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Mahoba News: खेत पांच बीघा का और 400 बीघा में बीमा कराकर हड़प लिया क्लेम
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:13 AM IST
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महोबा। फसल बीमा योजना में रबी-2024 सीजन में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। केवल पांच बीघा के खेत में 400 बीघा फसल की न सिर्फ बोआई दिखाई गई बल्कि नुकसान का दावा करते हुए भारी भरकम क्लेम भी हड़प लिया। बीमा कराने वाले 38 लोग क्लेम लेकर रफूचक्कर हो गए, लेकिन असली किसान को इसकी भनक भी नहीं लग सकी। किसान नेता रबी सीजन में हुई गड़बड़ी की जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। वर्ष 2024 में खरीफ की फसल में नदी, तालाब, मंदिर, पहाड़, वन विभाग, बंजर जमीन समेत किसानों की निजी जमीनों पर चोरी-चुपके अपने नाम से बीमा कराया गया और फसल में नुकसान दिखाकर फर्जीवाड़ा करते हुए भारी भरकम क्लेम हड़पा गया। करीब 40 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच चल रही है कि इसी वर्ष के रबी सीजन में भी गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं।
रबी-2024 सीजन में एक अलग प्रकार का मामला सामने आया है। कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र के महुआ-इटौरा ग्राम पंचायत की दिनई मौजा में नृपत सिंह के नाम पर गाटा संख्या 979/1 पर 0.862 हेक्टेयर जमीन दर्ज है। लगभग पांच बीघा क्षेत्रफल की इस जमीन पर अलग-अलग जगहों में रहने वाले 38 लोगों ने फसल बीमा कराया। इसी गाटा संख्या पर कुल 68 हेक्टेयर से ज्यादा यानि लगभग 400 बीघा जमीन पर फसल की बोआई इन 38 घोटालेबाजों ने दिखाई। बीमा कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार इस जमीन पर घोटालेबाजों में से 17 ने मटर व 21 ने चना की फसल बोई। इस फसल में भारी नुकसान हुआ और बीमा कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों ने सर्वे करते हुए व्यक्तिगत क्लेम के आधार पर फसल बीमा कराने वाले इन किसानों को लाखों रुपये का क्लेम भी भुगतान किया गया। जिस किसान के नाम पर यह जमीन है, उसने न तो बीमा कराया और न ही उसे कोई क्लेम मिला। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि इस तरह की अंधेरगर्दी करके फसल बीमा में फर्जीवाड़ा हुआ है लेकिन न तो कृषि विभाग और न ही जिला प्रशासन रबी-2024 में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए तैयार है।
दशमलव का स्थान बदला और हो गया घोटाला
कुलपहाड़ तहसील की ग्राम पंचायत महुआ-इटौरा के दिनई मौजा में नृपत सिंह के नाम पर गाटा संख्या 979/1 पर वर्तमान में 0.862 हेक्टेयर जमीन दर्ज है लेकिन पुरानी खतौनी में इस जमीन का रकबा 862 हेक्टेयर दिखाया गया है। राजस्व रिकाॅर्ड में जमीन के रकबा यानि क्षेत्रफल में राजस्व विभाग के कर्मचारी दशमलव लगाना भूल गए और पांच बीघा की जमीन का क्षेत्रफल बढ़कर लगभग पांच हजार बीघा हो गया। बीमा घोटाला करने वालों ने राजस्व विभाग की दशमलव वाली इसी भूल का फायदा उठाया और 400 बीघा क्षेत्रफल में फसल बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया है।
सही दिशा में जांच के लिए करेंगे यज्ञ
फसल बीमा घोटाले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सदर तहसील में जय जवान जय किसान एसोसिएशन के बैनर तले धरना प्रदर्शन चल रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने बताया कि जांच की दिशा सही रहे, इसलिए वह बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे से हवन करेंगे। इसमें क्षेत्र के अनेक किसान हिस्सा लेकर ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि घोटाले की जांच सही दिशा में जाए और फसल बीमा योजना का लाभ वास्तविक किसानों को मिले।
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जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। वर्ष 2024 में खरीफ की फसल में नदी, तालाब, मंदिर, पहाड़, वन विभाग, बंजर जमीन समेत किसानों की निजी जमीनों पर चोरी-चुपके अपने नाम से बीमा कराया गया और फसल में नुकसान दिखाकर फर्जीवाड़ा करते हुए भारी भरकम क्लेम हड़पा गया। करीब 40 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच चल रही है कि इसी वर्ष के रबी सीजन में भी गड़बड़ियां सामने आने लगी हैं।
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रबी-2024 सीजन में एक अलग प्रकार का मामला सामने आया है। कुलपहाड़ तहसील क्षेत्र के महुआ-इटौरा ग्राम पंचायत की दिनई मौजा में नृपत सिंह के नाम पर गाटा संख्या 979/1 पर 0.862 हेक्टेयर जमीन दर्ज है। लगभग पांच बीघा क्षेत्रफल की इस जमीन पर अलग-अलग जगहों में रहने वाले 38 लोगों ने फसल बीमा कराया। इसी गाटा संख्या पर कुल 68 हेक्टेयर से ज्यादा यानि लगभग 400 बीघा जमीन पर फसल की बोआई इन 38 घोटालेबाजों ने दिखाई। बीमा कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार इस जमीन पर घोटालेबाजों में से 17 ने मटर व 21 ने चना की फसल बोई। इस फसल में भारी नुकसान हुआ और बीमा कंपनी के अधिकारियों-कर्मचारियों ने सर्वे करते हुए व्यक्तिगत क्लेम के आधार पर फसल बीमा कराने वाले इन किसानों को लाखों रुपये का क्लेम भी भुगतान किया गया। जिस किसान के नाम पर यह जमीन है, उसने न तो बीमा कराया और न ही उसे कोई क्लेम मिला। किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत का कहना है कि इस तरह की अंधेरगर्दी करके फसल बीमा में फर्जीवाड़ा हुआ है लेकिन न तो कृषि विभाग और न ही जिला प्रशासन रबी-2024 में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए तैयार है।
दशमलव का स्थान बदला और हो गया घोटाला
कुलपहाड़ तहसील की ग्राम पंचायत महुआ-इटौरा के दिनई मौजा में नृपत सिंह के नाम पर गाटा संख्या 979/1 पर वर्तमान में 0.862 हेक्टेयर जमीन दर्ज है लेकिन पुरानी खतौनी में इस जमीन का रकबा 862 हेक्टेयर दिखाया गया है। राजस्व रिकाॅर्ड में जमीन के रकबा यानि क्षेत्रफल में राजस्व विभाग के कर्मचारी दशमलव लगाना भूल गए और पांच बीघा की जमीन का क्षेत्रफल बढ़कर लगभग पांच हजार बीघा हो गया। बीमा घोटाला करने वालों ने राजस्व विभाग की दशमलव वाली इसी भूल का फायदा उठाया और 400 बीघा क्षेत्रफल में फसल बीमा कराकर क्लेम हड़प लिया है।
सही दिशा में जांच के लिए करेंगे यज्ञ
फसल बीमा घोटाले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सदर तहसील में जय जवान जय किसान एसोसिएशन के बैनर तले धरना प्रदर्शन चल रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने बताया कि जांच की दिशा सही रहे, इसलिए वह बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे से हवन करेंगे। इसमें क्षेत्र के अनेक किसान हिस्सा लेकर ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि घोटाले की जांच सही दिशा में जाए और फसल बीमा योजना का लाभ वास्तविक किसानों को मिले।
