{"_id":"6a417cfb390ed530f50f7c61","slug":"smuggling-of-urea-and-dap-continues-despite-strict-measures-maharajganj-news-c-206-1-mhg1034-180109-2026-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सख्ती के बाद भी नहीं रुक रही यूरिया-डीएपी की तस्करी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सख्ती के बाद भी नहीं रुक रही यूरिया-डीएपी की तस्करी
विज्ञापन
खाद के साथ गिरफ्तार तस्कर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती के बाद भी यूरिया और डीएपी की तस्करी थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र नौतनवा, सोनौली, परसामलिक, कोल्हुई, बरगदवा, ठूठीबारी आदि थाना क्षेत्र के पगडंडी मार्गों के रास्ते ये खाद नेपाल में तस्करी कर पहुंचाई जा रही है। तस्कर 270 रुपये के आसपास खाद खरीदते हैं। यह नेपाल में पहुंचते ही 600 से 1000 रुपये में बिक जाती है। मोटे मुनाफे के चक्कर में तस्करी इन दिनों तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, तस्कर बाइक और साइकिल के माध्यम से भारत से यूरिया नेपाल पहुंचा रहे हैं। पहले वह आसपास के इलाकों में एक-दो बोरी एकत्र करते हैं। इसके बाद मौका मिलते ही बॉर्डर पार कर देते हैं। तस्करी का यह मामला कोई नया नहीं है। इसके पहले भी तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। खेती-किसानी का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने लगी है। इसका फायदा उठाकर तस्कर मालामाल हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, तस्कर मुख्य रास्तों के बजाय सीमा से सटे गांवों की पगडंडियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रात के अंधेरे में साइकिल और बाइक पर लादकर खाद की बोरियां नेपाल पहुंचाई जा रही हैं। नेपाल में भारतीय खाद की भारी मांग है ऐसे में यह अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। भारत में मिलने वाली यूरिया की सरकारी बोरी नेपाल में दोगुने से अधिक दामों पर बिकती है, जिससे तस्करों को मोटा मुनाफा होता है। सोनौली थाना क्षेत्र के हरदीडाली के मुरदहिया घाट, बडका टोला, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ गांव के बजरडिहवा, शेख फरेंदा, भगवानपुर, रधुनाथपुर, जसवल, नौतनवा थाना क्षेत्र के सुंडी, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, मुडिला, चंडीथान, छपवा के पास, कुरहवा घाट, बैरिया बाजार, परसामलिक थाना क्षेत्र के रेहरा, सेवतरी रास्तों से तस्कर खाद ले जाते हैं।
विज्ञापन
600 से 1000 रुपये में बेचते हैं खाद
सूत्रों के अनुसार, कुछ चुनिंदा जगहों पर पर्ची रेट के हिसाब से दी जाती है लेकिन रकम अधिक लिया जाता है। यूरिया का रेट 266.50 है। तस्कर सस्ते दाम पर खरीद कर यूरिया 600 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक बेचकर काली कमाई कर रहे हैं। खाद की तस्करी इसी तरह चलती रही तो सीजन में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
खाद की तस्करी रोकने के लिए बनी है टीम
डीएम के आदेशानुसार खाद की तस्करी रोकने के लिए सीओ, एसडीएम, राजस्व, लेखपाल और सचिव की टीम बनी है। इसके बाद भी आए दिन तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। लगातार तस्करी की खाद पकड़ी जा रह है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब किसानों को बिना खतौनी और आधार के यूरिया और डीएपी नहीं दी रही है तो तस्करों को कहां से खाद मिल जा रही है।
तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। बॉर्डर से किसी भी प्रकार की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। निजी दुकानदार अगर किसी को खाद दे रहे हैं तो उसे रजिस्टर में दर्ज करना होता है। अगर लापरवाही बरती जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नवीन प्रसाद, एसडीएम, नौतनवा
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, तस्कर बाइक और साइकिल के माध्यम से भारत से यूरिया नेपाल पहुंचा रहे हैं। पहले वह आसपास के इलाकों में एक-दो बोरी एकत्र करते हैं। इसके बाद मौका मिलते ही बॉर्डर पार कर देते हैं। तस्करी का यह मामला कोई नया नहीं है। इसके पहले भी तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। खेती-किसानी का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने लगी है। इसका फायदा उठाकर तस्कर मालामाल हो रहे हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, तस्कर मुख्य रास्तों के बजाय सीमा से सटे गांवों की पगडंडियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रात के अंधेरे में साइकिल और बाइक पर लादकर खाद की बोरियां नेपाल पहुंचाई जा रही हैं। नेपाल में भारतीय खाद की भारी मांग है ऐसे में यह अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। भारत में मिलने वाली यूरिया की सरकारी बोरी नेपाल में दोगुने से अधिक दामों पर बिकती है, जिससे तस्करों को मोटा मुनाफा होता है। सोनौली थाना क्षेत्र के हरदीडाली के मुरदहिया घाट, बडका टोला, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ गांव के बजरडिहवा, शेख फरेंदा, भगवानपुर, रधुनाथपुर, जसवल, नौतनवा थाना क्षेत्र के सुंडी, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, मुडिला, चंडीथान, छपवा के पास, कुरहवा घाट, बैरिया बाजार, परसामलिक थाना क्षेत्र के रेहरा, सेवतरी रास्तों से तस्कर खाद ले जाते हैं।
विज्ञापन
600 से 1000 रुपये में बेचते हैं खाद
सूत्रों के अनुसार, कुछ चुनिंदा जगहों पर पर्ची रेट के हिसाब से दी जाती है लेकिन रकम अधिक लिया जाता है। यूरिया का रेट 266.50 है। तस्कर सस्ते दाम पर खरीद कर यूरिया 600 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक बेचकर काली कमाई कर रहे हैं। खाद की तस्करी इसी तरह चलती रही तो सीजन में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
खाद की तस्करी रोकने के लिए बनी है टीम
डीएम के आदेशानुसार खाद की तस्करी रोकने के लिए सीओ, एसडीएम, राजस्व, लेखपाल और सचिव की टीम बनी है। इसके बाद भी आए दिन तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। लगातार तस्करी की खाद पकड़ी जा रह है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब किसानों को बिना खतौनी और आधार के यूरिया और डीएपी नहीं दी रही है तो तस्करों को कहां से खाद मिल जा रही है।
तस्करी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। बॉर्डर से किसी भी प्रकार की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। निजी दुकानदार अगर किसी को खाद दे रहे हैं तो उसे रजिस्टर में दर्ज करना होता है। अगर लापरवाही बरती जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नवीन प्रसाद, एसडीएम, नौतनवा