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Lalitpur News: गार्डिंग विहीन हाईटेंशन लाइनें बढ़ा रहीं हादसों का खतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनें लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। अनेक स्थानों पर लाइनों के नीचे सुरक्षा गार्डिंग नहीं लगी है, जबकि कई जगह पुरानी गार्डिंग टूटकर गायब हो चुकी है। इसके चलते तार टूटने या गिरने पर गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। पूर्व में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
विद्युत विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए 11 केवी और 33 केवी की हाईटेंशन लाइनें बिछाई हैं। ये लाइनें मुख्य सड़कों, बाजारों और आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरती हैं। नियमानुसार हाईटेंशन लाइनों के नीचे सुरक्षा के लिए गार्डिंग वायर लगाई जाती है, ताकि तार टूटने की स्थिति में वह सीधे जमीन पर न गिरे। समय-समय पर इसकी मरम्मत और प्रतिस्थापन का भी प्रावधान है।
इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में गार्डिंग वायर वर्षों से टूटी या गायब पड़ी है। स्टेशन क्षेत्र, तालाबपुरा, नदीपुरा, गल्लामंडी सहित कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों के नीचे सुरक्षा गार्डिंग नहीं है। चर्च रोड तिराहा, तुवन चौराहा, तुवन चौराहा से आजादपुरा गेट मार्ग, सदनशाह चौराहा और इलाइट चौराहा जैसे व्यस्त स्थानों पर भी लोग खतरे के साये में आवागमन कर रहे हैं। वहीं राजघाट रोड पर कई स्थानों पर गार्डिंग वायर क्षतिग्रस्त बताई जा रही है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइनों की नियमित जांच और गार्डिंग की व्यवस्था न होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विभागीय स्तर पर व्यापक सर्वे कर आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम किए जाने की जरूरत है।
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तार टूटने से हुए बड़े हादसे
तीन वर्ष पहले मोहल्ला नदीपुरा स्थित कैलगुवां रोड पर हाईटेंशन तार टूटकर गिरने से टायर की दुकान में आग लग गई थी।
वर्ष 2021 में जखौरा क्षेत्र के ननौरा गांव के पास नहर किनारे हाईटेंशन लाइन टूटने से तीन किसानों की मौत हो गई थी।
तुवन चौराहे से आजादपुरा मोड़ के बीच राहगीर पर तार गिरने से उसकी जान चली गई थी।
आजादपुरा क्षेत्र में भी हाईटेंशन लाइन टूटने से हादसा हो चुका है।
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-हाईटेंशन लाइनों में कई स्थानों पर गार्डिंग लगवाई जा चुकी है। जहां गार्डिंग नहीं है, उन स्थानों को वर्ष 2026-27 की अतिरिक्त कार्ययोजना में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
वीरभद्र सत्यार्थी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत
ललितपुर। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनें लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। अनेक स्थानों पर लाइनों के नीचे सुरक्षा गार्डिंग नहीं लगी है, जबकि कई जगह पुरानी गार्डिंग टूटकर गायब हो चुकी है। इसके चलते तार टूटने या गिरने पर गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। पूर्व में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
विद्युत विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए 11 केवी और 33 केवी की हाईटेंशन लाइनें बिछाई हैं। ये लाइनें मुख्य सड़कों, बाजारों और आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरती हैं। नियमानुसार हाईटेंशन लाइनों के नीचे सुरक्षा के लिए गार्डिंग वायर लगाई जाती है, ताकि तार टूटने की स्थिति में वह सीधे जमीन पर न गिरे। समय-समय पर इसकी मरम्मत और प्रतिस्थापन का भी प्रावधान है।
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इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में गार्डिंग वायर वर्षों से टूटी या गायब पड़ी है। स्टेशन क्षेत्र, तालाबपुरा, नदीपुरा, गल्लामंडी सहित कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनों के नीचे सुरक्षा गार्डिंग नहीं है। चर्च रोड तिराहा, तुवन चौराहा, तुवन चौराहा से आजादपुरा गेट मार्ग, सदनशाह चौराहा और इलाइट चौराहा जैसे व्यस्त स्थानों पर भी लोग खतरे के साये में आवागमन कर रहे हैं। वहीं राजघाट रोड पर कई स्थानों पर गार्डिंग वायर क्षतिग्रस्त बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइनों की नियमित जांच और गार्डिंग की व्यवस्था न होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विभागीय स्तर पर व्यापक सर्वे कर आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम किए जाने की जरूरत है।
तार टूटने से हुए बड़े हादसे
तीन वर्ष पहले मोहल्ला नदीपुरा स्थित कैलगुवां रोड पर हाईटेंशन तार टूटकर गिरने से टायर की दुकान में आग लग गई थी।
वर्ष 2021 में जखौरा क्षेत्र के ननौरा गांव के पास नहर किनारे हाईटेंशन लाइन टूटने से तीन किसानों की मौत हो गई थी।
तुवन चौराहे से आजादपुरा मोड़ के बीच राहगीर पर तार गिरने से उसकी जान चली गई थी।
आजादपुरा क्षेत्र में भी हाईटेंशन लाइन टूटने से हादसा हो चुका है।
-हाईटेंशन लाइनों में कई स्थानों पर गार्डिंग लगवाई जा चुकी है। जहां गार्डिंग नहीं है, उन स्थानों को वर्ष 2026-27 की अतिरिक्त कार्ययोजना में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
वीरभद्र सत्यार्थी, अधीक्षण अभियंता, विद्युत