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Lalitpur News: किसान कॉल सेंटर से मिलेगा फसलों की समस्याओं का समाधान, टोल फ्री नंबर पर विशेषज्ञ देंगे सलाह
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खेतीबाड़ी या फसलों से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए अब किसानों को कृषि अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कृषि विभाग की ओर से संचालित किसान कॉल सेंटर पर फोन कर किसान अपनी समस्या बता सकते हैं। विशेषज्ञ किसानों को उनकी भाषा में खेती और फसलों से संबंधित सवालों का समाधान बताएंगे।
किसान कॉल सेंटर किसानों के लिए निशुल्क सहायता केंद्र के रूप में काम कर रहा है। किसान टोल फ्री नंबर 1551 पर कॉल कर फसलों की देखभाल, कृषि तकनीक, कीट-रोग, पशुपालन और डेयरी से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी और शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
किसान कॉल सेंटर की सेवा सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहती है। यदि किसी कारणवश किसान की कॉल तत्काल रिसीव नहीं हो पाती है तो बाद में कॉल सेंटर की ओर से किसान को फोन किया जाता है। कॉल सेंटर पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को टेक्स्ट या वॉयस मैसेज के माध्यम से भी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
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किसानों के लिए खेतीबाड़ी से संबंधित जानकारी हासिल करने का किसान कॉल सेंटर सशक्त माध्यम है। यहां विशेषज्ञ किसानों के सवालों के सटीक जवाब देते हैं। किसान सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक कॉल कर सेवा का लाभ ले सकते हैं।
-अख्तर हुसैन, उपकृषि निदेशक
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व्हाट्सएप पर फसल की फोटो भेजें, विशेषज्ञ बताएंगे रोग का निदान
पंजीकृत किसानों के लिए जारी किए गए दो व्हाट्सएप नंबर, कीट और रोग की समस्या का मिलेगा समाधान
सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के तहत कृषि विभाग ने किसानों के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से फसल में लगने वाले कीट और रोगों की पहचान व निदान की सुविधा शुरू की है। इस सेवा का लाभ कृषि विभाग में पंजीकृत किसान ले सकते हैं।
इसके लिए किसान फसल में लगे कीट या रोग की स्पष्ट फोटो मोबाइल से खींचकर विभाग के व्हाट्सएप नंबर पर भेज सकते हैं। फोटो मिलने के बाद कृषि वैज्ञानिक उसका परीक्षण कर समस्या के निदान की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराएंगे।
किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग ने 9452247111 और 9452257111 व्हाट्सएप नंबर जारी किए हैं। किसान इन नंबरों पर फसल में लगे कीट या रोग की फोटो भेजकर विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह जानकारी उपकृषि निदेशक अख्तर हुसैन ने दी।
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ललितपुर। खेतीबाड़ी या फसलों से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए अब किसानों को कृषि अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कृषि विभाग की ओर से संचालित किसान कॉल सेंटर पर फोन कर किसान अपनी समस्या बता सकते हैं। विशेषज्ञ किसानों को उनकी भाषा में खेती और फसलों से संबंधित सवालों का समाधान बताएंगे।
किसान कॉल सेंटर किसानों के लिए निशुल्क सहायता केंद्र के रूप में काम कर रहा है। किसान टोल फ्री नंबर 1551 पर कॉल कर फसलों की देखभाल, कृषि तकनीक, कीट-रोग, पशुपालन और डेयरी से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी और शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
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किसान कॉल सेंटर की सेवा सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहती है। यदि किसी कारणवश किसान की कॉल तत्काल रिसीव नहीं हो पाती है तो बाद में कॉल सेंटर की ओर से किसान को फोन किया जाता है। कॉल सेंटर पर पंजीकरण कराने वाले किसानों को टेक्स्ट या वॉयस मैसेज के माध्यम से भी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
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किसानों के लिए खेतीबाड़ी से संबंधित जानकारी हासिल करने का किसान कॉल सेंटर सशक्त माध्यम है। यहां विशेषज्ञ किसानों के सवालों के सटीक जवाब देते हैं। किसान सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक कॉल कर सेवा का लाभ ले सकते हैं।
-अख्तर हुसैन, उपकृषि निदेशक
व्हाट्सएप पर फसल की फोटो भेजें, विशेषज्ञ बताएंगे रोग का निदान
पंजीकृत किसानों के लिए जारी किए गए दो व्हाट्सएप नंबर, कीट और रोग की समस्या का मिलेगा समाधान
सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के तहत कृषि विभाग ने किसानों के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से फसल में लगने वाले कीट और रोगों की पहचान व निदान की सुविधा शुरू की है। इस सेवा का लाभ कृषि विभाग में पंजीकृत किसान ले सकते हैं।
इसके लिए किसान फसल में लगे कीट या रोग की स्पष्ट फोटो मोबाइल से खींचकर विभाग के व्हाट्सएप नंबर पर भेज सकते हैं। फोटो मिलने के बाद कृषि वैज्ञानिक उसका परीक्षण कर समस्या के निदान की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराएंगे।
किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग ने 9452247111 और 9452257111 व्हाट्सएप नंबर जारी किए हैं। किसान इन नंबरों पर फसल में लगे कीट या रोग की फोटो भेजकर विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त कर सकते हैं। यह जानकारी उपकृषि निदेशक अख्तर हुसैन ने दी।