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UP: महराजगंज के ड्रोन वैज्ञानिक राहुल का लखनऊ के होटल में मिला शव, मिली थी धमकी- भाई ने लगाया हत्या का आरोप
Thu, 16 Jul 2026 11:39 AM IST
Rohit Singh
संवाद न्यूज एजेंसी,महराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी,महराजगंज
Published by: Rohit Singh
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:39 AM IST
सार
रोहित का आरोप है कि राहुल को लंबे समय से जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकियां मिल रही थीं। राहुल ने 12 जून को एडीजी गोरखपुर से इसकी शिकायत की थी। एडीजी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए एसपी बस्ती को निर्देश भी दिए थे। रोहित ने विभूतिखंड थाने में तहरीर देकर हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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राहुल सिंह की फाइल फोटो।
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विस्तार
विभूतिखंड स्थित होटल नोवोटेल में ठहरे युवा वैज्ञानिक और ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। राहुल के भाई रोहित ने बस्ती निवासी चंद्रभूषण मिश्र पर हत्या का आरोप लगाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। हार्ट और विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
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रोहित का आरोप है कि राहुल को लंबे समय से जान से मारने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकियां मिल रही थीं। राहुल ने 12 जून को एडीजी गोरखपुर से इसकी शिकायत की थी। एडीजी ने मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए एसपी बस्ती को निर्देश भी दिए थे।
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रोहित ने विभूतिखंड थाने में तहरीर देकर हत्या की एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रोहित के अनुसार, 30 अगस्त 2025 को राहुल का परिचय वरिष्ठ अधिकारी के माध्यम से बस्ती के तिनपेड़िया निवासी चंद्रभूषण मिश्र से हुआ था।
आरोप है कि चंद्रभूषण ने राहुल के ड्रोन प्रोजेक्ट में 85 लाख रुपये निवेश करने का आश्वासन दिया। इस दौरान राहुल को करीब 1.80 लाख रुपये का मोबाइल फोन दिया गया और उनके खाते में 61.99 लाख रुपये भी ट्रांसफर किए गए।
आरोप है कि चंद्रभूषण ने राहुल के ड्रोन प्रोजेक्ट में 85 लाख रुपये निवेश करने का आश्वासन दिया। इस दौरान राहुल को करीब 1.80 लाख रुपये का मोबाइल फोन दिया गया और उनके खाते में 61.99 लाख रुपये भी ट्रांसफर किए गए।
27 दिसंबर 2025 को प्रोजेक्ट के प्रस्तुतीकरण के लिए राहुल चंद्रभूषण के नोएडा स्थित एसएसजी फर्निशिंग साल्यूशंस कंपनी पहुंचे। आरोप है कि चंद्रभूषण ने दबाव बनाकर प्रोजेक्ट की जानकारी व्हाट्सएप पर मांगी। राहुल के इन्कार करने पर अभद्रता की गई। दबाव में उन्हें जानकारी साझा करनी पड़ी।
शेष रकम देने से मना करने का आरोप
रोहित का आरोप है कि शेष भुगतान मांगने पर चंद्रभूषण ने रुपये देने से मना कर दिया और पहले दी गई रकम वापस मांगी। 24 फरवरी 2026 को चंद्रभूषण कुछ लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और परिवार को धमकाया। इसके बाद राहुल को लगातार धमकियां मिलती रहीं।
शेष रकम देने से मना करने का आरोप
रोहित का आरोप है कि शेष भुगतान मांगने पर चंद्रभूषण ने रुपये देने से मना कर दिया और पहले दी गई रकम वापस मांगी। 24 फरवरी 2026 को चंद्रभूषण कुछ लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और परिवार को धमकाया। इसके बाद राहुल को लगातार धमकियां मिलती रहीं।
राहुल के खिलाफ दर्ज कराई थी एफआईआर
चंद्रभूषण मिश्र ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि राहुल ने प्रोजेक्ट के लिए मदद मांगी थी। इसके तहत 62 लाख रुपये दिए गए थे। रकम वापस न मिलने पर उन्होंने 13 जून को बस्ती के नगर थाने में राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि राहुल की मौत से उनका कोई संबंध नहीं है।
सेना के लिए ड्रोन बनाने की तैयारी में थे राहुल
युवा वैज्ञानिक और ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह ने कम उम्र में अपने नवाचारों से देशभर में पहचान बनाई थी। उनके भाई रोहित ने बताया कि राहुल का सपना भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन विकसित करना था। वह इस दिशा में काम भी कर रहे थे। परिवार में पिता संजय सिंह खेती किसानी करते हैं। मां रासमुनि देवी और बहन नीशु का रो-रोकर बुरा हाल है।
चंद्रभूषण मिश्र ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि राहुल ने प्रोजेक्ट के लिए मदद मांगी थी। इसके तहत 62 लाख रुपये दिए गए थे। रकम वापस न मिलने पर उन्होंने 13 जून को बस्ती के नगर थाने में राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि राहुल की मौत से उनका कोई संबंध नहीं है।
सेना के लिए ड्रोन बनाने की तैयारी में थे राहुल
युवा वैज्ञानिक और ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह ने कम उम्र में अपने नवाचारों से देशभर में पहचान बनाई थी। उनके भाई रोहित ने बताया कि राहुल का सपना भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन विकसित करना था। वह इस दिशा में काम भी कर रहे थे। परिवार में पिता संजय सिंह खेती किसानी करते हैं। मां रासमुनि देवी और बहन नीशु का रो-रोकर बुरा हाल है।
रोहित गोरखपुर एयरपोर्ट पर कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। उन्होंने बताया कि राहुल ने दिल्ली के बुद्धा इंस्टीट्यूट से बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने ड्रोन और नवाचार के क्षेत्र में काम शुरू किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए कई लोगों ने पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहयोग भी किया।
विभिन्न राज्यों में उन्हें कई बार सम्मानित किया गया और कई मेडल भी मिले। पिछले एक माह से राहुल का लखनऊ आना-जाना बढ़ गया था। वह करीब एक सप्ताह तक गोमतीनगर के गेस्ट हाउस में रुके थे और 13 जुलाई को होटल नोवोटेल पहुंचे थे। रोहित ने बताया कि राहुल दिन में तीन-चार बार परिवार से बात करते थे। 13 जुलाई की रात भी उनकी घरवालों से फोन पर बातचीत हुई थी और वह पूरी तरह सामान्य लग रहे थे।
विभिन्न राज्यों में उन्हें कई बार सम्मानित किया गया और कई मेडल भी मिले। पिछले एक माह से राहुल का लखनऊ आना-जाना बढ़ गया था। वह करीब एक सप्ताह तक गोमतीनगर के गेस्ट हाउस में रुके थे और 13 जुलाई को होटल नोवोटेल पहुंचे थे। रोहित ने बताया कि राहुल दिन में तीन-चार बार परिवार से बात करते थे। 13 जुलाई की रात भी उनकी घरवालों से फोन पर बातचीत हुई थी और वह पूरी तरह सामान्य लग रहे थे।