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एलयूसीसी प्रकरण : ईडी की टीम ने जिले में डाला डेरा, जांच-पड़ताल शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुराज्यीय एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। ईडी की दिल्ली से आई टीम ने बृहस्पतिवार से ललितपुर में डेरा डाल दिया है।
ईडी की टीम ने इस प्रकरण में दर्ज मुकदमों के वादी और विवेचकों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है । ललितपुर महाघोटाले का मुख्य केंद्र रहा है। कंपनी ने अपना पहला कार्यालय यहीं खोला था और यहीं से आठ राज्यों में ठगी का जाल फैलाया गया था। पुलिस के मुताबिक चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में 2024 से अब तक दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने इस मामले की जांच के लिए जनपद स्तरीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने कंपनी के कई संचालकों सहित 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दिया था। इनमें से कुछ जमानत पर जेल से बाहर भी आ चुके हैं । कंपनी का मुख्य संचालक समीर अग्रवाल अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छह गैरजमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हैं। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है और रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया चल रही है। ऐसी आशंका भी है कि समीर अग्रवाल भाग गया है।
चिटफंड कंपनी एलयूसीसी पर जिले करीब 256 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पूरे देश में करीब 30 लाख लोगों से लगभग 1.05 खरब रुपये का निवेश करवाकर उसे हड़प जाने की मामले की जांच अब दिल्ली की ईडी की टीम ने शुरू की है। इसके लिए टीम ने जनपद पुलिस से केस के संबंध में पत्रावली तलब की थी, जिसे उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को ईडी की टीम ने जनपद में डेरा जमा लिया। टीम अभी जिले में बनी हुई है। टीम की गतिविधियों की जानकारी गोपनीय रखी जा रही है।
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देश के सोलह राज्यों में फैला था कारोबार
चिटफंड कंपनी एलयूसीसी का नेटवर्क देश के सोलह राज्यों असम, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, महाराष्ट, हरियाणा, बिहार, कर्नाटक, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, उड़ीसा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल में फैला हुआ था। यहां पर कंपनी अपनी शाखाएं खोलकर लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा देने का लालच देकर रुपयों का निवेश कराती थे।
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आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा और खाते से लेनदेन खंगालेगी ईडी
सूत्रों के अनुसार ईडी टीम प्रशासन से आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाने के साथ ही उनके खातों से लेनदेन भी खंगालेगी। इससे साफ हो जाएगा कि आरोपियों से किन-किन लोगों का लेनदेन रहा है।
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नवंबर 2024 में भी आई थी ईडी की टीम
एलयूसीसी प्रकरण में नवंबर 2024 में प्रदेश स्तरीय ईडी की एक टीम ने यहां आकर अभिलेखों की जांच की थी। इसके बाद अन्य राज्यों में भी चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। जिसके बाद उक्त मामले की जांच दिल्ली के ईडी हेडक्वार्टर को सौंप दी गई है। उत्तराखंड सरकार की सिफारिश में वहां पर हुई धोखाधड़ी की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।
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एलयूसीसी का देश में नेटवर्क
- देश के 16 राज्यों में संचालन।
- 30 लाख लोगों से कराया निवेश।
- 1.05 खरब रुपये का कराया निवेश।
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जिले में एलयूसीसी
- 22 शाखाएं थीं जिले में।
- 540.12 करोड़ रुपये का निवेश
- 256.39 करोड़ रुपये का शेष धन बकाया।
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ललितपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुराज्यीय एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। ईडी की दिल्ली से आई टीम ने बृहस्पतिवार से ललितपुर में डेरा डाल दिया है।
ईडी की टीम ने इस प्रकरण में दर्ज मुकदमों के वादी और विवेचकों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है । ललितपुर महाघोटाले का मुख्य केंद्र रहा है। कंपनी ने अपना पहला कार्यालय यहीं खोला था और यहीं से आठ राज्यों में ठगी का जाल फैलाया गया था। पुलिस के मुताबिक चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में 2024 से अब तक दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने इस मामले की जांच के लिए जनपद स्तरीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी ने कंपनी के कई संचालकों सहित 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दिया था। इनमें से कुछ जमानत पर जेल से बाहर भी आ चुके हैं । कंपनी का मुख्य संचालक समीर अग्रवाल अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छह गैरजमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी हैं। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है और रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया चल रही है। ऐसी आशंका भी है कि समीर अग्रवाल भाग गया है।
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चिटफंड कंपनी एलयूसीसी पर जिले करीब 256 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। पूरे देश में करीब 30 लाख लोगों से लगभग 1.05 खरब रुपये का निवेश करवाकर उसे हड़प जाने की मामले की जांच अब दिल्ली की ईडी की टीम ने शुरू की है। इसके लिए टीम ने जनपद पुलिस से केस के संबंध में पत्रावली तलब की थी, जिसे उपलब्ध करा दिया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को ईडी की टीम ने जनपद में डेरा जमा लिया। टीम अभी जिले में बनी हुई है। टीम की गतिविधियों की जानकारी गोपनीय रखी जा रही है।
देश के सोलह राज्यों में फैला था कारोबार
चिटफंड कंपनी एलयूसीसी का नेटवर्क देश के सोलह राज्यों असम, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, महाराष्ट, हरियाणा, बिहार, कर्नाटक, पंजाब, दिल्ली, झारखंड, उड़ीसा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल में फैला हुआ था। यहां पर कंपनी अपनी शाखाएं खोलकर लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा देने का लालच देकर रुपयों का निवेश कराती थे।
आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा और खाते से लेनदेन खंगालेगी ईडी
सूत्रों के अनुसार ईडी टीम प्रशासन से आरोपियों की संपत्ति का ब्योरा जुटाने के साथ ही उनके खातों से लेनदेन भी खंगालेगी। इससे साफ हो जाएगा कि आरोपियों से किन-किन लोगों का लेनदेन रहा है।
नवंबर 2024 में भी आई थी ईडी की टीम
एलयूसीसी प्रकरण में नवंबर 2024 में प्रदेश स्तरीय ईडी की एक टीम ने यहां आकर अभिलेखों की जांच की थी। इसके बाद अन्य राज्यों में भी चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी। जिसके बाद उक्त मामले की जांच दिल्ली के ईडी हेडक्वार्टर को सौंप दी गई है। उत्तराखंड सरकार की सिफारिश में वहां पर हुई धोखाधड़ी की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।
एलयूसीसी का देश में नेटवर्क
- देश के 16 राज्यों में संचालन।
- 30 लाख लोगों से कराया निवेश।
- 1.05 खरब रुपये का कराया निवेश।
जिले में एलयूसीसी
- 22 शाखाएं थीं जिले में।
- 540.12 करोड़ रुपये का निवेश
- 256.39 करोड़ रुपये का शेष धन बकाया।