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राम नाम का जाप सभी रोगों की दवा : डाॅ. अनुरागी
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फोटो 12 एमएएचपी 01 परिचय-सत्संग में रचना पेश करते समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी। स्रोत: समिति
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महोबा। शहर के कठकुलवापुरा स्थित संत कबीर आश्रम में रविवार को अमृतवाणी समिति ने सत्संग का आयोजन किया। समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि राम नाम का जाप सभी रोगों की दवा है। राम नाम में पाप और रोगों का नाश करने की असीम शक्ति है। इस दौरान साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं पेश कर माहौल को भक्तिमय बनाया।
सत्संग की शुरुआत वंदना जय कबीर जय गुरु कबीरा से हुई। डॉ. अनुरागी ने बताया कि वाल्मीकि ने राम का उल्टा नाम जपकर डाकू से आदि कवि का दर्जा प्राप्त किया। उन्होंने कबीर के दोहे का भी जिक्र किया जिसमें राम नाम की लूट का महत्व बताया गया है।
पं. हरिशंकर नायक ने कहा कि राम का नाम भाव या कुभाव से जपने पर दसों दिशाओं में मंगल होता है। पं. अवधेश अवस्थी ने मानव विकास के लिए राम नाम मणि दीप घर जींह देहरी द्वार की व्याख्या की। पं. जगदीश रिछारिया ने रचना तूने कबहु न कृष्ण कहयो प्रस्तुत की। कामता प्रसाद चौरसिया ने भजन अंखियां हरि दर्शन की प्यासी सुनाया। रामऔतार सेन ने भजन कब भजहौ सतनाम प्रस्तुत किया। कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना आध्यात्मिक ज्ञान की ज्योति जलाइए सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर साध्वी सुनीता अनुरागी, राजाराम चौरसिया, लखनलाल, रामेश्वर, पप्पू सेन, विनोद और कमलापत सहित कई लोग मौजूद रहे।
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सत्संग की शुरुआत वंदना जय कबीर जय गुरु कबीरा से हुई। डॉ. अनुरागी ने बताया कि वाल्मीकि ने राम का उल्टा नाम जपकर डाकू से आदि कवि का दर्जा प्राप्त किया। उन्होंने कबीर के दोहे का भी जिक्र किया जिसमें राम नाम की लूट का महत्व बताया गया है।
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पं. हरिशंकर नायक ने कहा कि राम का नाम भाव या कुभाव से जपने पर दसों दिशाओं में मंगल होता है। पं. अवधेश अवस्थी ने मानव विकास के लिए राम नाम मणि दीप घर जींह देहरी द्वार की व्याख्या की। पं. जगदीश रिछारिया ने रचना तूने कबहु न कृष्ण कहयो प्रस्तुत की। कामता प्रसाद चौरसिया ने भजन अंखियां हरि दर्शन की प्यासी सुनाया। रामऔतार सेन ने भजन कब भजहौ सतनाम प्रस्तुत किया। कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना आध्यात्मिक ज्ञान की ज्योति जलाइए सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इस मौके पर साध्वी सुनीता अनुरागी, राजाराम चौरसिया, लखनलाल, रामेश्वर, पप्पू सेन, विनोद और कमलापत सहित कई लोग मौजूद रहे।
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