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Lalitpur News: 24 साल पुराने मुकदमे से आहत सेवानिवृत्त शिक्षक ने की आत्महत्या
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बार थाना क्षेत्र के ग्राम चिकलौआ निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने बृहस्पतिवार को कथित रूप से जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। उनके पास से तीन सुसाइड नोट बरामद हुए हैं, जो न्यायालय, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी बार के नाम संबोधित बताए जा रहे हैं। नोट में उन्होंने वर्ष 2002 में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे और उससे जुड़ी कथित प्रताड़ना का उल्लेख करते हुए मानसिक रूप से टूट जाने की बात लिखी है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी के अनुसार वर्ष 2002 में उनके पिता के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि मुकदमे को लेकर उनके पिता लंबे समय से मानसिक तनाव में रहते थे। बुधवार को मामले की सुनवाई की तारीख थी, जो बढ़कर 16 जुलाई हो गई थी। इसके बाद उन्होंने घर पर दोपहर में कथित रूप से कोल्ड ड्रिंक में विषाक्त पदार्थ मिलाकर पी लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने वर्ष 2002 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए तत्कालीन पुलिस अधिकारियों समेत कुछ अन्य लोगों को अपनी मानसिक पीड़ा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष न्याय की अपेक्षा भी व्यक्त की है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन शव को लेकर थाना बार पहुंचे और कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन देर रात तक पोस्टमार्टम हाउस में रुके रहे। उनका कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसकी काॅपी के साथ ही शव लेकर घर जाएंगे।
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घटना की सूचना पर सांसद अनुराग शर्मा और श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
राजाराम गोस्वामी बेसिक शिक्षा विभाग से करीब 16 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी भागवती वर्ष 1995 से 2000 तक ग्राम प्रधान रहीं, जबकि उनके पुत्र अनुराग गोस्वामी वर्ष 2005 से 2010 तक चिकलौआ के ग्राम प्रधान रहे।
तब प्रदेश में चर्चा का विषय बना था
वर्ष 2002 का यह मामला उस समय जिले और प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। राजाराम गोस्वामी पर विद्यालय में सहकर्मियों के साथ छुआछूत बरतने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप लगे थे। इसके बाद उनके साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप भी सामने आए थे। उस समय इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
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शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक, ललितपुर
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ललितपुर। बार थाना क्षेत्र के ग्राम चिकलौआ निवासी 78 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी ने बृहस्पतिवार को कथित रूप से जहर निगलकर आत्महत्या कर ली। उनके पास से तीन सुसाइड नोट बरामद हुए हैं, जो न्यायालय, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी बार के नाम संबोधित बताए जा रहे हैं। नोट में उन्होंने वर्ष 2002 में दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे और उससे जुड़ी कथित प्रताड़ना का उल्लेख करते हुए मानसिक रूप से टूट जाने की बात लिखी है। पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक के पुत्र अनुराग गोस्वामी के अनुसार वर्ष 2002 में उनके पिता के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि मुकदमे को लेकर उनके पिता लंबे समय से मानसिक तनाव में रहते थे। बुधवार को मामले की सुनवाई की तारीख थी, जो बढ़कर 16 जुलाई हो गई थी। इसके बाद उन्होंने घर पर दोपहर में कथित रूप से कोल्ड ड्रिंक में विषाक्त पदार्थ मिलाकर पी लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बार ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस के अनुसार मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने वर्ष 2002 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए तत्कालीन पुलिस अधिकारियों समेत कुछ अन्य लोगों को अपनी मानसिक पीड़ा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष न्याय की अपेक्षा भी व्यक्त की है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन शव को लेकर थाना बार पहुंचे और कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायती पत्र दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन देर रात तक पोस्टमार्टम हाउस में रुके रहे। उनका कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसकी काॅपी के साथ ही शव लेकर घर जाएंगे।
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घटना की सूचना पर सांसद अनुराग शर्मा और श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
राजाराम गोस्वामी बेसिक शिक्षा विभाग से करीब 16 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी भागवती वर्ष 1995 से 2000 तक ग्राम प्रधान रहीं, जबकि उनके पुत्र अनुराग गोस्वामी वर्ष 2005 से 2010 तक चिकलौआ के ग्राम प्रधान रहे।
तब प्रदेश में चर्चा का विषय बना था
वर्ष 2002 का यह मामला उस समय जिले और प्रदेश में चर्चा का विषय बना था। राजाराम गोस्वामी पर विद्यालय में सहकर्मियों के साथ छुआछूत बरतने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप लगे थे। इसके बाद उनके साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप भी सामने आए थे। उस समय इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।
शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक, ललितपुर