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Maharajganj News: दाम बढ़ने से महंगी हो गईं चांदी की राखियां, ढीली होगी जेब
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500 रुपये के नीचे नहीं इस बार चांदी की राखियां
पिछली बार 250 रुपये थी शुरुआती कीमत
महराजगंज। अगले माह भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन मनाने की तैयारी अभी से लोगों ने शुरू कर दी है। भाई-बहन एक-दूसरे से गिफ्ट की मांग कर रहे हैं। इस बार भाइयों की चांदी की राखी की मांग पूरी करने में बहनों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। कारण कि इस बार चांदी की महंगाई के कारण पिछली बार जहां राखियों की कीमत 250 रुपये से शुरू हो रही थी वहीं इनकी कीमत 500 रुपये से शुरू हो रही है।
बाजार में इन दिनों पारंपरिक डिजाइनों के साथ ब्रेसलेट स्टाइल वाली राखियों की खूब मांग देखने को मिल रही है। सराफा कारोबारी राजकुमार वर्मा ने बताया कि मौजूदा समय में 2.24 लाख रुपये किलो है। पिछले वर्ष पांच ग्राम के चांदी की राखी 600 से 700 रुपये में बिक रही थी, जबकि इस बार इसकी कीमत बढ़कर 1,100 से 1,200 रुपये हो गई है। बाजार में 700 रुपये से लेकर 7,000 रुपये तक की चांदी की राखियां उपलब्ध हैं।
युवाओं में ब्रेसलेट स्टाइल राखियों की सबसे अधिक मांग है। व्यापारी गणेश वर्मा ने बताया कि इस वर्ष पहली बार 500 रुपये से नीचे की कोई राखी नहीं है जिसके कारण बहनों को महंगी राखी खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा।
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चांदी की राखियां इसलिए चलन में आईं क्योंकि धातु की राखी होगी तो भाई की कलाई में लंबे वक्त तक रहेगी। लेकिन इस बार चांदी की राखी महंगी होने के कारण भाई के लिए हल्के वजन की राखी लेनी पड़ेगी।
-वंदना मिश्रा, फरेंदा
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रक्षाबंधन भाई व बहन के अटूट रिश्तों का त्योहार है। पहले धागे से बनी राखी ही हम भाई की कलाई पर बांधते थे लेकिन पिछले तीन वर्ष से चांदी की राखियां चलन में आयीं तो उसको खरीदने लगे। इस बार चांदी महंगी होने से खर्च बढ़ जाएगा।
-पूर्णिमा पांडेय, मऊ पाकड़।
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पिछली बार 250 रुपये थी शुरुआती कीमत
महराजगंज। अगले माह भाई-बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन मनाने की तैयारी अभी से लोगों ने शुरू कर दी है। भाई-बहन एक-दूसरे से गिफ्ट की मांग कर रहे हैं। इस बार भाइयों की चांदी की राखी की मांग पूरी करने में बहनों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। कारण कि इस बार चांदी की महंगाई के कारण पिछली बार जहां राखियों की कीमत 250 रुपये से शुरू हो रही थी वहीं इनकी कीमत 500 रुपये से शुरू हो रही है।
बाजार में इन दिनों पारंपरिक डिजाइनों के साथ ब्रेसलेट स्टाइल वाली राखियों की खूब मांग देखने को मिल रही है। सराफा कारोबारी राजकुमार वर्मा ने बताया कि मौजूदा समय में 2.24 लाख रुपये किलो है। पिछले वर्ष पांच ग्राम के चांदी की राखी 600 से 700 रुपये में बिक रही थी, जबकि इस बार इसकी कीमत बढ़कर 1,100 से 1,200 रुपये हो गई है। बाजार में 700 रुपये से लेकर 7,000 रुपये तक की चांदी की राखियां उपलब्ध हैं।
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युवाओं में ब्रेसलेट स्टाइल राखियों की सबसे अधिक मांग है। व्यापारी गणेश वर्मा ने बताया कि इस वर्ष पहली बार 500 रुपये से नीचे की कोई राखी नहीं है जिसके कारण बहनों को महंगी राखी खरीदने को मजबूर होना पड़ेगा।
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चांदी की राखियां इसलिए चलन में आईं क्योंकि धातु की राखी होगी तो भाई की कलाई में लंबे वक्त तक रहेगी। लेकिन इस बार चांदी की राखी महंगी होने के कारण भाई के लिए हल्के वजन की राखी लेनी पड़ेगी।
-वंदना मिश्रा, फरेंदा
रक्षाबंधन भाई व बहन के अटूट रिश्तों का त्योहार है। पहले धागे से बनी राखी ही हम भाई की कलाई पर बांधते थे लेकिन पिछले तीन वर्ष से चांदी की राखियां चलन में आयीं तो उसको खरीदने लगे। इस बार चांदी महंगी होने से खर्च बढ़ जाएगा।
-पूर्णिमा पांडेय, मऊ पाकड़।