{"_id":"6a6fa73519d1fe9ff60a89e6","slug":"bar-council-seeks-details-of-criminal-cases-against-advocates-maharajganj-news-c-206-1-mhg1001-182518-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बार काउंसिल ने मांगी अधिवक्ताओं के आपराधिक मुकदमों की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बार काउंसिल ने मांगी अधिवक्ताओं के आपराधिक मुकदमों की जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। बार काउंसिल के निर्देश पर अधिवक्ताओं के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मुकदमों का विवरण जुटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में जिले में सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन ने ऐसे अधिवक्ताओं का ब्योरा एकत्र करना शुरू कर दिया है, जिनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। तैयार की जा रही रिपोर्ट को बार काउंसिल को भेजा जाएगा।
सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि बार काउंसिल के निर्देशों के अनुपालन में सभी अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही न्यायालय परिसर में नोटिस चस्पा कर अधिवक्ताओं से निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। विशेष रूप से उन अधिवक्ताओं से अपने विरुद्ध दर्ज मुकदमों का पूरा विवरण देने के लिए कहा गया है, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनके मामलों में न्यायालय में कार्रवाई लंबित है।
उन्होंने बताया कि कुछ अधिवक्ताओं की ओर से अपना विवरण उपलब्ध करा दिया गया है, जिसकी जांच और संकलन का कार्य जारी है। सभी सूचनाएं प्राप्त होने के बाद एक सूची तैयार कर बार काउंसिल को भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया बार काउंसिल द्वारा अधिवक्ताओं के रिकॉर्ड के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के उद्देश्य से कराई जा रही है।
विज्ञापन
धीरेंद्र मिश्रा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। कई बार परिस्थितिवश निर्दोष लोग भी मामलों में फंस जाते हैं। इसलिए केवल मुकदमा दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। हालांकि बार काउंसिल के निर्देशों के तहत जिन अधिवक्ताओं के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और जिन मामलों में विधिक कार्रवाई चल रही है उनका तथ्यात्मक विवरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का उद्देश्य किसी अधिवक्ता को दोषी ठहराना नहीं बल्कि बार काउंसिल के निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराना है। सूची तैयार होने के बाद इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बार काउंसिल को प्रेषित कर दिया जाएगा। इससे अधिवक्ताओं के रिकॉर्ड का अद्यतन करने और भविष्य की प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि बार काउंसिल के निर्देशों के अनुपालन में सभी अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही न्यायालय परिसर में नोटिस चस्पा कर अधिवक्ताओं से निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। विशेष रूप से उन अधिवक्ताओं से अपने विरुद्ध दर्ज मुकदमों का पूरा विवरण देने के लिए कहा गया है, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनके मामलों में न्यायालय में कार्रवाई लंबित है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि कुछ अधिवक्ताओं की ओर से अपना विवरण उपलब्ध करा दिया गया है, जिसकी जांच और संकलन का कार्य जारी है। सभी सूचनाएं प्राप्त होने के बाद एक सूची तैयार कर बार काउंसिल को भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया बार काउंसिल द्वारा अधिवक्ताओं के रिकॉर्ड के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के उद्देश्य से कराई जा रही है।
विज्ञापन
धीरेंद्र मिश्रा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो सकता है। कई बार परिस्थितिवश निर्दोष लोग भी मामलों में फंस जाते हैं। इसलिए केवल मुकदमा दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। हालांकि बार काउंसिल के निर्देशों के तहत जिन अधिवक्ताओं के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और जिन मामलों में विधिक कार्रवाई चल रही है उनका तथ्यात्मक विवरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का उद्देश्य किसी अधिवक्ता को दोषी ठहराना नहीं बल्कि बार काउंसिल के निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराना है। सूची तैयार होने के बाद इसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बार काउंसिल को प्रेषित कर दिया जाएगा। इससे अधिवक्ताओं के रिकॉर्ड का अद्यतन करने और भविष्य की प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।