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ललितपुर: जलभराव से ठप हुआ मिनी औद्योगिक आस्थान, नाली पर कब्जे और क्षतिग्रस्त पुलिया से रुकी पानी की निकासी
Tue, 30 Jun 2026 11:16 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:16 PM IST
सार
सोमवार रात से हुई बारिश के बाद औद्योगिक परिसर और कई इकाइयों में जलभराव हो गया, जिससे मंगलवार को एक दर्जन इकाइयों में कार्य प्रभावित रहा।
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मिनी औद्योगिक आस्थान में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
तालबेहट। शासन उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण मिनी औद्योगिक आस्थान तालबेहट की स्थिति बदहाल बनी हुई है। मुख्य नाली पर कब्जा और पुलिया क्षतिग्रस्त होने से पानी की निकासी व्यवस्था ठप हो गई है। सोमवार रात से हुई बारिश के बाद औद्योगिक परिसर और कई इकाइयों में जलभराव हो गया, जिससे मंगलवार को एक दर्जन इकाइयों में कार्य प्रभावित रहा।
मिनी औद्योगिक आस्थान में उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। जल निकासी के लिए परिसर के मार्गों के किनारे नालियां बनाई गई थीं, लेकिन मुख्य निकासी नाली में मिट्टी और पत्थर डालकर उसे बंद कर दिया गया है। इसके चलते नाली का अस्तित्व तक नजर नहीं आ रहा है। वहीं, इसी मार्ग पर बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। सोमवार रात शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तक जारी रही। निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण पूरे औद्योगिक परिसर में जलभराव हो गया। कई इकाइयों के भीतर करीब एक फीट तक पानी भर गया। सुबह काम पर पहुंचे उद्यमी और मजदूर हालात देखकर हैरान रह गए। कई इकाइयों में प्रवेश तक मुश्किल हो गया।
उद्यमियों का कहना है कि लगातार जलभराव से भवनों की दीवारों को नुकसान पहुंच रहा है और उनके गिरने का खतरा बना हुआ है। इससे किसी भी समय हादसा हो सकता है। जलभराव के कारण करीब एक दर्जन इकाइयों में कामकाज शुरू नहीं हो सका और मजदूरों को बिना काम किए लौटना पड़ा। समस्या के समाधान की मांग को लेकर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील त्रिपाठी के नेतृत्व में उद्यमियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नाली से अतिक्रमण हटवाकर पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की। इस दौरान रामपाल झा, संतोष झा, अंतू झा, अनंतराम झा, राजकिशोर, चतरे, सुखदेव, आशीष झा सहित अन्य उद्यमी मौजूद रहे।
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विभागीय अधिकारियों से कई बार कर चुके शिकायत
उद्यमियों ने बताया कि नाली पर कब्जे और अतिक्रमण की शिकायत विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर की जा चुकी है। इसके अलावा संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही नाली को खुलवाया गया। इससे उद्यमियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इनका यह है कहना
नाली बंद होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मंगलवार सुबह इकाई पहुंचे तो करीब एक फीट पानी भरा मिला। इससे भवन की दीवारों को नुकसान पहुंचने और हादसे की आशंका बनी हुई है। अंतू झा
पुलिया क्षतिग्रस्त होने और नाली पर कब्जा होने से जल निकासी बाधित है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। रामपाल झा
जलभराव का वीडियो...
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मिनी औद्योगिक आस्थान में उद्यमियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। जल निकासी के लिए परिसर के मार्गों के किनारे नालियां बनाई गई थीं, लेकिन मुख्य निकासी नाली में मिट्टी और पत्थर डालकर उसे बंद कर दिया गया है। इसके चलते नाली का अस्तित्व तक नजर नहीं आ रहा है। वहीं, इसी मार्ग पर बनी पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। सोमवार रात शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तक जारी रही। निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण पूरे औद्योगिक परिसर में जलभराव हो गया। कई इकाइयों के भीतर करीब एक फीट तक पानी भर गया। सुबह काम पर पहुंचे उद्यमी और मजदूर हालात देखकर हैरान रह गए। कई इकाइयों में प्रवेश तक मुश्किल हो गया।
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उद्यमियों का कहना है कि लगातार जलभराव से भवनों की दीवारों को नुकसान पहुंच रहा है और उनके गिरने का खतरा बना हुआ है। इससे किसी भी समय हादसा हो सकता है। जलभराव के कारण करीब एक दर्जन इकाइयों में कामकाज शुरू नहीं हो सका और मजदूरों को बिना काम किए लौटना पड़ा। समस्या के समाधान की मांग को लेकर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील त्रिपाठी के नेतृत्व में उद्यमियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नाली से अतिक्रमण हटवाकर पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की। इस दौरान रामपाल झा, संतोष झा, अंतू झा, अनंतराम झा, राजकिशोर, चतरे, सुखदेव, आशीष झा सहित अन्य उद्यमी मौजूद रहे।
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विभागीय अधिकारियों से कई बार कर चुके शिकायत
उद्यमियों ने बताया कि नाली पर कब्जे और अतिक्रमण की शिकायत विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर की जा चुकी है। इसके अलावा संपूर्ण समाधान दिवस में भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही नाली को खुलवाया गया। इससे उद्यमियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इनका यह है कहना
नाली बंद होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। मंगलवार सुबह इकाई पहुंचे तो करीब एक फीट पानी भरा मिला। इससे भवन की दीवारों को नुकसान पहुंचने और हादसे की आशंका बनी हुई है। अंतू झा
पुलिया क्षतिग्रस्त होने और नाली पर कब्जा होने से जल निकासी बाधित है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। रामपाल झा
जलभराव का वीडियो...