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Maharajganj News: पकड़ियार बिशुनपुर में तेंदुए की दहशत खौफ में जी रहे ग्रामीण
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गंडक नदी के समीपवर्ती इलाकों में कई बार देखा जा चुका है तेंदुआ
पकड़ियार-बिशुनपुर इलाके में तेंदुए ने शुक्रवार की रात कुत्ते पर किया था हमला
वन विभाग की टीम ने दौरा कर हालात का लिया जायजा
महराजगंज। करीब आठ माह से घुघली क्षेत्र के पकड़ियार-बिशुनपुर सहित दर्जनों गांव में लोग तेंदुए की दहशत में हैं। शुक्रवार की रात तेंदुए ने एक कुत्ते पर हमला कर दिया था। लोगों के जग जाने के बाद तेंदुआ भाग गया था। घटना के बाद रविवार को ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत बढ़ गई है। लोग अपनी और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
जानकारी के अनुसार, तेंदुआ पकड़ियार-बिशुनपुर, कोटिया, नारायण टोला, मेदनीपुर, खानपुर सहित कई ग्राम सभाओं में तथा गंडक नदी के समीपवर्ती इलाकों में अगस्त माह से कई बार दिख चुका है। तेंदुए के बार-बार दिखने से ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वन विभाग के प्रयासों के बाद भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। रविवार को भी वन विभाग की टीम ने पकड़ियार-बिशुनपुर क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
छह माह पहले वन विभाग की ओर से तेंदुए को पकड़ने के लिए कोटिया गांव में एक पिंजरा लगवाया गया था। पिंजरा लगने के बाद तेंदुए ने अपना स्थान बदल दिया। वन विभाग का लगाया गया पिंजरा धारा का धरा रह गया।
तेंदुआ पकड़ियार-बिशुनपुर स्थित बगीचे के पास बने मुर्गी फार्म के इर्द-गिर्द अपना ठिकाना बनाकर चहलकदमी करता दिखाई देता रहता है। तीन किलोमीटर के रेंज में फैले घने बगीचे में तेंदुए कई बार देखा जा चुका है। क्षेत्र के गुड्डू तिवारी, धनंजय यादव, भीम यादव रुदल, विनोद, राम निवास आदि लोगों ने बताया कि तेंदुआ कभी-कभी तो सड़क पर ही आकर बैठ जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कभी कभी तो गांव की गलियों में भी चहलकदमी करता मिल जाता है। इस समय तेंदुए ने पकड़ियार बिशुनपुर व कोटिया गांव के बगीचे में अपना ठिकाना बनाया है। अब तो रात के समय घर से बाहर निकलने में डर लगता है।
दिनेश यादव ने बताया कि हम लोग बगीचे के पास बसे हुए हैं। तेंदुए की डर की वजह से रात भर सो नहीं पाते हैं। यदि वन विभाग इस पर कार्रवाई नहीं करेगा तो रात भर रतजगा करना पड़ जाएगा।
पकड़ी रेंज के घुघली सेक्शन के रेंजर गौरव त्रिपाठी ने सूचना पर पकड़ियार बिशुनपुर पहुंचकर घने बगीचों में ग्रामीणों के साथ देखा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव को देखने पर घबराएं नहीं और उन्हें किसी प्रकार की हानि न पहुंचाएं तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
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पकड़ियार-बिशुनपुर इलाके में तेंदुए ने शुक्रवार की रात कुत्ते पर किया था हमला
वन विभाग की टीम ने दौरा कर हालात का लिया जायजा
महराजगंज। करीब आठ माह से घुघली क्षेत्र के पकड़ियार-बिशुनपुर सहित दर्जनों गांव में लोग तेंदुए की दहशत में हैं। शुक्रवार की रात तेंदुए ने एक कुत्ते पर हमला कर दिया था। लोगों के जग जाने के बाद तेंदुआ भाग गया था। घटना के बाद रविवार को ग्रामीणों में तेंदुए की दहशत बढ़ गई है। लोग अपनी और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
जानकारी के अनुसार, तेंदुआ पकड़ियार-बिशुनपुर, कोटिया, नारायण टोला, मेदनीपुर, खानपुर सहित कई ग्राम सभाओं में तथा गंडक नदी के समीपवर्ती इलाकों में अगस्त माह से कई बार दिख चुका है। तेंदुए के बार-बार दिखने से ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वन विभाग के प्रयासों के बाद भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। रविवार को भी वन विभाग की टीम ने पकड़ियार-बिशुनपुर क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
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छह माह पहले वन विभाग की ओर से तेंदुए को पकड़ने के लिए कोटिया गांव में एक पिंजरा लगवाया गया था। पिंजरा लगने के बाद तेंदुए ने अपना स्थान बदल दिया। वन विभाग का लगाया गया पिंजरा धारा का धरा रह गया।
तेंदुआ पकड़ियार-बिशुनपुर स्थित बगीचे के पास बने मुर्गी फार्म के इर्द-गिर्द अपना ठिकाना बनाकर चहलकदमी करता दिखाई देता रहता है। तीन किलोमीटर के रेंज में फैले घने बगीचे में तेंदुए कई बार देखा जा चुका है। क्षेत्र के गुड्डू तिवारी, धनंजय यादव, भीम यादव रुदल, विनोद, राम निवास आदि लोगों ने बताया कि तेंदुआ कभी-कभी तो सड़क पर ही आकर बैठ जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि कभी कभी तो गांव की गलियों में भी चहलकदमी करता मिल जाता है। इस समय तेंदुए ने पकड़ियार बिशुनपुर व कोटिया गांव के बगीचे में अपना ठिकाना बनाया है। अब तो रात के समय घर से बाहर निकलने में डर लगता है।
दिनेश यादव ने बताया कि हम लोग बगीचे के पास बसे हुए हैं। तेंदुए की डर की वजह से रात भर सो नहीं पाते हैं। यदि वन विभाग इस पर कार्रवाई नहीं करेगा तो रात भर रतजगा करना पड़ जाएगा।
पकड़ी रेंज के घुघली सेक्शन के रेंजर गौरव त्रिपाठी ने सूचना पर पकड़ियार बिशुनपुर पहुंचकर घने बगीचों में ग्रामीणों के साथ देखा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव को देखने पर घबराएं नहीं और उन्हें किसी प्रकार की हानि न पहुंचाएं तुरंत वन विभाग को सूचित करें।