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Maharajganj News: छह माह में 173 हादसों में 122 की गई जान, जोखिम भरे 65 स्थान चिह्नित
Mon, 27 Jul 2026 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:52 AM IST
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नौगढ़ बांसी मार्ग पर बोर्ड लगवाते यातायात पुलिस।
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दुर्घटना बहुल क्षेत्र में संकेतक बोर्ड लगाकर रोके जाएंगे हादसे, पहले नेशनल फिर स्टेट हाईवे पर लगाया जा रहा बोर्ड
जनपद में छह माह में 122 लोग सड़क हादसों में गवां चुके हैं जान, 111 घायल, इटवा में सबसे ज्यादा 14 की हुई मौत
सिद्धार्थनगर। जनपद में सड़क हादसों में हर दूसरे दिन किसी न किसी की जान जा रही है। जनवरी से अब तक 173 सड़क हादसों में 122 लोग जान गवां चुके हैं। हादसों में 111 लोग घायल भी हुए हैं। इस पर अंकुश लगे, इसके लिए यातायात पुलिस ने जोखिम भरे जनपद के 65 स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। खासतौर पर सभी जगह संकेतक लगाए जा रहे हैं, जिससे लोग पहले ही अलर्ट हो जाएं और हादसे की आशंका को कम किया जा सके।
जिले में कई अंधे मोड़, कट या फिर ऐसे रास्ते हैं जो अचानक मुख्य मार्ग को जोड़ते हैं। नेशनल और स्टेट हाईवे को जोड़ने वाले इन रास्तों पर कोई संकेतक न होने से लोग कई बार हादसे का शिकार हो जा रहे हैं। बढ़ते हुए सड़क हादसों के मद्देनजर जनपद की यातायात पुलिस ने एक सर्वे किया है, जिसमें ऐसे 65 स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां पर कट, तीव्र मोड़ या फिर लंबी दूरी में झाड़, पुल और पुलिया मौजूद हैं। यहां हादसे की गुंजाइश काफी ज्यादा है।
अब टीम की ओर से इन स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसमें दुर्घटना बहुल क्षेत्र धीरे चलें, अंधा मोड और गति सीमा सहित कई प्रकार के जागरूकता बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इससे दिन के अलावा रात में भी लाेगों को दूरी से ही बोर्ड दिख जाएगा और वाहन चालक गति सीमा को कम कर हादसों से बच सकें। सबसे पहले उन स्थानों पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जहां हाल के तीन से चार हादसे हुए हैं। उनयहां पर पीआरवी और एंबुलेंस का मूवमेंट भी सक्रिय रहेगा। हादसे होते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची सहायता प्रदान करने का काम करेगी।
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पुलिस मानना है कि बोर्ड लगाए जाने से असर पड़ता है। इसे देखकर लोग गति सीमा को कम कर देते हैं। सतर्क होकर गाड़ी चलाते हैं, जिससे हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। इससे पहले भी हादसों की संख्या कम करने के लिए हाईवे के छह थाने चिह्नित कर कई विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
हर साल जा रही 200 की जान
यातायात नियमों की अनदेखी और जल्दबाजी लोगों की जिंदगी निगल रही है। सड़क हादसे में हर रोज किसी न किसी की जान जा रही है या दिव्यांग हो जा रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो छह माह में 122 लोग हादसों में जान गवां चुके हैं। हर साल जनपद में 200 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो जा रही है। जांच में इनकी वजह कोहरा, अंधेरा या फिर अचानक वाहन आना पाई गई है। वहीं, ओवरटेक करने, चलते हुए सामने से टक्कर मारने, इसके अलावा बिना हेमलेट, तीन सवारी और शराब के नशे में भी हादसे हो रहे हैं।
हादसों पर सीसी टीम की भी नजर
बढ़ते हुए हादसों को रोकने के लिए क्रिटिकल केयर (सीसी) टीम का गठन पहले ही किया जा चुका है। नेशनल और स्टेट हाईवे के छह थाने चिह्नित किए गए हैं। इनमें नेशनल हाईवे के शिवनगर डिडई, बांसी, जोगिया, सिद्धार्थनगर और स्टेट हाईवे के इटवा और डुमरियागंज थाने को शामिल किया गया है। यहां थाना स्तर पर एक-एक स्पेशल टीम गठित की गई है। जो हादसे के बाद प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही कारण और समाधान पर भी काम कर रही है।
यहां कितनी मौत
सिद्धार्थनगर - 12
उसका बाजार - 8
मोहाना - 12
लोटन - 3
कपिलवस्तु - 4
शोहरतगढ़ - 4
चिल्हिया - 4
ढेबरुआ - 4
कठेला समय माता - 2
जोगिया उदयपुर - 7
बांसी - 10
खेसरहा - 6
शिवनगर डिड़ई - 6
डुमरियागंज - 8
भवानीगंज - 4
त्रिलोकपुर - 2
पथरा बाजार - 4
इटवा - 14
मिश्रौलिया - 3
गोल्हौरा - 5
-- -
बोले जिम्मेदार
