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Lalitpur News: गैर इरादतन हत्या में देवरानी-जेठानी समेत आठ दोषियों को सात-सात वर्ष का कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) यादवेंद्र सिंह की अदालत ने महरौनी क्षेत्र के ग्राम कुरौरा में उधार के रुपये मांगने को लेकर हुए विवाद में दिव्यांग युवक की मौत के मामले में देवरानी-जेठानी समेत आठ दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 23,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोतवाली महरौनी क्षेत्र के ग्राम कुरौरा निवासी लोकपाल सिंह ने वर्ष 2017 में पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका दिव्यांग भाई रजऊ राजा उर्फ राजा भैया 29 अगस्त 2017 की शाम अपने घर जा रहा था। उसने गांव की कमलेश राजा और मिथलेश राजा को क्रमशः चार हजार और तीन हजार रुपये उधार दिए थे। जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो दोनों महिलाओं ने आनाकानी शुरू कर दी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि विवाद के दौरान कमलेश और मिथलेश ने गाली-गलौज शुरू कर दी। शोर सुनकर संतोष सिंह, ऊदल सिंह, सुखपाल सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, वीपी सिंह और रीकेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। आरोपियों ने मिलकर रजऊ राजा के साथ मारपीट की। इस दौरान सूर्यप्रताप सिंह ने क्रिकेट के बल्ले और लाठी से उसके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। बचाने पहुंचीं चाली राजा और बेबी राजा के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। घायल अवस्था में सभी को महरौनी अस्पताल ले जाया गया, जहां से रजऊ राजा को जिला अस्पताल और बाद में झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। उपचार के दौरान 31 अगस्त 2017 को उसकी मौत हो गई।
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महरौनी पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने संतोष सिंह, ऊदल सिंह, सुखपाल सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, वीपी सिंह, रीकेंद्र सिंह, कमलेश राजा और मिथलेश राजा को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया।
अदालत ने सभी आठ दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर 23,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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विवेचना में नाम हटे, फिर अदालत ने किया तलब
शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सविता ने बताया कि विवेचना के दौरान पुलिस ने रीकेंद्र सिंह और मिथलेश राजा के नाम आरोपपत्र से हटा दिए थे। हालांकि न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को तलब कर मुकदमे की सुनवाई में शामिल किया।
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) यादवेंद्र सिंह की अदालत ने महरौनी क्षेत्र के ग्राम कुरौरा में उधार के रुपये मांगने को लेकर हुए विवाद में दिव्यांग युवक की मौत के मामले में देवरानी-जेठानी समेत आठ दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 23,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोतवाली महरौनी क्षेत्र के ग्राम कुरौरा निवासी लोकपाल सिंह ने वर्ष 2017 में पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसका दिव्यांग भाई रजऊ राजा उर्फ राजा भैया 29 अगस्त 2017 की शाम अपने घर जा रहा था। उसने गांव की कमलेश राजा और मिथलेश राजा को क्रमशः चार हजार और तीन हजार रुपये उधार दिए थे। जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो दोनों महिलाओं ने आनाकानी शुरू कर दी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
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आरोप है कि विवाद के दौरान कमलेश और मिथलेश ने गाली-गलौज शुरू कर दी। शोर सुनकर संतोष सिंह, ऊदल सिंह, सुखपाल सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, वीपी सिंह और रीकेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। आरोपियों ने मिलकर रजऊ राजा के साथ मारपीट की। इस दौरान सूर्यप्रताप सिंह ने क्रिकेट के बल्ले और लाठी से उसके सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। बचाने पहुंचीं चाली राजा और बेबी राजा के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। घायल अवस्था में सभी को महरौनी अस्पताल ले जाया गया, जहां से रजऊ राजा को जिला अस्पताल और बाद में झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। उपचार के दौरान 31 अगस्त 2017 को उसकी मौत हो गई।
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अदालत ने सभी आठ दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाने के साथ प्रत्येक पर 23,500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विवेचना में नाम हटे, फिर अदालत ने किया तलब
शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सविता ने बताया कि विवेचना के दौरान पुलिस ने रीकेंद्र सिंह और मिथलेश राजा के नाम आरोपपत्र से हटा दिए थे। हालांकि न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को तलब कर मुकदमे की सुनवाई में शामिल किया।