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Maharajganj News: एचपीवी टीकाकरण में सुस्त रफ्तार, लक्ष्य का सिर्फ 10 प्रतिशत ही पूरा
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महराजगंज। गर्भाशय ग्रीवा सर्वाइकल कैंसर से किशोरियों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू किए गए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की रफ्तार जिले में अभी भी धीमी बनी हुई है। 28 फरवरी से महिला अस्पताल में शुरू हुए इस अभियान का जून माह से विस्तार करते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों तक पहुंचाया गया लेकिन इसके बावजूद लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल करीब 10 प्रतिशत किशोरियों का ही टीकाकरण हो सका है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 31 हजार किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक मात्र 2703 किशोरियों को ही टीका लगाया जा सका है। यही वजह है कि प्रदेश के 75 जिलों में जनपद की रैंकिंग 73वें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि गोरखपुर मंडल के जिलों की तुलना में जनपद दूसरे स्थान पर है।
ब्लॉकवार टीकाकरण की स्थित
ब्लॉकवार टीकाकरण की स्थिति पर नजर डालें तो सबसे अधिक 748 किशोरियों का टीकाकरण मिठौरा ब्लॉक में हुआ है। इसके बाद घुघली में 448, सिसवा में 395, लक्ष्मीपुर में 247, परतावल में 220, निचलौल में 175, फरेंदा में 103, महराजगंज सदर में 102, नौतनवा में 84, बृजमनगंज में 59, पनियरा में 59 तथा धानी ब्लॉक में केवल 40 किशोरियों को ही एचपीवी वैक्सीन लगाई गई है। कई ब्लॉकों में अपेक्षा से काफी कम प्रगति होने पर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जताई है।
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गर्भाशय कैंसर से बचाता है वैक्सीन
नोडल अधिकारी नीरज कन्नौजिया ने बताया एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम मानी जाती है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर दूसरे स्थान पर है। विशेषज्ञों के मुताबिक देश में हर वर्ष 42 हजार से अधिक महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण होती है। समय रहते टीकाकरण कराने से भविष्य में इस गंभीर बीमारी का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को यह टीका लगाया जा रहा है।
एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी लक्ष्य के अनुरूप टीकाकरण सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र किशोरी योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराकर उन्हें गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
डॉ. सुरेंद्र चौधरी,मुख्य चिकित्सा अधिकारी,
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लगभग 31 हजार किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक मात्र 2703 किशोरियों को ही टीका लगाया जा सका है। यही वजह है कि प्रदेश के 75 जिलों में जनपद की रैंकिंग 73वें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि गोरखपुर मंडल के जिलों की तुलना में जनपद दूसरे स्थान पर है।
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ब्लॉकवार टीकाकरण की स्थित
ब्लॉकवार टीकाकरण की स्थिति पर नजर डालें तो सबसे अधिक 748 किशोरियों का टीकाकरण मिठौरा ब्लॉक में हुआ है। इसके बाद घुघली में 448, सिसवा में 395, लक्ष्मीपुर में 247, परतावल में 220, निचलौल में 175, फरेंदा में 103, महराजगंज सदर में 102, नौतनवा में 84, बृजमनगंज में 59, पनियरा में 59 तथा धानी ब्लॉक में केवल 40 किशोरियों को ही एचपीवी वैक्सीन लगाई गई है। कई ब्लॉकों में अपेक्षा से काफी कम प्रगति होने पर स्वास्थ्य विभाग ने चिंता जताई है।
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गर्भाशय कैंसर से बचाता है वैक्सीन
नोडल अधिकारी नीरज कन्नौजिया ने बताया एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम मानी जाती है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर दूसरे स्थान पर है। विशेषज्ञों के मुताबिक देश में हर वर्ष 42 हजार से अधिक महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण होती है। समय रहते टीकाकरण कराने से भविष्य में इस गंभीर बीमारी का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को यह टीका लगाया जा रहा है।
एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा अधिकारी और स्वास्थ्य कर्मी लक्ष्य के अनुरूप टीकाकरण सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र किशोरी योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण कराकर उन्हें गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
डॉ. सुरेंद्र चौधरी,मुख्य चिकित्सा अधिकारी,