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Lalitpur News: ऑक्सीजन सिलिंडर व ऑटो पार्ट्स की दुकान में भीषण आग, कई सिलिंडर फटे
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के चौकाबाग बड़ी नहर के पास स्थित ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑटो पार्ट्स की दुकान में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। आग की चपेट में पूरा मकान आ गया। दुकान में रखे तीन से चार ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशे चटक गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
चौकाबाग बड़ी नहर के पास निवासी राजकुमार जैन उर्फ राजू की ग्राउंड फ्लोर पर कुमार ट्रेडर्स के नाम से दुकान है। यहां ऑटोमोबाइल सामान के साथ छोटे-बड़े ऑक्सीजन सिलिंडरों का थोक कारोबार किया जाता है। मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता है। शुक्रवार रात परिवार के सदस्य ऊपर के कमरों में सो रहे थे। देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच दुकान में अचानक आग लग गई।
मोहल्ले के लोगों ने दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख दुकान स्वामी को सूचना दी। इसके बाद राजकुमार जैन परिवार सहित तुरंत मकान से बाहर निकल आए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और 30 से 40 फुट ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। आग की तीव्रता के कारण दुकान में रखे तीन से चार ऑक्सीजन सिलिंडर फट गए। धमाकों से आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशों में दरारें पड़ गईं। एहतियात के तौर पर आसपास के घरों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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आग से दुकान में खड़ी बाइक, स्कूटी समेत अन्य मान जलकर राख हो गया। आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को कई बार पानी भरने के लिए आना-जाना पड़ा। करीब पांच से छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। ऑक्सीजन सिलिंडर रखने वाली दुकान में आग लगने की सूचना पर एसडीएम सदर मनीष कुमार, सीओ सदर सुनील भारद्वाज और जिला पूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। व्यापारी नेताओं ने प्रशासन से पीड़ित दुकानदार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की।
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सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर आग पर काबू पाया गया। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सुनील भारद्वाज, सीओ सदर
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फायर ब्रिगेड को तय करनी पड़ी अतिरिक्त दूरी
शहजाद नदी पर पुल निर्माण कार्य के चलते भारी वाहनों का आवागमन बंद है। ऐसे में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को इलाइट चौराहे से हाईवे मार्ग होकर चौकाबाग पहुंचना पड़ा। इससे वाहनों को करीब पांच से छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी, जिससे समय भी अधिक लगा।
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बुझने के बाद भी उठती रहीं लपटें
सुबह करीब 10 बजे आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अंदर से धुआं उठने के कारण बीच-बीच में फिर लपटें निकलने लगीं। ऐसे में फायर ब्रिगेड की टीम एहतियातन वाहन सहित मौके पर डटी रही और समय-समय पर पानी का छिड़काव करती रही।
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दहशत में घर छोड़कर बाहर निकले लोग
दुकान में ऑक्सीजन सिलिंडर रखे होने और उनके फटने की आशंका के चलते आसपास के लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया था।
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लोगों ने लगाया देरी से पहुंचने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के तुरंत बाद कंट्रोल रूम के माध्यम से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई वाहन नहीं पहुंचा। बाद में कुछ लोग स्वयं विभागीय कार्यालय पहुंचे, तब एक वाहन मौके पर आया। आग की भीषणता को देखते हुए बाद में अन्य वाहन बुलाए गए, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी।
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सुलगते सवाल
-जिस भवन में बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलिंडर रखे गए थे, उसी के ऊपर दुकान स्वामी का परिवार निवास कर रहा था।
-दुकान में अग्निशमन उपकरण और फायर फाइटिंग सिस्टम की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं?
-ऑक्सीजन सिलिंडर के भंडारण और बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने से पहले स्थलीय निरीक्षण किया गया था या नहीं?
