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Lalitpur News: गल्ला मंडी में टैक्सी यूनियन की हड़ताल, करोड़ों का कारोबार प्रभावित
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48 घंटे में 50 हजार क्विंटल जिंस का उठान ठप, दूसरे दिन भी वार्ता विफल, किसानों का अनाज नहीं बिका
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में टैक्सी यूनियन की हड़ताल से 48 घंटे में करीब 50 हजार क्विंटल जिंस का उठान नहीं हो सका। इससे छह करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। बृहस्पतिवार को भी व्यापारियों और टैक्सी यूनियन के बीच वार्ता बेनतीजा रही।
गल्ला मंडी में आढ़ती किसानों से अनाज खरीदकर टैक्सी के माध्यम से उसका उठान कराते हैं। इसके लिए व्यापारियों द्वारा प्रति बोरी पर 5.50 रुपये भाड़ा दिया जाता है। बुधवार को टैक्सी यूनियन ने प्रति बोरी 50 पैसे भाड़ा बढ़ाने और 60 किलो की जगह 50 किलो बोरी किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी, जिससे कामकाज ठप हो गया।
हड़ताल के चलते पहले दिन करीब 30 हजार क्विंटल अनाज का उठान नहीं हो सका। व्यापारियों ने यूनियन से वार्ता की, लेकिन वे केवल 15 पैसे प्रति बोरी बढ़ाने को तैयार हैं और बोरे का वजन घटाने के पक्ष में नहीं हैं।
वहीं टैक्सी यूनियन का कहना है कि कई चालक उम्रदराज हैं और 60 किलो बोरा उठाना उनके लिए मुश्किल है। अधिक वजन से वाहनों पर भी दबाव पड़ता है। इसी वजह से यूनियन अपनी मांगों पर अड़ी हुई है और दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही।
दो दिनों से उठान न होने के कारण मंडी में अनाज से भरे बोरे लगे रहे। बृहस्पतिवार को करीब 20 हजार क्विंटल अनाज लेकर किसान मंडी पहुंचे, लेकिन खरीद-बिक्री न होने से उनके ट्रैक्टर दिनभर खड़े रहे। इससे किसानों में मायूसी रही और मंडी में कारोबार पूरी तरह ठप रहा।
मंडी सचिव धर्मेंद्र सिंह की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को भी बैठक हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। लगभग 15 हजार क्विंटल नई आवक बताई गई, पर उठान न होने से स्थिति जस की तस बनी रही।
मंडी राजस्व को भी नुकसान
उठान ठप होने से मंडी समिति को मंडी शुल्क, विकास सेस और जीएसटी के रूप में प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ेगा।
ये बोले संबंधित पक्ष
टैक्सी यूनियन 50 पैसे प्रति बोरी बढ़ाने की मांग कर रही है, जबकि व्यापारी 15 पैसे बढ़ाने को तैयार हैं। 48 घंटे में करीब छह करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। - जय कुमार जैन महोली, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ
हम 50 पैसे प्रति बोरी भाड़ा बढ़ाने और 60 किलो की जगह 50 किलो बोरी करने की मांग कर रहे हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, काम नहीं करेंगे। - रामेश्वर, अध्यक्ष, टैक्सी यूनियन
यूनियन की मांग पर व्यापारियों पेशकश
मंडी में लोडिंग टैक्सी : करीब 400
दो दिन में प्रभावित जिंस : 50 हजार क्विंटल
प्रभावित कारोबार : छह करोड़ रुपये से अधिक
यूनियन की मांग : 50 पैसे प्रति बोरी बढ़ोतरी
व्यापारियों की पेशकश : 15 पैसे प्रति बोरी
टैक्सी यूनियन और व्यापारियों की बैठक कराई गई है। व्यापारी 15 पैसे बढ़ाने को तैयार हैं, जबकि यूनियन 50 पैसे और बोरे का वजन 60 से 50 किलो करने पर अड़ी है। जल्द ही उठान शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - धर्मेंद्र सिंह, मंडी सचिव
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में टैक्सी यूनियन की हड़ताल से 48 घंटे में करीब 50 हजार क्विंटल जिंस का उठान नहीं हो सका। इससे छह करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। बृहस्पतिवार को भी व्यापारियों और टैक्सी यूनियन के बीच वार्ता बेनतीजा रही।
गल्ला मंडी में आढ़ती किसानों से अनाज खरीदकर टैक्सी के माध्यम से उसका उठान कराते हैं। इसके लिए व्यापारियों द्वारा प्रति बोरी पर 5.50 रुपये भाड़ा दिया जाता है। बुधवार को टैक्सी यूनियन ने प्रति बोरी 50 पैसे भाड़ा बढ़ाने और 60 किलो की जगह 50 किलो बोरी किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी, जिससे कामकाज ठप हो गया।
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हड़ताल के चलते पहले दिन करीब 30 हजार क्विंटल अनाज का उठान नहीं हो सका। व्यापारियों ने यूनियन से वार्ता की, लेकिन वे केवल 15 पैसे प्रति बोरी बढ़ाने को तैयार हैं और बोरे का वजन घटाने के पक्ष में नहीं हैं।
वहीं टैक्सी यूनियन का कहना है कि कई चालक उम्रदराज हैं और 60 किलो बोरा उठाना उनके लिए मुश्किल है। अधिक वजन से वाहनों पर भी दबाव पड़ता है। इसी वजह से यूनियन अपनी मांगों पर अड़ी हुई है और दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही।
दो दिनों से उठान न होने के कारण मंडी में अनाज से भरे बोरे लगे रहे। बृहस्पतिवार को करीब 20 हजार क्विंटल अनाज लेकर किसान मंडी पहुंचे, लेकिन खरीद-बिक्री न होने से उनके ट्रैक्टर दिनभर खड़े रहे। इससे किसानों में मायूसी रही और मंडी में कारोबार पूरी तरह ठप रहा।
मंडी सचिव धर्मेंद्र सिंह की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को भी बैठक हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। लगभग 15 हजार क्विंटल नई आवक बताई गई, पर उठान न होने से स्थिति जस की तस बनी रही।
मंडी राजस्व को भी नुकसान
उठान ठप होने से मंडी समिति को मंडी शुल्क, विकास सेस और जीएसटी के रूप में प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ेगा।
ये बोले संबंधित पक्ष
टैक्सी यूनियन 50 पैसे प्रति बोरी बढ़ाने की मांग कर रही है, जबकि व्यापारी 15 पैसे बढ़ाने को तैयार हैं। 48 घंटे में करीब छह करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। - जय कुमार जैन महोली, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ
हम 50 पैसे प्रति बोरी भाड़ा बढ़ाने और 60 किलो की जगह 50 किलो बोरी करने की मांग कर रहे हैं। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, काम नहीं करेंगे। - रामेश्वर, अध्यक्ष, टैक्सी यूनियन
यूनियन की मांग पर व्यापारियों पेशकश
मंडी में लोडिंग टैक्सी : करीब 400
दो दिन में प्रभावित जिंस : 50 हजार क्विंटल
प्रभावित कारोबार : छह करोड़ रुपये से अधिक
यूनियन की मांग : 50 पैसे प्रति बोरी बढ़ोतरी
व्यापारियों की पेशकश : 15 पैसे प्रति बोरी
टैक्सी यूनियन और व्यापारियों की बैठक कराई गई है। व्यापारी 15 पैसे बढ़ाने को तैयार हैं, जबकि यूनियन 50 पैसे और बोरे का वजन 60 से 50 किलो करने पर अड़ी है। जल्द ही उठान शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है। - धर्मेंद्र सिंह, मंडी सचिव
