बादी को लेकर भावुक हो गए और गले में तौलिया डालकर आत्महत्या का प्रयास करने लगे। वहीं, एक अन्य किसान विनोद कुमार साहू ने भी खिड़की में तौलिया बांधकर फंदा लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों को रोका और समझाया।
सूचना मिलते ही एसडीएम सदर मनीष कुमार, उपकृषि निदेशक यशराज सिंह और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने किसानों को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि फसल नुकसान का सर्वे कराया जा चुका है और पात्र किसानों को राहत दी जाएगी। आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
सुनवाई नहीं हो तो गंभीर कदम उठाएंगे
दो किसानों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश के बाद अन्य किसान भी आक्रोशित हो गए और चेतावनी देने लगे कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे भी यही कदम उठाएंगे। इससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
किसानों का दर्द
हमारी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। कर्ज है, पशु हानि भी हुई है। हमारी मदद की जाए, नहीं तो हम बर्बाद हो जाएंगे। - जगभान लोधी, किसान (देवरान)
तीन एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह खराब हो गई। बीमा कंपनी का नंबर नहीं लग रहा। बच्चों का पालन कैसे करेंगे?- विनोद कुमार साहू, किसान (देवरान)
जिलाधिकारी के निर्देश पर फसल नुकसान का सत्यापन कराया जा रहा है। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और बीमा कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। राहत वितरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी। - मनीष कुमार, एसडीएम सदर
बीमा कंपनी कार्यालय में हंगामा करते किसान...
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ग्राम देवरान के किसान दोपहर बाद करीब पौने दो बजे कलक्ट्रेट चौराहे से नारेबाजी करते हुए उपकृषि निदेशक कार्यालय पहुंचे। किसानों का आरोप था कि फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को देना जरूरी होता है, लेकिन टोल फ्री नंबर ही नहीं लग रहा, जिससे उन्हें क्लेम मिलने में परेशानी हो रही है। कार्यालय में अधिकारी न मिलने पर किसान कुछ देर तक प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद वे कार्यालय परिसर में स्थित बीमा कंपनी के कक्ष में पहुंच गए और कर्मचारियों से बहस करने लगे।
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इसी दौरान देवरान निवासी किसान जगभान लोधी फसल बर्बादी को लेकर भावुक हो गए और गले में तौलिया डालकर आत्महत्या का प्रयास करने लगे। वहीं, एक अन्य किसान विनोद कुमार साहू ने भी खिड़की में तौलिया बांधकर फंदा लगाने की कोशिश की। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों को रोका और समझाया।
सूचना मिलते ही एसडीएम सदर मनीष कुमार, उपकृषि निदेशक यशराज सिंह और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने किसानों को समझाते हुए भरोसा दिलाया कि फसल नुकसान का सर्वे कराया जा चुका है और पात्र किसानों को राहत दी जाएगी। आश्वासन के बाद किसान शांत हुए।
सुनवाई नहीं हो तो गंभीर कदम उठाएंगे
दो किसानों द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश के बाद अन्य किसान भी आक्रोशित हो गए और चेतावनी देने लगे कि उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वे भी यही कदम उठाएंगे। इससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
किसानों का दर्द
हमारी पूरी फसल बर्बाद हो गई है। कर्ज है, पशु हानि भी हुई है। हमारी मदद की जाए, नहीं तो हम बर्बाद हो जाएंगे। - जगभान लोधी, किसान (देवरान)
तीन एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह खराब हो गई। बीमा कंपनी का नंबर नहीं लग रहा। बच्चों का पालन कैसे करेंगे?- विनोद कुमार साहू, किसान (देवरान)
जिलाधिकारी के निर्देश पर फसल नुकसान का सत्यापन कराया जा रहा है। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और बीमा कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है। राहत वितरण की प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएगी। - मनीष कुमार, एसडीएम सदर
बीमा कंपनी कार्यालय में हंगामा करते किसान...