-प्रतिष्ठान के पास अग्निशमन विभाग की वैध एनओसी थी या नहीं
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दुकान में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है।
— तबारक हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
ललितपुर। शहर के चौकाबाग बड़ी नहर के पास स्थित ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑटो पार्ट्स की दुकान में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। आग की चपेट में पूरा मकान आ गया। दुकान में रखे तीन से चार ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशे चटक गए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
चौकाबाग बड़ी नहर के पास निवासी राजकुमार जैन उर्फ राजू की ग्राउंड फ्लोर पर कुमार ट्रेडर्स के नाम से दुकान है। यहां ऑटोमोबाइल सामान के साथ छोटे-बड़े ऑक्सीजन सिलिंडरों का थोक कारोबार किया जाता है। मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता है। शुक्रवार रात परिवार के सदस्य ऊपर के कमरों में सो रहे थे। देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच दुकान में अचानक आग लग गई।
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मोहल्ले के लोगों ने दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख दुकान स्वामी को सूचना दी। इसके बाद राजकुमार जैन परिवार सहित तुरंत मकान से बाहर निकल आए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और 30 से 40 फुट ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। आग की तीव्रता के कारण दुकान में रखे तीन से चार ऑक्सीजन सिलिंडर फट गए। धमाकों से आसपास के मकानों की खिड़कियों के शीशों में दरारें पड़ गईं। एहतियात के तौर पर आसपास के घरों को खाली कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
आग से दुकान में खड़ी बाइक, स्कूटी समेत अन्य मान जलकर राख हो गया। आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को कई बार पानी भरने के लिए आना-जाना पड़ा। करीब पांच से छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। ऑक्सीजन सिलिंडर रखने वाली दुकान में आग लगने की सूचना पर एसडीएम सदर मनीष कुमार, सीओ सदर सुनील भारद्वाज और जिला पूर्ति अधिकारी उमेश चंद्र मिश्रा मौके पर पहुंचे तथा स्थिति का जायजा लिया। व्यापारी नेताओं ने प्रशासन से पीड़ित दुकानदार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर आग पर काबू पाया गया। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
सुनील भारद्वाज, सीओ सदर
फायर ब्रिगेड को तय करनी पड़ी अतिरिक्त दूरी
शहजाद नदी पर पुल निर्माण कार्य के चलते भारी वाहनों का आवागमन बंद है। ऐसे में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को इलाइट चौराहे से हाईवे मार्ग होकर चौकाबाग पहुंचना पड़ा। इससे वाहनों को करीब पांच से छह किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी, जिससे समय भी अधिक लगा।
बुझने के बाद भी उठती रहीं लपटें
सुबह करीब 10 बजे आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अंदर से धुआं उठने के कारण बीच-बीच में फिर लपटें निकलने लगीं। ऐसे में फायर ब्रिगेड की टीम एहतियातन वाहन सहित मौके पर डटी रही और समय-समय पर पानी का छिड़काव करती रही।
दहशत में घर छोड़कर बाहर निकले लोग
दुकान में ऑक्सीजन सिलिंडर रखे होने और उनके फटने की आशंका के चलते आसपास के लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया था।
लोगों ने लगाया देरी से पहुंचने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के तुरंत बाद कंट्रोल रूम के माध्यम से फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई वाहन नहीं पहुंचा। बाद में कुछ लोग स्वयं विभागीय कार्यालय पहुंचे, तब एक वाहन मौके पर आया। आग की भीषणता को देखते हुए बाद में अन्य वाहन बुलाए गए, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी।
सुलगते सवाल
-जिस भवन में बड़ी संख्या में ऑक्सीजन सिलिंडर रखे गए थे, उसी के ऊपर दुकान स्वामी का परिवार निवास कर रहा था।
-दुकान में अग्निशमन उपकरण और फायर फाइटिंग सिस्टम की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं?
-ऑक्सीजन सिलिंडर के भंडारण और बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने से पहले स्थलीय निरीक्षण किया गया था या नहीं?
-प्रतिष्ठान के पास अग्निशमन विभाग की वैध एनओसी थी या नहीं
दुकान में आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है।
— तबारक हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी