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Maharajganj News: 20 पुलियों के निर्माण को बजट की दरकार
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पुल और पुलियों का निर्माण कार्य डेढ़ वर्षों से बजट के अभाव में रुका
कसमरिया और तेंदुअहिया झुलनीपुर के पास पुल जर्जर
सिंचाई विभाग प्रथम ने 11 करोड़ रुपये की लागत की तैयार की है योजना
महराजगंज। जिले के विभिन्न रजवाहों पर प्रस्तावित 20 पुल और पुलियों का निर्माण करीब डेढ़ वर्षो से बजट के अभाव में ठप है। निर्माण न होने के कारण इन पुलों और पुलियों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। कसमरिया और तेंदुअहिया झुलनीपुर के पास पुल जर्जर हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग प्रथम की ओर से जिले के अलग-अलग रजवाहों पर जर्जर हो चुके पुलों और पुलियों के स्थान पर नए निर्माण की योजना बनाई गई थी। इसके तहत पुल और पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। निर्णाण कार्य पर करीब 11 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। लेकिन शासन स्तर से अब तक बजट आवंटन नहीं होने के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना फाइलों में ही अटकी हुई है। महराजगंज रजवाहा पर बड़ी नहर के ऊपर स्थित 12 जर्जर पुलों और पुलियों के स्थान पर नए निर्माण का प्रस्ताव है। ग्राम पंचायत तेंदुअहिया के झुलनीपुर के पास स्थित पुल पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। यह पुल करीब 17 गांवों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। पुल के ध्वस्त होने के बावजूद ग्रामीण मजबूरी में उसी रास्ते से गुजर रहे हैं।
गोलू गुप्ता ने बताया कि कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसी तरह बैदा गांव के पोखरहवा टोले के पास स्थित पुलिया भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां के ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। अनारी देवी का कहना है कि पुल की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि हर बार गुजरते समय डर लगता है।
मधुबनी नहर शाखा पर स्थित कसमरिया और सिसवा अमहवा में दो पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। वर्तमान में कसमरिया पुल की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। पुल के दोनों ओर की रेलिंग टूट चुकी है और सड़क भी क्षतिग्रस्त है। अवधेश कुमार आनंद ने बताया कि पुल की खराब हालत को लेकर कई बार अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी तरह बुधना और कुर्थिया रजवाहा पर स्थित छह पुलियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इन पुलियों के कमजोर होने से न सिर्फ ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
वर्जन
सभी क्षतिग्रस्त पुलों और पुलियों के स्थान पर नए निर्माण के लिए जनवरी माह में बजट मिलने की संभावना है। शासन स्तर से जैसे ही बजट आवंटित होगा, निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ करा दिया जाएगा।
-विनोद वर्मा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग प्रथम
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कसमरिया और तेंदुअहिया झुलनीपुर के पास पुल जर्जर
सिंचाई विभाग प्रथम ने 11 करोड़ रुपये की लागत की तैयार की है योजना
महराजगंज। जिले के विभिन्न रजवाहों पर प्रस्तावित 20 पुल और पुलियों का निर्माण करीब डेढ़ वर्षो से बजट के अभाव में ठप है। निर्माण न होने के कारण इन पुलों और पुलियों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित हो रहा है। कसमरिया और तेंदुअहिया झुलनीपुर के पास पुल जर्जर हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग प्रथम की ओर से जिले के अलग-अलग रजवाहों पर जर्जर हो चुके पुलों और पुलियों के स्थान पर नए निर्माण की योजना बनाई गई थी। इसके तहत पुल और पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। निर्णाण कार्य पर करीब 11 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। लेकिन शासन स्तर से अब तक बजट आवंटन नहीं होने के कारण यह महत्वाकांक्षी परियोजना फाइलों में ही अटकी हुई है। महराजगंज रजवाहा पर बड़ी नहर के ऊपर स्थित 12 जर्जर पुलों और पुलियों के स्थान पर नए निर्माण का प्रस्ताव है। ग्राम पंचायत तेंदुअहिया के झुलनीपुर के पास स्थित पुल पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। यह पुल करीब 17 गांवों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। पुल के ध्वस्त होने के बावजूद ग्रामीण मजबूरी में उसी रास्ते से गुजर रहे हैं।
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गोलू गुप्ता ने बताया कि कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसी तरह बैदा गांव के पोखरहवा टोले के पास स्थित पुलिया भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यहां के ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है। अनारी देवी का कहना है कि पुल की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि हर बार गुजरते समय डर लगता है।
मधुबनी नहर शाखा पर स्थित कसमरिया और सिसवा अमहवा में दो पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। वर्तमान में कसमरिया पुल की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। पुल के दोनों ओर की रेलिंग टूट चुकी है और सड़क भी क्षतिग्रस्त है। अवधेश कुमार आनंद ने बताया कि पुल की खराब हालत को लेकर कई बार अधिकारियों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी तरह बुधना और कुर्थिया रजवाहा पर स्थित छह पुलियां भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इन पुलियों के कमजोर होने से न सिर्फ ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
वर्जन
सभी क्षतिग्रस्त पुलों और पुलियों के स्थान पर नए निर्माण के लिए जनवरी माह में बजट मिलने की संभावना है। शासन स्तर से जैसे ही बजट आवंटित होगा, निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ करा दिया जाएगा।
-विनोद वर्मा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग प्रथम
