{"_id":"6a6fa6ca0b13035bad0b6f8d","slug":"angered-after-being-stopped-from-picking-guavas-a-mother-killed-an-elderly-person-maharajganj-news-c-7-1-gkp1041-1405624-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बेटे को अमरुद तोड़ने से किया मना तो नाराज मां ने बुजुर्ग को मार डाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बेटे को अमरुद तोड़ने से किया मना तो नाराज मां ने बुजुर्ग को मार डाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परतावल (महराजगंज)। बच्चे को अमरूद तोड़ने के मना करने के विवाद में रविवार को एक महिला ने बुजुर्ग के सिर पर चारपाई के पाए से वार कर जान ले ली। वारदात श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के धरमौली गांव की है। मृतक के घर वालों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, धरमौली गांव निवासी मुखलाल शर्मा (70) रविवार दोपहर गांव के बाहर बने अपने मकान पर अकेले थे। उनकी पत्नी, बहू और अन्य परिजन गांव वाले मकान पर थे। दोपहर बाद करीब तीन बजे पड़ोस में रहने वाला तीन साल का बच्चा उनके दरवाजे पर लगे पेड़ से अमरूद तोड़ने लगा। आरोप है कि मुखलाल ने बच्चे को इसके लिए मना किया और डांटने लगे। यह बात बच्चे की मां गोल्डी को नागवार लगी। इस बात को लेकर उसकी बुजुर्ग से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। गुस्से में गोल्डी ने पास में रखे चारपाई के पाए से बुजुर्ग के सिर पर वार कर दिया। इससे मुखलाल लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। घटना की सूचना मिलने पर उनकी बहू और पौत्र मौके पर पहुंच गए। वे बुजुर्ग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर श्यामदेउरवां पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसओ सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि मृतक के घर वालों की तहरीर पर आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
पांच साल पहले इकलौते बेटे को खोया, अब पति की हत्या से बिखर गया परिवार
अमरूद तोड़ने के विवाद में बुजुर्ग मुखलाल की हत्या से परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट पर है। ग्रामीणों के अनुसार, मुखलाल के इकलौते बेटे रामकुमार की करीब पांच वर्ष पहले गंभीर बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। बेटे की मौत के बाद अब पिता की मौत ने घर को बेसहारा कर दिया है। मुखलाल की बहू ममता अपने तीन बेटे अमन, शिवम और नितिन के साथ गांव वाले घर में रहती है, जबकि मुखलाल पत्नी शांति देवी के साथ सड़क किनारे स्थित मकान में रहते थे। परिवार की जिम्मेदारी मुखलाल के कंधों पर ही थी। पांच पहले हुई बेटे की मौत के गम से शांति देवी अभी उबर ही नहीं पाई थी कि पति की हत्या ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। बहू और पोतों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, धरमौली गांव निवासी मुखलाल शर्मा (70) रविवार दोपहर गांव के बाहर बने अपने मकान पर अकेले थे। उनकी पत्नी, बहू और अन्य परिजन गांव वाले मकान पर थे। दोपहर बाद करीब तीन बजे पड़ोस में रहने वाला तीन साल का बच्चा उनके दरवाजे पर लगे पेड़ से अमरूद तोड़ने लगा। आरोप है कि मुखलाल ने बच्चे को इसके लिए मना किया और डांटने लगे। यह बात बच्चे की मां गोल्डी को नागवार लगी। इस बात को लेकर उसकी बुजुर्ग से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। गुस्से में गोल्डी ने पास में रखे चारपाई के पाए से बुजुर्ग के सिर पर वार कर दिया। इससे मुखलाल लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े। घटना की सूचना मिलने पर उनकी बहू और पौत्र मौके पर पहुंच गए। वे बुजुर्ग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर श्यामदेउरवां पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
एसओ सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि मृतक के घर वालों की तहरीर पर आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साथ ही उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
पांच साल पहले इकलौते बेटे को खोया, अब पति की हत्या से बिखर गया परिवार
अमरूद तोड़ने के विवाद में बुजुर्ग मुखलाल की हत्या से परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट पर है। ग्रामीणों के अनुसार, मुखलाल के इकलौते बेटे रामकुमार की करीब पांच वर्ष पहले गंभीर बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। बेटे की मौत के बाद अब पिता की मौत ने घर को बेसहारा कर दिया है। मुखलाल की बहू ममता अपने तीन बेटे अमन, शिवम और नितिन के साथ गांव वाले घर में रहती है, जबकि मुखलाल पत्नी शांति देवी के साथ सड़क किनारे स्थित मकान में रहते थे। परिवार की जिम्मेदारी मुखलाल के कंधों पर ही थी। पांच पहले हुई बेटे की मौत के गम से शांति देवी अभी उबर ही नहीं पाई थी कि पति की हत्या ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। बहू और पोतों का रो-रोकर बुरा हाल है।