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Maharajganj News: प्रयोगशालाएं बदहाल कैसे हासिल करेंगे प्रयोगात्मक ज्ञान
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इंटर कालेज की प्रयोगशाला में नहीं जरूरी सामान
यूपी बोर्ड के 278 स्कूल संचालित, 1.17 लाख है नामांकन
महराजगंज। माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रयोगात्मक पर जोर दिया जा रहा है। 10 वीं के लिए विज्ञान प्रयोगशाला तो 11 व 12 के लिए विज्ञान के अलावा भूगोल व गृह विज्ञान की प्रयोगशालाओं को संचालित करने के निर्देश हैं। जिससे बच्चे किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक का अनुभव लेकर शिक्षा ज्ञान बेहतर कर सकें, लेकिन अधिकतर प्रयोगाशालाएं संसाधन की कमी से जूझ रही हैं। डीआईओएस की जांच में ऐसी ही प्रयोगशाला इंटर कॉलेजों में मिल रही जिसे देखते हुए उन्होंने सभी माध्यमिक स्कूलों में प्रयोगशालाओं के नियमित संचालन व संसाधन के साथ सफाई के लिए निर्देश जारी किये हैं।
जनपद में 278 माध्यमिक स्कूलों का संचालन है जिसमें 1.17 लाख विद्यार्थी नामांकित हैं। सभी माध्यमिक स्कूलों में 10 वी के विज्ञान की प्रयोगशाला व 11 वीं 12 वी में रासायन, भौतिकी, जंतु विज्ञान, भूगोल व गृह विज्ञान प्रयोगानालाएं संचालित रखनी। इसके लिए प्रोजेक्ट अलंकार से भी मदद उपलब्ध कराई गई। इस मदद से सभी जगह जरूरी प्रयोगशाला तो बनी, लेकिन इसमें संसाधनों की किल्लत बनी हुई है। शनिवार डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा ने फरेंदा क्षेत्र के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जिसमें कई स्कूल प्रयोगशाला में संसाधनों का आभाव मिला। सेठ आनंद राम जयपुरिया इंटर कालेज में जहां रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में रासायनिक अवयव व परखनली इत्यादि की कमी मिली वही जंतु विज्ञान प्रयोगशाला में इतनी बदबू की नाक बंद करने की स्थिति उत्पन्न हुई। उक्त अव्यवस्था पर उन्होंने न सिर्फ प्रधानाचार्य बल्कि रासायन विज्ञान प्रवक्ता एसके गोंड को भी फटकार लगाकर जरूरी संसाधनों से प्रयोगशाला लैस करने की हिदायत दी।
वर्जन
माध्यमिक स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू है गया है। औचक निरीक्षण कर संसाधनों की स्थिति जांच की जा रही। प्रयोगशाला की स्थिति अच्छी नहीं मिल रही इसे देखते हुए सभी माध्यमिक स्कूलों को प्रयोगशाला में संसाधनों की किल्लत दूर करने के निर्देश दिए गये हैं। बोर्ड किताबी ज्ञान के साथ प्रयास कर रहा कि बच्चे प्रयोग से भी सीखें।
-प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस, महराजगंज।
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महराजगंज। माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में प्रयोगात्मक पर जोर दिया जा रहा है। 10 वीं के लिए विज्ञान प्रयोगशाला तो 11 व 12 के लिए विज्ञान के अलावा भूगोल व गृह विज्ञान की प्रयोगशालाओं को संचालित करने के निर्देश हैं। जिससे बच्चे किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रयोगात्मक का अनुभव लेकर शिक्षा ज्ञान बेहतर कर सकें, लेकिन अधिकतर प्रयोगाशालाएं संसाधन की कमी से जूझ रही हैं। डीआईओएस की जांच में ऐसी ही प्रयोगशाला इंटर कॉलेजों में मिल रही जिसे देखते हुए उन्होंने सभी माध्यमिक स्कूलों में प्रयोगशालाओं के नियमित संचालन व संसाधन के साथ सफाई के लिए निर्देश जारी किये हैं।
जनपद में 278 माध्यमिक स्कूलों का संचालन है जिसमें 1.17 लाख विद्यार्थी नामांकित हैं। सभी माध्यमिक स्कूलों में 10 वी के विज्ञान की प्रयोगशाला व 11 वीं 12 वी में रासायन, भौतिकी, जंतु विज्ञान, भूगोल व गृह विज्ञान प्रयोगानालाएं संचालित रखनी। इसके लिए प्रोजेक्ट अलंकार से भी मदद उपलब्ध कराई गई। इस मदद से सभी जगह जरूरी प्रयोगशाला तो बनी, लेकिन इसमें संसाधनों की किल्लत बनी हुई है। शनिवार डीआईओएस प्रदीप कुमार शर्मा ने फरेंदा क्षेत्र के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जिसमें कई स्कूल प्रयोगशाला में संसाधनों का आभाव मिला। सेठ आनंद राम जयपुरिया इंटर कालेज में जहां रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में रासायनिक अवयव व परखनली इत्यादि की कमी मिली वही जंतु विज्ञान प्रयोगशाला में इतनी बदबू की नाक बंद करने की स्थिति उत्पन्न हुई। उक्त अव्यवस्था पर उन्होंने न सिर्फ प्रधानाचार्य बल्कि रासायन विज्ञान प्रवक्ता एसके गोंड को भी फटकार लगाकर जरूरी संसाधनों से प्रयोगशाला लैस करने की हिदायत दी।
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माध्यमिक स्कूलों में नया शिक्षा सत्र शुरू है गया है। औचक निरीक्षण कर संसाधनों की स्थिति जांच की जा रही। प्रयोगशाला की स्थिति अच्छी नहीं मिल रही इसे देखते हुए सभी माध्यमिक स्कूलों को प्रयोगशाला में संसाधनों की किल्लत दूर करने के निर्देश दिए गये हैं। बोर्ड किताबी ज्ञान के साथ प्रयास कर रहा कि बच्चे प्रयोग से भी सीखें।
-प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस, महराजगंज।
