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Lalitpur News: दो महिलाओं समेत सात को आजीवन कारावास की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) चंद्रगुप्त यादव की अदालत ने तीन वर्ष पूर्व तालबेहट क्षेत्र के ग्राम म्यांव में जमीन बंटवारे के विवाद में युवक की हत्या के मामले में दो महिलाओं समेत सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोतवाली तालबेहट क्षेत्र के ग्राम म्यांव निवासी केशवेंद्र सिंह ने घटना के बाद पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई राघवेंद्र सिंह ग्राम बोलारी से अपने घर लौट रहा था। गांव में पंचम सिंह ठाकुर के मकान के सामने पहुंचने पर वहां मौजूद शिशुपाल सिंह, मनोहर सिंह, पंचम सिंह, कृष्णपाल सिंह, राजबहादुर सिंह, शंकर सिंह, जलेब राजा, बृजेश राजा और अरविंद ने जमीन के बंटवारे को लेकर उससे विवाद शुरू कर दिया।
विरोध करने पर आरोपियों ने एक राय होकर राघवेंद्र सिंह पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त कर दी। गंभीर हमले में राघवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के दौरान कृष्णपाल सिंह और अरविंद के नाम आरोपपत्र से हटा दिए गए थे, जबकि शिशुपाल सिंह, मनोहर सिंह, पंचम सिंह, राजबहादुर सिंह, शंकर सिंह, जलेब राजा और बृजेश राजा के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने शनिवार को सातों आरोपियों को दोषी करार दिया था। मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण बिहारी कुशवाहा ने बताया कि न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस प्रकार कुल 77 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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हाईकोर्ट के स्टे के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
अधिवक्ता श्रीबल्लभ करौलिया ने बताया कि मामले में आरोपियों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिल गया था। इसके बाद मृतक के भाई केशवेंद्र सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित न्यायालय को दो माह के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया था।
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पिटाई का एक अन्य मामला भी विचाराधीन
हत्या की घटना से पहले भी राघवेंद्र सिंह और उसके पिता के साथ मारपीट की गई थी। उस मामले में भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। संबंधित प्रकरण वर्तमान में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में विचाराधीन है।
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ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) चंद्रगुप्त यादव की अदालत ने तीन वर्ष पूर्व तालबेहट क्षेत्र के ग्राम म्यांव में जमीन बंटवारे के विवाद में युवक की हत्या के मामले में दो महिलाओं समेत सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर 11-11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोतवाली तालबेहट क्षेत्र के ग्राम म्यांव निवासी केशवेंद्र सिंह ने घटना के बाद पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका भाई राघवेंद्र सिंह ग्राम बोलारी से अपने घर लौट रहा था। गांव में पंचम सिंह ठाकुर के मकान के सामने पहुंचने पर वहां मौजूद शिशुपाल सिंह, मनोहर सिंह, पंचम सिंह, कृष्णपाल सिंह, राजबहादुर सिंह, शंकर सिंह, जलेब राजा, बृजेश राजा और अरविंद ने जमीन के बंटवारे को लेकर उससे विवाद शुरू कर दिया।
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विरोध करने पर आरोपियों ने एक राय होकर राघवेंद्र सिंह पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त कर दी। गंभीर हमले में राघवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
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हाईकोर्ट के स्टे के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था मामला
अधिवक्ता श्रीबल्लभ करौलिया ने बताया कि मामले में आरोपियों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिल गया था। इसके बाद मृतक के भाई केशवेंद्र सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित न्यायालय को दो माह के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया था।
पिटाई का एक अन्य मामला भी विचाराधीन
हत्या की घटना से पहले भी राघवेंद्र सिंह और उसके पिता के साथ मारपीट की गई थी। उस मामले में भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। संबंधित प्रकरण वर्तमान में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में विचाराधीन है।