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Mahoba News: 1.5 लाख की आबादी तीसरे दिन भी पानी को तरसी
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:23 AM IST
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महोबा। कानपुर-सागर नेशनल हाईवे पर दो स्थानों पर चल रहा पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन बदलने का काम दो दिन की समयसीमा गुजरने के बाद भी पूरा नहीं हो सका। रविवार को तीसरे दिन भी शहर में पेयजल आपूर्ति नहीं हुई। काम अधूरा होने से सोमवार को भी शहर की डेढ़ लाख की आबादी को पानी नहीं मिलेगा। लगातार तीन दिन पानी न आने से लोगोंं में आक्रोश है। शहरवासी बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से पानी लाकर शहर की डेढ़ लाख की आबादी को पेयजल आपूर्ति मुहैया कराई जाती है। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के चौड़ीकरण का कार्य हो रहा है। उर्मिल बांध में निर्मित इंटेकवेल से श्रीनगर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक जाने वाली राइजिंगमेन (700 एमएम पीएसी पाइपलाइन) की शिफ्टिंग का कार्य बंसल पाथवेज भोपाल की ओर से कराया जा रहा है। पाइपलाइन बदलने का काम हाईवे पर कैमाहा पुल के पास व कस्बा श्रीनगर में गिलिंदा मंदिर के पास दो स्थानाें पर कराया जा रहा है। यह काम तीसरे दिन भी पूरा नहीं हो सका। इससे आज भी शहर की 1.5 लाख की आबादी को पानी के संकट से जूझना होगा।
बता दें कि छह और सात फरवरी को वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से महोबा शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित रहने की बात कही गई थी लेकिन दो दिन का समय गुजर जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। रविवार को पूरे दिन पाइपलाइन बदलने और ब्लॉकिंग का काम चलता रहा है। ऐसे में सोमवार को भी शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति मिलना मुश्किल है। तीन दिन से पेयजल आपूर्ति न होने लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। हैंडपंपों से पानी लाना लोगों की मजबूरी बना है। रामदयाल, देवीदीन, प्रमोद, करन, अनिल आदि का कहना है कि लगातार तीन से चार दिन आपूर्ति न होने से वह परेशान है। वह काम-धंधा छोड़कर पूरे दिन पानी की जुगाड़ में ही लगे रहते हैं। रविवार को पानी आने की उम्मीद थी। घंटों इंतजार के बाद भी टोटियों से पानी की बूंद नहीं टपकी। आपूर्ति न होने की जानकारी भी नहीं दी गई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के हवेलीदरवाजा, समदनगर, शेखूनगर, खोयामंडी, मिल्कीपुरा, फतेहपुर बजरिया, गांधी नगर, नयापुरा नैकाना, सुभाषनगर आदि मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति न आने से लोग परेशान रहे।
महोबा। पेयजल संकट को देखते हुए नगर पालिका की ओर से शहर के कुछ मोहल्लों में टैंकरों से आपूर्ति शुरू की गई है। ईओ अवधेश कुमार ने बताया कि कानपुर-सागर राष्ट्रीय मार्ग में फोरलेन सड़क निर्माण के चलते कैमाहा के पास जलापूर्ति के लिए बिछी पाइपलाइन की शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है। इससे नगर में जलापूर्ति तीन दिनों से ठप है। ऐसे में दस टैंकरों से नगर में जलापूर्ति की जा रही है। शहरवासियों को टोल फ्री नंबर 1533 की सुविधा दी गई है। इन नंबर पर संपर्क कर जलापूर्ति के लिए टैंकर भेजने की मांग किए जाने पर मौके पर त्वरित टैंकर भेजकर जलापूर्ति की जा रही है। सफाई प्रभारियों की ओर से नगर में टेंकरों से हो रही जलापूर्ति का पर्यवेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जलापूर्ति करने वाले टैंकरों को खड़ा न करवाएं बल्कि पानी लेने के बाद टेंकरों को खाली कर दें। ताकि अन्य स्थानों पर भी जलापूर्ति की जा सके।
पाइपलाइन बदलने का काम रविवार की रात 12 बजे तक पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में सोमवार की सुबह ही पानी चलाया जाएगा। पाइपलाइन भरने में छह से सात घंटे का समय लगेगा। इसके बाद फिल्टर प्लांट भरने में भी सात-आठ घंटे का समय लगेगा। उसके बाद ही टैंकों को भरा जा सकेगा। 24 घंटे पानी चलाने के बाद ही महोबा शहर को एक बार पानी की आपूर्ति मिल पाती है। ऐसे में मंगलवार की दोपहर बाद ही शहर को पेयजल आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
