{"_id":"69b9a0fe244b6731fc0a3da4","slug":"the-corporations-contracted-buses-will-run-from-the-gram-panchayats-to-the-block-and-tehsil-mahoba-news-c-225-1-mah1012-123413-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: ग्राम पंचायतों से ब्लॉक व तहसील तक चलेंगी निगम की अनुबंधित बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: ग्राम पंचायतों से ब्लॉक व तहसील तक चलेंगी निगम की अनुबंधित बसें
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:14 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। चुनावों से पहले शासन ने ग्राम पंचायतों में रहने वाले नागरिकों को सुगम यातायात देने के लिए बसों की व्यवस्था करनी शुरू कर दी है। यह बसें परिवहन निगम से अनुबंधित होंगी। शासन के निर्देश पर महोबा में निजी बस चालकों से अपनी बसों को रोडवेज से अनुबंधित करने की पहल शुरू कर दी गई है।
खास बात यह है कि रोडवेज, निजी बसों को केवल निगम का लोगो और रंग देगा जबकि बसों के चालक, परिचालक व किराया, बस मालिक ही तय करेंगे और वही इन्हें नियंत्रित करेंगे। बसों का मुख्य रूट ग्राम पंचायतों से होते हुए ब्लॉक व तहसील मुख्यालय होगा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीणांचलों के लोगों के लिए यह सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत महोबा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से ग्राम पंचायतों में रहने वाले बस मालिकों को अपनी बसों को रोडवेज से अनुबंधित करने के लिए आवेदन करने को कहा जा रहा है। इसकी अंतिम तारीख 28 मार्च रखी गई है।
जैसे ही बस मालिक अपनी बसों को नियमों के अनुसार अनुबंधित करते हैं तो बसों के रंग को रोडवेज बसों की तरह किया जाएगा और परिवहन निगम का लोगो भी बना दिया जाएगा। इसके बाद बस मालिक अपनी बसों को ग्राम पंचायतों से होते हुए ब्लॉक व तहसील मुख्यालय तक लाएंगे। बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों से जो किराया लेना है, उसका निर्धारण बस मालिक ही करेंगे। बस का किराया रोडवेज के किराए से अधिक नहीं होना चाहिए।
बस मालिक यात्रियों की सुविधा के अनुसार उन्हें महोबा मुख्यालय तक भी ला सकते हैं। महोबा डिपो प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि बस पंजीयन तिथि से आठ साल से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए और 15 से 28 सीट वाली बसों को ही 10 साल के लिए अनुबंधित किया जाएगा। सीएनजी और इलेक्ट्रिक बस होगी तो वह 15 साल के लिए अनुबंधित की जा सकती है।
Trending Videos
खास बात यह है कि रोडवेज, निजी बसों को केवल निगम का लोगो और रंग देगा जबकि बसों के चालक, परिचालक व किराया, बस मालिक ही तय करेंगे और वही इन्हें नियंत्रित करेंगे। बसों का मुख्य रूट ग्राम पंचायतों से होते हुए ब्लॉक व तहसील मुख्यालय होगा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीणांचलों के लोगों के लिए यह सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत महोबा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से ग्राम पंचायतों में रहने वाले बस मालिकों को अपनी बसों को रोडवेज से अनुबंधित करने के लिए आवेदन करने को कहा जा रहा है। इसकी अंतिम तारीख 28 मार्च रखी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जैसे ही बस मालिक अपनी बसों को नियमों के अनुसार अनुबंधित करते हैं तो बसों के रंग को रोडवेज बसों की तरह किया जाएगा और परिवहन निगम का लोगो भी बना दिया जाएगा। इसके बाद बस मालिक अपनी बसों को ग्राम पंचायतों से होते हुए ब्लॉक व तहसील मुख्यालय तक लाएंगे। बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों से जो किराया लेना है, उसका निर्धारण बस मालिक ही करेंगे। बस का किराया रोडवेज के किराए से अधिक नहीं होना चाहिए।
बस मालिक यात्रियों की सुविधा के अनुसार उन्हें महोबा मुख्यालय तक भी ला सकते हैं। महोबा डिपो प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि बस पंजीयन तिथि से आठ साल से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए और 15 से 28 सीट वाली बसों को ही 10 साल के लिए अनुबंधित किया जाएगा। सीएनजी और इलेक्ट्रिक बस होगी तो वह 15 साल के लिए अनुबंधित की जा सकती है।