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Mahoba News: आय से अधिक संपत्ति में इंस्पेक्टर पर प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sat, 14 Mar 2026 12:19 AM IST
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महोबा। पत्थरमंडी कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में चल रही जांच में वर्ष 2020 में महोबा में तैनात रहे निरीक्षक के खिलाफ शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी की ओर से की गई जांच में 23.83 लाख की आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई है।
मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ को सौंपी गई है। इससे पहले 14 से अधिक पुलिस कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लगी थी और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले की जांच एसआईटी ने की थी।
मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पाए गए थे। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वर्ष 2020 में जिले में तैनात रहे सभी निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है। पुलिस महानिदेशक लखनऊ की ओर से इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन को सौंपी गई थी। जांच में जनपद कानपुर देहात के थाना बरौर के अंगदपुर निवासी निरीक्षक विपिन कुमार त्रिवेदी वर्ष 2020 में महोबा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात थे।
वर्तमान में वह सीबीसीआईडी प्रयागराज में संबद्ध हैं। भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक शादाब खान ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जांच में तत्कालीन निरीक्षक विपिन कुमार त्रिवेदी के पास आय अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई है। जांच के लिए निर्धारित अवधि में उन्होंने अपनी आय के सभी ज्ञात व वैध स्रोतों से एक करोड़ 38 लाख 95 हजार 850 रुपये अर्जित किए। इसी अवधि में उनके द्वारा चल-अचल संपत्तियों के अर्जन एवं भरण-पोषण पर एक करोड़ 62 लाख 79 हजार 532 रुपये खर्च किया। जो आय की तुलना में 23 लाख 83 हजार 662 रुपये अधिक है। वह इस संबंध में निरीक्षक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
उन पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक ने शहर कोतवाली में आय से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज कराई है। कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार पांडेय का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जिसकी जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ करेगी।
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मामले की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ को सौंपी गई है। इससे पहले 14 से अधिक पुलिस कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लगी थी और 13 सितंबर को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले की जांच एसआईटी ने की थी।
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मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, व्यापारी सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पाए गए थे। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। वर्ष 2020 में जिले में तैनात रहे सभी निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है। पुलिस महानिदेशक लखनऊ की ओर से इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन को सौंपी गई थी। जांच में जनपद कानपुर देहात के थाना बरौर के अंगदपुर निवासी निरीक्षक विपिन कुमार त्रिवेदी वर्ष 2020 में महोबा में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात थे।
वर्तमान में वह सीबीसीआईडी प्रयागराज में संबद्ध हैं। भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक शादाब खान ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जांच में तत्कालीन निरीक्षक विपिन कुमार त्रिवेदी के पास आय अधिक संपत्ति की पुष्टि हुई है। जांच के लिए निर्धारित अवधि में उन्होंने अपनी आय के सभी ज्ञात व वैध स्रोतों से एक करोड़ 38 लाख 95 हजार 850 रुपये अर्जित किए। इसी अवधि में उनके द्वारा चल-अचल संपत्तियों के अर्जन एवं भरण-पोषण पर एक करोड़ 62 लाख 79 हजार 532 रुपये खर्च किया। जो आय की तुलना में 23 लाख 83 हजार 662 रुपये अधिक है। वह इस संबंध में निरीक्षक कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
उन पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक ने शहर कोतवाली में आय से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज कराई है। कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार पांडेय का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जिसकी जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ करेगी।