{"_id":"697d0d45245d6552aa03894e","slug":"chandel-period-kirat-sagar-will-be-included-in-one-district-one-wetland-scheme-mahoba-news-c-225-1-sknp1044-121997-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: एक जिला एक वेटलैंड योजना में शामिल होगा चंदेल कालीन कीरत सागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: एक जिला एक वेटलैंड योजना में शामिल होगा चंदेल कालीन कीरत सागर
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 31 Jan 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। प्रदेश सरकार की ''एक जिला एक वेटलैंड'' योजना के तहत महोबा के ऐतिहासिक कीरत सागर को शामिल किया जाएगा। इस कदम से वेटलैंड आधारित पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन और वन विभाग मिलकर इस स्थल को विकसित करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार कर रहे हैं। 82.52 हेक्टेयर में फैला यह सागर अपनी प्राकृतिक जैव विविधता के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है और अब यह जिले की नई पहचान बनने जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार, कीरत सागर को पहले कीरत सागर झील के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण चंदेल राजा कीर्ति वर्मन ने सन् 1060 से 1100 ई. के मध्य कराया था। यह स्थल ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सन् 1182 ई. में यहीं पर वीर आल्हा-ऊदल और पृथ्वीराज चौहान के बीच युद्ध हुआ था। प्रतिवर्ष रक्षा बंधन के दूसरे दिन से यहां ऐतिहासिक कजली मेला भी लगता है। कीरत सागर के नीचे से महोबा-चरखारी बाईपास मार्ग गुजरता है और झलकारी बाई तिराहा भी स्थित है। इस वेटलैंड में साल भर पर्याप्त जल रहता है और शरद ऋतु में यहां विभिन्न प्रवासी पक्षी आते हैं। यह जिलावासियों को एक आकर्षक जलाशय और मनोरंजन स्थल प्रदान करता है।
ये है वेटलैंड
वेटलैंड या आर्द्रभूमि जमीन का वह हिस्सा है जो साल भर या किसी विशेष मौसम में पानी से ढका रहता है। ये पारिस्थितिक तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि ये पानी को शुद्ध करने का कार्य करते हैं। साथ ही, ये जलीय और स्थलीय जीवों की जैव विविधता को सहारा प्रदान करते हैं।
कीरत सागर वेटलैंड: एक नजर
वेटलैंड का नाम: कीरत सागर
क्षेत्रफल: 82.52 हेक्टेयर
गहराई: 1-10 मीटर
नगर पालिका: महोबा
मुख्यालय से दूरी: 2 किमी
कीरत सागर को ''एक जिला एक वेटलैंड'' में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है और जल्द ही इसे विकसित किया जाएगा।
नरेंद्र सिंह सेंगर, प्रभागीय वनाधिकारी, महोबा,
Trending Videos
वन विभाग के अनुसार, कीरत सागर को पहले कीरत सागर झील के नाम से जाना जाता था। इसका निर्माण चंदेल राजा कीर्ति वर्मन ने सन् 1060 से 1100 ई. के मध्य कराया था। यह स्थल ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सन् 1182 ई. में यहीं पर वीर आल्हा-ऊदल और पृथ्वीराज चौहान के बीच युद्ध हुआ था। प्रतिवर्ष रक्षा बंधन के दूसरे दिन से यहां ऐतिहासिक कजली मेला भी लगता है। कीरत सागर के नीचे से महोबा-चरखारी बाईपास मार्ग गुजरता है और झलकारी बाई तिराहा भी स्थित है। इस वेटलैंड में साल भर पर्याप्त जल रहता है और शरद ऋतु में यहां विभिन्न प्रवासी पक्षी आते हैं। यह जिलावासियों को एक आकर्षक जलाशय और मनोरंजन स्थल प्रदान करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये है वेटलैंड
वेटलैंड या आर्द्रभूमि जमीन का वह हिस्सा है जो साल भर या किसी विशेष मौसम में पानी से ढका रहता है। ये पारिस्थितिक तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि ये पानी को शुद्ध करने का कार्य करते हैं। साथ ही, ये जलीय और स्थलीय जीवों की जैव विविधता को सहारा प्रदान करते हैं।
कीरत सागर वेटलैंड: एक नजर
वेटलैंड का नाम: कीरत सागर
क्षेत्रफल: 82.52 हेक्टेयर
गहराई: 1-10 मीटर
नगर पालिका: महोबा
मुख्यालय से दूरी: 2 किमी
कीरत सागर को ''एक जिला एक वेटलैंड'' में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है और जल्द ही इसे विकसित किया जाएगा।
नरेंद्र सिंह सेंगर, प्रभागीय वनाधिकारी, महोबा,