-शैलेंद्र सिंह, कंपनी प्रबंधक-(बंसल पाथवेज भोपाल)
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महोबा पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित उर्मिल बांध से पानी लाकर शहर की डेढ़ लाख की आबादी को पेयजल आपूर्ति मुहैया कराई जाती है। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के चौड़ीकरण का कार्य हो रहा है। उर्मिल बांध में निर्मित इंटेकवेल से श्रीनगर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक जाने वाली राइजिंगमेन (700 एमएम पीएसी पाइपलाइन) की शिफ्टिंग का कार्य बंसल पाथवेज भोपाल की ओर से कराया जा रहा है। पाइपलाइन बदलने का काम हाईवे पर कैमाहा पुल के पास व कस्बा श्रीनगर में गिलिंदा मंदिर के पास दो स्थानाें पर कराया जा रहा है। यह काम तीसरे दिन भी पूरा नहीं हो सका। इससे आज भी शहर की 1.5 लाख की आबादी को पानी के संकट से जूझना होगा।
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बता दें कि छह और सात फरवरी को वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से महोबा शहर की पेयजल आपूर्ति बाधित रहने की बात कही गई थी लेकिन दो दिन का समय गुजर जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। रविवार को पूरे दिन पाइपलाइन बदलने और ब्लॉकिंग का काम चलता रहा है। ऐसे में सोमवार को भी शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति मिलना मुश्किल है। तीन दिन से पेयजल आपूर्ति न होने लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। हैंडपंपों से पानी लाना लोगों की मजबूरी बना है। रामदयाल, देवीदीन, प्रमोद, करन, अनिल आदि का कहना है कि लगातार तीन से चार दिन आपूर्ति न होने से वह परेशान है। वह काम-धंधा छोड़कर पूरे दिन पानी की जुगाड़ में ही लगे रहते हैं। रविवार को पानी आने की उम्मीद थी। घंटों इंतजार के बाद भी टोटियों से पानी की बूंद नहीं टपकी। आपूर्ति न होने की जानकारी भी नहीं दी गई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के हवेलीदरवाजा, समदनगर, शेखूनगर, खोयामंडी, मिल्कीपुरा, फतेहपुर बजरिया, गांधी नगर, नयापुरा नैकाना, सुभाषनगर आदि मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति न आने से लोग परेशान रहे।
महोबा। पेयजल संकट को देखते हुए नगर पालिका की ओर से शहर के कुछ मोहल्लों में टैंकरों से आपूर्ति शुरू की गई है। ईओ अवधेश कुमार ने बताया कि कानपुर-सागर राष्ट्रीय मार्ग में फोरलेन सड़क निर्माण के चलते कैमाहा के पास जलापूर्ति के लिए बिछी पाइपलाइन की शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है। इससे नगर में जलापूर्ति तीन दिनों से ठप है। ऐसे में दस टैंकरों से नगर में जलापूर्ति की जा रही है। शहरवासियों को टोल फ्री नंबर 1533 की सुविधा दी गई है। इन नंबर पर संपर्क कर जलापूर्ति के लिए टैंकर भेजने की मांग किए जाने पर मौके पर त्वरित टैंकर भेजकर जलापूर्ति की जा रही है। सफाई प्रभारियों की ओर से नगर में टेंकरों से हो रही जलापूर्ति का पर्यवेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जलापूर्ति करने वाले टैंकरों को खड़ा न करवाएं बल्कि पानी लेने के बाद टेंकरों को खाली कर दें। ताकि अन्य स्थानों पर भी जलापूर्ति की जा सके।
पाइपलाइन बदलने का काम रविवार की रात 12 बजे तक पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में सोमवार की सुबह ही पानी चलाया जाएगा। पाइपलाइन भरने में छह से सात घंटे का समय लगेगा। इसके बाद फिल्टर प्लांट भरने में भी सात-आठ घंटे का समय लगेगा। उसके बाद ही टैंकों को भरा जा सकेगा। 24 घंटे पानी चलाने के बाद ही महोबा शहर को एक बार पानी की आपूर्ति मिल पाती है। ऐसे में मंगलवार की दोपहर बाद ही शहर को पेयजल आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
-शैलेंद्र सिंह, कंपनी प्रबंधक-(बंसल पाथवेज भोपाल)