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प्राइवेट शिक्षक हत्याकांड : पुलिस की चार टीमें हमलावरों की तलाश में जुटीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पुरानी रंजिश के चलते स्कूल से घर लौटते समय रास्ते मे एकराय होकर किए गए हमले में गंभीर घायल प्राइवेट शिक्षक की मौत के मामले में हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई है।
10 अगस्त की दोपहर कचनौंदा कलां स्थित स्कूल से छह वर्षीय बेटी के साथ स्कूटी से घर लौटते समय कोतवाली सदर के ग्राम झरकौन निवासी 30 वर्षीय प्राइवेट कॉलेज शिक्षक अभय लोधी पर ग्राम खोखरा के पास आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने एकराय होकर जानलेवा हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल अभय लोधी को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया था। यहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे झांसी रेफर कर दिया था। हमले का आरोप अभय लोधी के जीजा के परिवारवालों और उनके साथियों पर पुरानी रंजिश को लेकर लगा था। काेतवाली पुलिस ने अभय के साले साले केहर सिंह की तहरीर पर तुलसी, चंदन, मोरसिंह, मनोहर निवासी ग्राम झरकौन कोतवाली सदर और राजेश, देवेंद्र निवासी ठाठखेड़ी थाना सहराई मध्य प्रदेश सहित अन्य साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
झांसी में भी हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया, लेकिन ग्वालियर ले जाते समय 11 अगस्त को रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराओं की बढ़ोतरी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं मौके से पिकअप के साथ पकड़े गए युवक से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है। इधर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेयी ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली सदर से दो टीमें सहित कुल चार टीमें गठित कीं। गठित की गई टीमें हमलावरों की तलाश में संभावित क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं। पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश में डेरा डाले हुए है और एमपी के आरोपियों की तलाश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल में कुछ महत्वपूर्ण व चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं। इन तथ्यों को लेकर पुलिस टीमें जांच-पड़ताल करने में जुटी हुई हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए कोतवाली की दो टीमें और एसओजी, सर्विलांस की टीमों सहित कुल चार टीमें गठित की गईं हैं। आरोपियों की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, समय रहते कार्रवाई होती तो टल सकता था खूनी खेल
परिजनों के मुताबिक अभय और उसके परिजनों ने पुरानी रंजिश होने पर बार-बार जान से मारने का प्रयास करने सहित जान को खतरा होने की शिकायतें पुलिस से की थीं। उन्हें आशंका थी कि आरोपी उनके परिजनों को जान से मार सकते हैं। बावजूद इसके शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ते रहे। आखिरकार 10 अगस्त की दोपहर को स्कूल से लौटते समय अभय पर हमला कर दिया जिससे 11 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
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आंखों के सामने पिता की हत्या से सदमे में मासूम बेटी
ग्राम झरकौन निवासी प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह पर बेटी को लेकर स्कूल से लौटते समय ग्राम खोखरा के पास जानलेवा हमला हुआ था। इस घटना ने उसकी मासूम बेटी भाग्यश्री के मन पर गहरा असर छोड़ा है। घटना के समय पुत्री ने अपनी आंखों के सामने पिता को खून से लथपथ देखा। अचानक हुई इस घटना से वह बुरी तरह से डर गई है। पिता को खोने के बाद परिवार में मातम पसरा है और मासूम बेटी बार-बार अपने पिता को याद करते हुए रो रही है।
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ललितपुर। पुरानी रंजिश के चलते स्कूल से घर लौटते समय रास्ते मे एकराय होकर किए गए हमले में गंभीर घायल प्राइवेट शिक्षक की मौत के मामले में हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई है।
10 अगस्त की दोपहर कचनौंदा कलां स्थित स्कूल से छह वर्षीय बेटी के साथ स्कूटी से घर लौटते समय कोतवाली सदर के ग्राम झरकौन निवासी 30 वर्षीय प्राइवेट कॉलेज शिक्षक अभय लोधी पर ग्राम खोखरा के पास आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने एकराय होकर जानलेवा हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल अभय लोधी को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया था। यहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे झांसी रेफर कर दिया था। हमले का आरोप अभय लोधी के जीजा के परिवारवालों और उनके साथियों पर पुरानी रंजिश को लेकर लगा था। काेतवाली पुलिस ने अभय के साले साले केहर सिंह की तहरीर पर तुलसी, चंदन, मोरसिंह, मनोहर निवासी ग्राम झरकौन कोतवाली सदर और राजेश, देवेंद्र निवासी ठाठखेड़ी थाना सहराई मध्य प्रदेश सहित अन्य साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
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झांसी में भी हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया, लेकिन ग्वालियर ले जाते समय 11 अगस्त को रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराओं की बढ़ोतरी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं मौके से पिकअप के साथ पकड़े गए युवक से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है। इधर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेयी ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें एसओजी, सर्विलांस और कोतवाली सदर से दो टीमें सहित कुल चार टीमें गठित कीं। गठित की गई टीमें हमलावरों की तलाश में संभावित क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं। पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश में डेरा डाले हुए है और एमपी के आरोपियों की तलाश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल में कुछ महत्वपूर्ण व चौंकाने वाले तथ्य हाथ लगे हैं। इन तथ्यों को लेकर पुलिस टीमें जांच-पड़ताल करने में जुटी हुई हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि हमलावरों को गिरफ्तार करने के लिए कोतवाली की दो टीमें और एसओजी, सर्विलांस की टीमों सहित कुल चार टीमें गठित की गईं हैं। आरोपियों की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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परिजनों के मुताबिक अभय और उसके परिजनों ने पुरानी रंजिश होने पर बार-बार जान से मारने का प्रयास करने सहित जान को खतरा होने की शिकायतें पुलिस से की थीं। उन्हें आशंका थी कि आरोपी उनके परिजनों को जान से मार सकते हैं। बावजूद इसके शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ते रहे। आखिरकार 10 अगस्त की दोपहर को स्कूल से लौटते समय अभय पर हमला कर दिया जिससे 11 अगस्त को उसकी मौत हो गई।
आंखों के सामने पिता की हत्या से सदमे में मासूम बेटी
ग्राम झरकौन निवासी प्राइवेट शिक्षक अभय सिंह पर बेटी को लेकर स्कूल से लौटते समय ग्राम खोखरा के पास जानलेवा हमला हुआ था। इस घटना ने उसकी मासूम बेटी भाग्यश्री के मन पर गहरा असर छोड़ा है। घटना के समय पुत्री ने अपनी आंखों के सामने पिता को खून से लथपथ देखा। अचानक हुई इस घटना से वह बुरी तरह से डर गई है। पिता को खोने के बाद परिवार में मातम पसरा है और मासूम बेटी बार-बार अपने पिता को याद करते हुए रो रही है।