सड़क हादसों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए संकेतक बोर्ड लगाया जा रहा है। जनपद में 65 स्थानों को चिह्नित किए गए हैं, जहां पर बोर्ड लगाया गया है। यहां पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही स्कूल और काॅलेज में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे हादसों को रोका जा सके।
- अजय यादव, प्रभारी निरीक्षक यातायात
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जनपद में छह माह में 122 लोग सड़क हादसों में गवां चुके हैं जान, 111 घायल, इटवा में सबसे ज्यादा 14 की हुई मौत
सिद्धार्थनगर। जनपद में सड़क हादसों में हर दूसरे दिन किसी न किसी की जान जा रही है। जनवरी से अब तक 173 सड़क हादसों में 122 लोग जान गवां चुके हैं। हादसों में 111 लोग घायल भी हुए हैं। इस पर अंकुश लगे, इसके लिए यातायात पुलिस ने जोखिम भरे जनपद के 65 स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। खासतौर पर सभी जगह संकेतक लगाए जा रहे हैं, जिससे लोग पहले ही अलर्ट हो जाएं और हादसे की आशंका को कम किया जा सके।
जिले में कई अंधे मोड़, कट या फिर ऐसे रास्ते हैं जो अचानक मुख्य मार्ग को जोड़ते हैं। नेशनल और स्टेट हाईवे को जोड़ने वाले इन रास्तों पर कोई संकेतक न होने से लोग कई बार हादसे का शिकार हो जा रहे हैं। बढ़ते हुए सड़क हादसों के मद्देनजर जनपद की यातायात पुलिस ने एक सर्वे किया है, जिसमें ऐसे 65 स्थान चिह्नित किए गए हैं जहां पर कट, तीव्र मोड़ या फिर लंबी दूरी में झाड़, पुल और पुलिया मौजूद हैं। यहां हादसे की गुंजाइश काफी ज्यादा है।
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अब टीम की ओर से इन स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसमें दुर्घटना बहुल क्षेत्र धीरे चलें, अंधा मोड और गति सीमा सहित कई प्रकार के जागरूकता बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इससे दिन के अलावा रात में भी लाेगों को दूरी से ही बोर्ड दिख जाएगा और वाहन चालक गति सीमा को कम कर हादसों से बच सकें। सबसे पहले उन स्थानों पर बोर्ड लगाए जा रहे हैं, जहां हाल के तीन से चार हादसे हुए हैं। उनयहां पर पीआरवी और एंबुलेंस का मूवमेंट भी सक्रिय रहेगा। हादसे होते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची सहायता प्रदान करने का काम करेगी।
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पुलिस मानना है कि बोर्ड लगाए जाने से असर पड़ता है। इसे देखकर लोग गति सीमा को कम कर देते हैं। सतर्क होकर गाड़ी चलाते हैं, जिससे हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। इससे पहले भी हादसों की संख्या कम करने के लिए हाईवे के छह थाने चिह्नित कर कई विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
हर साल जा रही 200 की जान
यातायात नियमों की अनदेखी और जल्दबाजी लोगों की जिंदगी निगल रही है। सड़क हादसे में हर रोज किसी न किसी की जान जा रही है या दिव्यांग हो जा रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो छह माह में 122 लोग हादसों में जान गवां चुके हैं। हर साल जनपद में 200 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो जा रही है। जांच में इनकी वजह कोहरा, अंधेरा या फिर अचानक वाहन आना पाई गई है। वहीं, ओवरटेक करने, चलते हुए सामने से टक्कर मारने, इसके अलावा बिना हेमलेट, तीन सवारी और शराब के नशे में भी हादसे हो रहे हैं।
हादसों पर सीसी टीम की भी नजर
बढ़ते हुए हादसों को रोकने के लिए क्रिटिकल केयर (सीसी) टीम का गठन पहले ही किया जा चुका है। नेशनल और स्टेट हाईवे के छह थाने चिह्नित किए गए हैं। इनमें नेशनल हाईवे के शिवनगर डिडई, बांसी, जोगिया, सिद्धार्थनगर और स्टेट हाईवे के इटवा और डुमरियागंज थाने को शामिल किया गया है। यहां थाना स्तर पर एक-एक स्पेशल टीम गठित की गई है। जो हादसे के बाद प्राथमिकी दर्ज करने के साथ ही कारण और समाधान पर भी काम कर रही है।
यहां कितनी मौत
सिद्धार्थनगर - 12
उसका बाजार - 8
मोहाना - 12
लोटन - 3
कपिलवस्तु - 4
शोहरतगढ़ - 4
चिल्हिया - 4
ढेबरुआ - 4
कठेला समय माता - 2
जोगिया उदयपुर - 7
बांसी - 10
खेसरहा - 6
शिवनगर डिड़ई - 6
डुमरियागंज - 8
भवानीगंज - 4
त्रिलोकपुर - 2
पथरा बाजार - 4
इटवा - 14
मिश्रौलिया - 3
गोल्हौरा - 5
बोले जिम्मेदार
सड़क हादसों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए संकेतक बोर्ड लगाया जा रहा है। जनपद में 65 स्थानों को चिह्नित किए गए हैं, जहां पर बोर्ड लगाया गया है। यहां पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही स्कूल और काॅलेज में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे हादसों को रोका जा सके।
- अजय यादव, प्रभारी निरीक्षक यातायात