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Lalitpur News: गोविंद सागर बांध में नाली खोदकर पहुंचाया जा रहा पानी

Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 12:00 AM IST
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Water is being channeled into the Gobind Sagar Dam by digging a trench.
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संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। शहर की पेयजल व्यवस्था का प्रमुख स्रोत बने गोविंद सागर बांध में तापमान बढ़ने से जलस्तर घटने के साथ जलापूर्ति व्यवस्था की खामियां उजागर होने लगी हैं। बांध में बनाए गए इंटेक वेल के कम गहराई पर होने के कारण इस हिस्से में काफी कम पानी बचा है। इस कारण अब उसमें सीधे पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में विभाग को बांध के भीतर नाली खोदकर इंटेक वेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
विध्यांचल पर्वत श्रंखला की तलहटी में स्थित गोविंद सागर बांध का निर्माण वर्ष 1952 में शहजाद नदी पर कराया गया था। यह बांध साइफन प्रणाली से लैस है। गोविंद सागर बांध का निर्माण हुआ था। वर्ष 2016 में अमृत कार्यक्रम के तहत पेयजल पुर्नगठन योजना बनाई गई। जिसके तहत जल निगम ने सर्वे कर करीब 30-35 हजार लोगों को पानी की सुविधा के लिए नेहरू नगर पाइप पेयजल परियोजना का सर्वे कर कार्य शुरू कराया था।
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योजना के तहत नेहरू नगर व चांदमारी में पानी की टंकी बनाई और करीब 70 से 80 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई। पानी की आपूर्ति के लिए आजादपुरा लेडियापुरा क्षेत्र में गोविंद सागर बांध में एक इंटेक वेल का निर्माण कराया था। इससे नेहरू नगर क्षेत्र में 12 एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है। लेकिन यह इंटेक वेल कम गहराई में बनाया गया था। जोकि गर्मी के सीजन में परेशानी का कारण बन जाता है। गर्मी के दिनों में बांध का जलस्तर घटते ही इंटेक वेल तक पानी पहुंचना बंद हो जाता है। इससे जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने लगती है। जलापूर्ति बनाए रखने के लिए संबधित विभाग बांध के अंदर इंटेक वेल के आसपास अस्थाई नाली खोदकर इंटेक वेल तक पानी पहुंचाया जा रहा है। वर्तमान समय में इंटेक वेल के हिस्से में काफी कम पानी बचा हुआ है। इस पानी को नाली के माध्यम से इंटेक वेल में लाकर आपूर्ति की जा रही है। पानी कम होने वजह से इंटेक वेल में तलहटी की गंदगी भी जाती है। यही पानी आगे फिल्टर करने के बाद सप्लाई की जा रही है। हालांकि अभी तो पानी इंटेक वेल तक पहुंच रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में बांध का पानी इंटेक वेल से दूर पहुंच जाएगा। इंटेक वेल के कम गहराई में बने होने पर अब सिंचाई विभाग संबंधित विभाग को पत्राचार करने की तैयारी कर रहा है।

अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्यमंडल जितेंद्र सिंह कनौजिया ने बताया कि बांध के अंदर कम गहराई में इंटेक वेल बनाया गया है। जबकि उनको गहरे पानी क्षेत्र में इसे बनाना था। इस कारण से गर्मी के सीजन में जलस्तर कम होने पर इंटेक वेल तक पानी पहुंचने में दिक्कत होती है। इसको लेकर संबंधित जल विभाग को इसमें सुधार करवाने के लिए पत्राचार करने की प्रक्रिया की जा रही है।
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गोविंद सागर बांध : एक नजर में
कुल जल भंडारण क्षमता : 96.84 एमसीएम
नहर प्रणाली की लंबाई : 190 किलोमीटर

कैचमेंट एरिया : 367.78 वर्ग किलोमीटर

सिंचित भूमि क्षमता : 10,820 हेक्टेयर
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बांध के पानी का उपयोग
- 31 एमएलडी नगर की पेयजल आपूर्ति
- 12 एमएलडी नेहरू नगर पाइप पेयजल परियोजना

- 0.2 एमएलडी रेलवे विभाग
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