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Maharajganj News: एक साथ तीन घरों के बुझे चिराग, मुहल्ले में पसरा सन्नाटा
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महराजगंज। रविवार दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश के बीच सिसवा कस्बे के वार्ड नंबर-25 मीराबाई नगर पोखरा टोला से करीब 100 मीटर दूर स्थित छठ घाट पर नहाने गए तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे कस्बे में मातम छा गया। एक साथ तीन घरों के चिराग बुझ जाने से हर आंख नम हो गई।
मीराबाई नगर पोखरा टोला निवासी रमेश यादव किसान हैं, जबकि उनकी पत्नी संतोषी देवी गृहिणी हैं। उनका बेटा नीतेश कस्बे के एक निजी विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। परिवार में बड़ा भाई विजय और बहन आराध्या हैं। इसी मोहल्ले के रामलखन एक मेडिकल स्टोर पर कार्य करते हैं। उनकी पत्नी कामिनी देवी गृहिणी हैं। उनका बेटा रजत निजी विद्यालय में कक्षा सात का छात्र था। उसकी मौत के बाद परिवार में अब केवल बहन रागिनी रह गई है। मृतक किशन रौनियार के पिता बीरेंद्र रौनियार सब्जी विक्रेता हैं और मां प्रियंका देवी गृहिणी हैं। किशन निजी विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र था। उसके परिवार में अब माता-पिता और बड़ी बहन खुशी ही हैं।
अंकित ने बचाई दो सगे भाइयों की जान
मोहल्ले के अंकित रावत, प्रदीप यादव और हीरामन यादव भी मृतकों के साथ छठ घाट पर नहाने गए थे। अंकित रावत ने बताया कि वह घाट पर बैठा रह गया जबकि उसके अन्य साथी पानी में उतर गए। इसी दौरान सभी गहरे पानी में जाकर डूबने लगे। अंकित ने तुरंत तालाब में छलांग लगाकर हीरामन यादव का हाथ पकड़कर उसे बाहर निकाला। इसके बाद रस्सी की मदद से प्रदीप यादव को भी बचा लिया गया। प्रदीप के पेट में पानी चले जाने के कारण उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के बाद रविवार दोपहर करीब तीन बजे उसे छुट्टी दे दी गई। प्रदीप और हीरामन दोनों सगे भाई हैं।
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मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता
घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी मीराबाई नगर पोखरा टोला पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने तीनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही छठ पोखरे का निर्माण करा रहे ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छठ पोखरे के चारों ओर बैरिकेडिंग कराई जाएगी और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छठ पोखरे का निर्माण उसके पुराने स्वरूप के अनुरूप कराया जाएगा। इस दौरान एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता, सीओ निचलौल रविंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आज होगा अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद तीनों किशोरों के शव उनके घर पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक चर्चा थी कि अंतिम संस्कार रविवार को ही कर दिया जाएगा लेकिन प्रशासन से बातचीत के बाद परिजनों ने सोमवार सुबह अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। सीओ निचलौल रविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है तथा पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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मीराबाई नगर पोखरा टोला निवासी रमेश यादव किसान हैं, जबकि उनकी पत्नी संतोषी देवी गृहिणी हैं। उनका बेटा नीतेश कस्बे के एक निजी विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। परिवार में बड़ा भाई विजय और बहन आराध्या हैं। इसी मोहल्ले के रामलखन एक मेडिकल स्टोर पर कार्य करते हैं। उनकी पत्नी कामिनी देवी गृहिणी हैं। उनका बेटा रजत निजी विद्यालय में कक्षा सात का छात्र था। उसकी मौत के बाद परिवार में अब केवल बहन रागिनी रह गई है। मृतक किशन रौनियार के पिता बीरेंद्र रौनियार सब्जी विक्रेता हैं और मां प्रियंका देवी गृहिणी हैं। किशन निजी विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र था। उसके परिवार में अब माता-पिता और बड़ी बहन खुशी ही हैं।
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अंकित ने बचाई दो सगे भाइयों की जान
मोहल्ले के अंकित रावत, प्रदीप यादव और हीरामन यादव भी मृतकों के साथ छठ घाट पर नहाने गए थे। अंकित रावत ने बताया कि वह घाट पर बैठा रह गया जबकि उसके अन्य साथी पानी में उतर गए। इसी दौरान सभी गहरे पानी में जाकर डूबने लगे। अंकित ने तुरंत तालाब में छलांग लगाकर हीरामन यादव का हाथ पकड़कर उसे बाहर निकाला। इसके बाद रस्सी की मदद से प्रदीप यादव को भी बचा लिया गया। प्रदीप के पेट में पानी चले जाने के कारण उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के बाद रविवार दोपहर करीब तीन बजे उसे छुट्टी दे दी गई। प्रदीप और हीरामन दोनों सगे भाई हैं।
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मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता
घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी मीराबाई नगर पोखरा टोला पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने तीनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही छठ पोखरे का निर्माण करा रहे ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छठ पोखरे के चारों ओर बैरिकेडिंग कराई जाएगी और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छठ पोखरे का निर्माण उसके पुराने स्वरूप के अनुरूप कराया जाएगा। इस दौरान एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता, सीओ निचलौल रविंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आज होगा अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद तीनों किशोरों के शव उनके घर पहुंचने पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्रारंभिक चर्चा थी कि अंतिम संस्कार रविवार को ही कर दिया जाएगा लेकिन प्रशासन से बातचीत के बाद परिजनों ने सोमवार सुबह अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। सीओ निचलौल रविंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है तथा पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।