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Mahoba News: 1,500 रुपये का बिल, अब नहीं भर पाऊंगा...
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Fri, 01 May 2026 12:50 AM IST
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महोबा। कीरत सागर पावर हाउस में बृहस्पतिवार की दोपहर पहुंचे एक उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर के झमेले को देखते हुए बिजली निगम के सामने घुटने ही टेक दिए। वृद्ध मजदूर ने कहा कि वह इस माह तीन बार में 1,500 रुपये जमा कर चुका हूं जबकि उसके घर में केवल एक टेबल फैन और दो एलईडी बल्ब हैं। वह इतना बिल नहीं भर सकता है, या तो कनेक्शन ही काट दो या फिर पुराना मीटर लगा दो। विभागीय कर्मियों ने उसे भी हर ग्राहक की तरह एडवांस बैलेंस जमा करने की सलाह दी तो उपभोक्ता वहां से अपनी किस्मत को कोसते हुए चला गया।
शहर के मोहल्ला भटीपुरा निवासी दीनदयाल दोपहर को कीरत सागर पॉवर हाउस पहुंचा और 500 रुपये जमा कर रसीद ली। पेड़ के नीचे बैठकर वह अपने कीपैड वाले मोबाइल से बिल की रकम को देख रहा था।
पूछने पर बताया कि उसका दो कमरे का मकान है। वह अपनी पत्नी, तीन नाती व एक बेटी के साथ रहता है। घर में केवल एक टेबल फैन और दो एलईडी बल्ब है। न तो टीवी है, न फ्रिज, न कूलर और न ही टिल्लू पंप या सबमर्सिबल।
एक अप्रैल से अब तक वह तीन बार में 1,500 रुपये एडवांस पैसा जमा कर चुका है। मीटर बहुत ही अधिक तेज चल रहा है। उसने कर्मचारियों से कहा कि अब वह बिल नहीं भर पाएगा। उसका पुराना मीटर लगा दिया जाए।
इसी तरह शहर के रहेलिया निवासी संतोष ने बताया कि वह राजमिस्त्री है। परिवार समेत दिल्ली में रहता है। महोबा में दस बाई 12 का एक कमरे का मकान है। जिसमें दो पंखे व तीन बल्ब चलते हैं। उसका बकाया भी नहीं है। उसने 25 अप्रैल को 500 रुपये का रिचार्ज कराया था। 27 अप्रैल को मैसेज आया कि स्मार्ट मीटर में चार रुपये बचे हैं। यह देख वह परेशान हो गया। तुरंत पावर हाउस आकर फिर से रिचार्ज कराया। तीन दिन के अंदर 500 रुपये की बिजली खर्च हो गई। करीब 166 रुपये की बिजली उसने रोज खर्च की जबकि घर में केवल दो पंखे ही चलते है। संतोष ने कहा कि मीटर अधिक रीडिंग बनाकर अधिक रुपया खर्च करता है।
उधर, अधीक्षण अभियंता लक्ष्मीशंकर ने बताया कि उपभोक्ता नजदीक के बिजली निगम के ऑफिस पहुंचकर शिकायत करें और एक चेक मीटर लगाने का आवेदन करें। निगम की ओर से उपभोक्ताओं के चेक मीटर लगाकर खपत की जांच की जाएगी। किसी से अधिक बिल नहीं लिया जाता है।
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शहर के मोहल्ला भटीपुरा निवासी दीनदयाल दोपहर को कीरत सागर पॉवर हाउस पहुंचा और 500 रुपये जमा कर रसीद ली। पेड़ के नीचे बैठकर वह अपने कीपैड वाले मोबाइल से बिल की रकम को देख रहा था।
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पूछने पर बताया कि उसका दो कमरे का मकान है। वह अपनी पत्नी, तीन नाती व एक बेटी के साथ रहता है। घर में केवल एक टेबल फैन और दो एलईडी बल्ब है। न तो टीवी है, न फ्रिज, न कूलर और न ही टिल्लू पंप या सबमर्सिबल।
एक अप्रैल से अब तक वह तीन बार में 1,500 रुपये एडवांस पैसा जमा कर चुका है। मीटर बहुत ही अधिक तेज चल रहा है। उसने कर्मचारियों से कहा कि अब वह बिल नहीं भर पाएगा। उसका पुराना मीटर लगा दिया जाए।
इसी तरह शहर के रहेलिया निवासी संतोष ने बताया कि वह राजमिस्त्री है। परिवार समेत दिल्ली में रहता है। महोबा में दस बाई 12 का एक कमरे का मकान है। जिसमें दो पंखे व तीन बल्ब चलते हैं। उसका बकाया भी नहीं है। उसने 25 अप्रैल को 500 रुपये का रिचार्ज कराया था। 27 अप्रैल को मैसेज आया कि स्मार्ट मीटर में चार रुपये बचे हैं। यह देख वह परेशान हो गया। तुरंत पावर हाउस आकर फिर से रिचार्ज कराया। तीन दिन के अंदर 500 रुपये की बिजली खर्च हो गई। करीब 166 रुपये की बिजली उसने रोज खर्च की जबकि घर में केवल दो पंखे ही चलते है। संतोष ने कहा कि मीटर अधिक रीडिंग बनाकर अधिक रुपया खर्च करता है।
उधर, अधीक्षण अभियंता लक्ष्मीशंकर ने बताया कि उपभोक्ता नजदीक के बिजली निगम के ऑफिस पहुंचकर शिकायत करें और एक चेक मीटर लगाने का आवेदन करें। निगम की ओर से उपभोक्ताओं के चेक मीटर लगाकर खपत की जांच की जाएगी। किसी से अधिक बिल नहीं लिया जाता है।
