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Lalitpur News: मौसम परिवर्तन से सांस के मरीजों को आ रही दिक्कत
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मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन ओपीडी में आ रहे सांस के करीब 40 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मौसम परिवर्तन से सांस के मरीजों को दिक्कत कर आ रही है, चिकित्सकों ने मरीजों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है। हालांकि अब गर्मी अधिक पड़ने के बाद समस्या समाप्त हो जाएगी। सर्द गर्म मौसम में अधिक परेशानी होती है।
मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। खासकर सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मेडिकल और निजी क्लीनिकों में दमा, एलर्जी और सांस फूलने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज इस समस्या हो लेकर आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम परिवर्तन के दौरान धूल, ठंडी हवा और संक्रमण के कारण श्वसन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे दमा और एलर्जी के मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती है। मेडिकल के फिजीशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि इन दिनों सुबह और शाम के समय ठंडक रहती है, जबकि दिन में गर्मी बढ़ रही है। इस अचानक बदलाव से सांस के मरीजों में खांसी, जकड़न, सांस फूलना और सीने में भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना ऐसे कई मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार जिन लोगों को पहले से दमा, एलर्जी या ब्रोंकाइटिस की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। धूल भरे स्थानों से बचना, मास्क का उपयोग करना और डॉक्टर की दी गई दवाओं का नियमित सेवन करना जरूरी है। डॉ. अंबिका दुबे ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान वायरल संक्रमण भी तेजी से फैलता है, जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। ऐसे में बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और नियमित उपचार से मौसम परिवर्तन के दौरान सांस संबंधी बीमारियों से होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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यह बरते सावधानियां
-सुबह-शाम ठंडी हवा में बाहर निकलने से बचें।
-धूल और प्रदूषण वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
-डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें।
-भाप लेना और गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है।
-सांस ज्यादा फूलने या तेज खांसी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मौसम परिवर्तन से सांस के मरीजों को दिक्कत कर आ रही है, चिकित्सकों ने मरीजों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है। हालांकि अब गर्मी अधिक पड़ने के बाद समस्या समाप्त हो जाएगी। सर्द गर्म मौसम में अधिक परेशानी होती है।
मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगा है। खासकर सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मेडिकल और निजी क्लीनिकों में दमा, एलर्जी और सांस फूलने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज इस समस्या हो लेकर आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम परिवर्तन के दौरान धूल, ठंडी हवा और संक्रमण के कारण श्वसन तंत्र प्रभावित होता है, जिससे दमा और एलर्जी के मरीजों को ज्यादा दिक्कत होती है। मेडिकल के फिजीशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि इन दिनों सुबह और शाम के समय ठंडक रहती है, जबकि दिन में गर्मी बढ़ रही है। इस अचानक बदलाव से सांस के मरीजों में खांसी, जकड़न, सांस फूलना और सीने में भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना ऐसे कई मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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चिकित्सकों के अनुसार जिन लोगों को पहले से दमा, एलर्जी या ब्रोंकाइटिस की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। धूल भरे स्थानों से बचना, मास्क का उपयोग करना और डॉक्टर की दी गई दवाओं का नियमित सेवन करना जरूरी है। डॉ. अंबिका दुबे ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान वायरल संक्रमण भी तेजी से फैलता है, जो श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। ऐसे में बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और नियमित उपचार से मौसम परिवर्तन के दौरान सांस संबंधी बीमारियों से होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यह बरते सावधानियां
-सुबह-शाम ठंडी हवा में बाहर निकलने से बचें।
-धूल और प्रदूषण वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
-डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें।
-भाप लेना और गुनगुना पानी पीना फायदेमंद है।
-सांस ज्यादा फूलने या तेज खांसी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
