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Mahoba News: 35 वर्ष पुराने राजस्व मामले का 35 मिनट में समाधान
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फोटो 11 एमएएचपी 08 परिचय-संशोधित खतौनी मिलने पर एसडीएम आदेश सिंह सागर का आभार जताते दोनोंं किसा
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कुलपहाड़ (महोबा)। राजस्व अभिलेखों में त्रुटि के 35 साल पुराने मामले का एसडीएम आदेश सिंह सागर ने 35 मिनट में समाधान कर दिया। किसानों को संशोधित खतौनी मिलने से उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।
मामला वर्ष 1991 के बैनामे का है। इसमें दो भाइयों के नाम प्रकाश व विशाल अंकित कर दिए गए थे जबकि उनके पूर्ण नाम क्रमशः प्रकाश शर्मा और राजविशाल थे। यही त्रुटि राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज हो गई। इस कारण वह करीब 35 वर्षों तक सही खतौनी, किसान पंजीकरण, नामांतरण व विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे। पिछले 10 वर्षों से वह विभिन्न स्तरों पर शिकायत करते रहे लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने एसडीएम आदेश सिंह सागर से शिकायत की। इस पर पर एसडीएम ने मामले का गहन परीक्षण कराया।
एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल की ओर से जांच और भूमि प्रबंधन समिति के माध्यम से ग्राम स्तर पर सत्यापन कराया गया। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि अभिलेख में दर्ज अपूर्ण नाम व संबंधित व्यक्तियों की वास्तविक पहचान एक ही है। इसके बाद राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन किया गया। एसडीएम ने बताया कि अब किसान पंजीकरण, भूमि संबंधी लेन-देन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।
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मामला वर्ष 1991 के बैनामे का है। इसमें दो भाइयों के नाम प्रकाश व विशाल अंकित कर दिए गए थे जबकि उनके पूर्ण नाम क्रमशः प्रकाश शर्मा और राजविशाल थे। यही त्रुटि राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज हो गई। इस कारण वह करीब 35 वर्षों तक सही खतौनी, किसान पंजीकरण, नामांतरण व विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे। पिछले 10 वर्षों से वह विभिन्न स्तरों पर शिकायत करते रहे लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने एसडीएम आदेश सिंह सागर से शिकायत की। इस पर पर एसडीएम ने मामले का गहन परीक्षण कराया।
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एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल की ओर से जांच और भूमि प्रबंधन समिति के माध्यम से ग्राम स्तर पर सत्यापन कराया गया। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि अभिलेख में दर्ज अपूर्ण नाम व संबंधित व्यक्तियों की वास्तविक पहचान एक ही है। इसके बाद राजस्व अभिलेखों में आवश्यक संशोधन किया गया। एसडीएम ने बताया कि अब किसान पंजीकरण, भूमि संबंधी लेन-देन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।
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